महिला पुलिस थाना- यहां आसानी से करें शिकायत

महिला पुलिस थाना- यहां आसानी से करें महिला अपराधों की शिकायत

महिला पुलिस थाने(Woman Police Station) महिला अपराधों को रोकने में प्रभावी साबित हो रहे हैं। इस ब्लॉग में जाने महिला थानों से जुड़ी सभी बातें।

25 January 2021

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  • महिला सुरक्षा हमारे देश का एक बड़ा मुद्दा है। यही वजह है कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए(Women Empowerment) उनका जागरूक होना बेहद जरूरी है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। लेकिन ये भी सच है कि महिलाओं के साथ होने वाले अनगिनत अपराध दर्ज ही नहीं किए जाते। इसमें कई बार पीड़ित महिला ही आवाज़ नहीं उठाती तो कई बार उन पर दबाव बनाकर चुप करवा दिया जाता है।

     

    महिलाएं अपराधों के खिलाफ आवाज़ उठाने में सक्षम हों इसके लिए देश में हर जगह महिला पुलिस थाने (Woman Police Station) खोले जा रहे हैं।

     

    महिला थानों में  महिलाएं बे झिझक अपनी शिकायतें दर्ज करा सकती हैं। चूंकि महिलाएं ही महिलाओं के मुद्दों को लेकर ज्यादा संवेदनशील होती हैं। इस ब्लॉग में हम महिला थानों से जुड़े सभी पहलुओं पर चर्चा करेंगे जिसमें आपको इन मुख्य सवालों के जवाब मिल पाएंगे-

     

    सामान्य पुलिस स्टेशन( Police Station) में महिलाओं को क्या समस्याएं आती हैं?

    महिला पुलिस थाना  (Woman Police Station) क्या है?

    महिला थानों (Woman Police Station) में किन अपराधों की शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है?

    महिला थानों (Woman Police Station) में कार्रवाई की प्रक्रिया क्या है?

    महिला डेस्क क्या है?

     

    सामान्य पुलिस स्टेशन में महिलाओं के लिए समस्याएं

     

    हमारे देश में आम आदमी थाने और पुलिस का नाम सुनकर वैसे ही घबरा जाते हैं। महिलाएं  तो शिकायत दर्ज करवाने तक से हिचकती हैं। शिकायत करवाने की हिम्मत जुटाने पर भी सामान्य पुलिस थानों में महिलाएं पुरुष स्टाफ के सामने खुलकर अपनी बात नहीं कह पातीं । इससे संवेदनशील मामलों में कई बार ज़रूरी  कार्रवाई नहीं हो पाती और महिलाओं को इंसाफ नहीं मिल पाता।

     

    महिला पुलिस थाना

     

    महिला थानों के स्टाफ में थाना इंचार्ज से लेकर कॉन्स्टेबल पद पर पुलिसकर्मी महिलाएं ही होती हैं। यहां पर काम करने वाली महिला पुलिसकर्मियों को महिलाओं से जुड़े संवेदनशील मामलों को हैंडल करने की स्पेशल ट्रेनिंग दी जाती है। इससे महिलाओं को शिकायत दर्ज करवाने में आसानी  होती है और वे बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी बात कह सकती हैं।

     

    आमतौर पर देश भर में जिला स्तर पर महिला थाने खोले गए हैं, लेकिन महिलाओं को मिलने वाली सुविधाओं को देखते हुए कई राज्यों में उप मंडल स्तर पर महिला थाने खोलने की कवायद जारी है। 


     

    जानें महिला पुलिस थानों से जुड़ी ज़रूरी बातें

     


     

    महिला थानों में कर सकते हैं इन अपराधों की शिकायत

     

    महिला थानों में जाकर कोई महिला उसके साथ हुए किसी भी अपराध की शिकायत दर्ज करवा सकती है। यहां पर मुख्य तौर पर घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, छेड़छाड़, बलात्कार आदि मामलों की शिकायत की जा सकती है।

     

    महिला थानों में कार्रवाई की प्रक्रिया

     

    महिला थानोंं में कार्रवाई की प्रक्रिया सामान्य थानों की तरह ही होती है। यहां पर महिला पुलिसकर्मियों द्वारा ही महिला की शिकायतें लिखी जाती हैं और उनके साथ उनके साथ हुए अपराध के बारे में सवाल किए जाते हैं। सामान्य पुलिस थानों में जहां सीधे शिकायत दर्ज की जाती है वहीं, महिला पुलिस थानों में पीड़ित महिलाओं को कॉउंसलिंग भी मुहैया करवाई जाती है।

     

    अपराध की घटना के बाद कोई भी पीड़ित सदमे की स्थिति में होता है और महिलाएं ऐसी स्थिति में ज्यादा घबरा जाती हैं। इसी तरह की स्थिति को संभालने के लिए महिला थानों में कार्यरत महिला पुलिसकर्मियों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाता है।


     

    जानें महिला पुलिस थानों से जुड़ी ज़रूरी बातें

     


     

    महिला डेस्क

     

    सामान्य पुलिस थानों में अब सरकार द्वारा महिला डेस्क की स्थापना पर भी बल दिया जा रहा है। इसमें पुलिस स्टेशन में अलग से एक डेस्क बनाई जाती है, जिसमें महिलाएं अपनी शिकायत दर्ज करवा सकती हैं।

     

    तो यदि आप या आपकी कोई परिचित महिला किसी भी तरह के अपराध की शिकायत दर्ज करवाने के लिए पुलिस स्टेशन जाने में असहज हैं तो नज़दीकी महिला थाने में जाएं। यहां पर महिलाएं बिना किसी झिझक के अपनी बात महिला पुलिस कर्मियों(Women Police Station) से कर सकती हैं। Knitter पर आप महिलाओं से जुड़े अन्य कई मुद्दों पर ब्लॉग पढ़ सकते हैं।

     

    ✍️लेखक- मोहित वर्मा          

     



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