भारत को वॉट्सएप की शर्त मंज़ूर नहीं, क्या चाहता है Whatsapp?

वॉट्सएप से क्यों नाराज़ हैं भारतीय? यहां जानें पूरी जानकारी

वॉट्सएप ने अपने यूज़र्स के सामने नई प्राइवेसी पॉलिसी रखी है। इसके बाद भारतीयों ने इस मैसेंजर से दूरी बना ली है। आखिर क्या हैं ये शर्तें? आइए जानिए।।

16 February 2021

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  • फेसबुक अधिकृत सोशल मैसेजिंग ऐप वॉट्सएप (whatsapp) की प्राइवेसी पॉलिसी (privacy policy) पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। ये पॉलिसी केवल भारतीय यूज़र्स के लिए थी। पॉलिसी पर सवाल उठ रहे हैं  कि क्या वॉट्सएप भारतीयों की निजता के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश कर रहा है।

     

    5 जनवरी को वॉट्सएप ने इस नई पॉलिसी का ऐलान किया था। कंपनी के मुताबिक, 8 फरवरी को इसे लागू किया जाना था। लेकिन, लगातार विरोध और सरकार की सख्ती के बाद इसे 3 महीनों के लिए टाल दिया गया। लेकिन, इन सबके बीच बड़ा सवाल ये है कि आखिर क्यों भारत के लिए वॉट्सएप इस नई प्राइवेसी पॉलिसी (whatsapp new privacy policy) को लाया? इस बात को समझने के लिए पहले वॉट्सएप की नई पॉलिसी को समझिए।

     

    भारत को वॉट्सएप की शर्तें  मंज़ूर नहीं, क्या चाहता है Whatsapp?

     

    ये पॉलिसी में था

     

    वॉट्सएप  ने नई पॉलिसी में कहा था कि वह यूज़र्स के डेटा को फेसबुक सहित पैरेंट कंपनी के साथ शेयर करेगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी की तरफ से ये कहा गया था कि सूचनाएं शेयर करने के बाद ही यूज़र्स इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, बाद में कंपनी ने इसे ऑप्शनल बताया था। इस ऐलान के बाद ही वॉट्सएप को करारा झटका लगा था। एक सर्वे के मुताबिक. भारत में Whatsapp के डाउनलोड में 35 फीसदी की कमी आई है। हालांकि, विरोध के बाद WhatsApp ने अपनी पॉलिसी अपडेट की डेडलाइन को फरवरी से बढ़ाकर 15 मई कर दिया है।

     

    ये जवाब मिला था

     

    इस पॉलिसी पर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने संज्ञान लेते हुए वॉट्सएप के CEO विल कैथकार्ट को पत्र लिखा था। इस पत्र के जवाब में वॉट्सऐप ने कहा था कि यूज़र्स की ओर से उनके निजी चैट या निजी ग्रुप्स में भेजे गए संदेश एंड टू एंड एन्क्रिप्ट ही बने रहेंगे और अन्य व्यक्ति या वॉट्सऐप इन संदेशों तक नहीं पहुंच सकता है।

     

    नए विकल्प की तलाश तेज़

     

    नई पॉलिसी से विवाद के बाद बड़ी संख्या में यूज़र वॉट्सएप को छोड़कर टेलीग्राम और सिग्नल से जुड़ रहे हैं। एक सर्वे के मुताबिक, भारत में वॉट्सएप के पास केवल 18 पर्सेंट यूज़र्स ही रह सकते हैं। वहीं, 36 पर्सेंट यूज़र्स इसके कम इस्तेमाल करने की बात कर रहे हैं। एक और रिपोर्ट बताती है कि सिग्नल और टेलीग्राम को 1 जनवरी से 5 जनवरी के बीच 13 लाख डाउनलोड मिले हैं। 

     

    सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस

     

    इस नई पॉलिसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी वॉट्सएप(WhatsApp) और फेसुबक (Facebook) नोटिस देते हुए यूज़र्स की प्राइवेसी को लेकर चिंता जाहिर की है। 

     

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    ✍️ लेखक- नितिन गुप्ता 

     

     



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