हैंडराइटिंग का महत्व और इसे सुधारने के आसान तरीके

जानें, अच्छी हैंडराइटिंग कितनी ज़रूरी? कैसे करियर पर पड़ता है फर्क?

हैंडराइटिंग किसी भी इंसान का पहला इम्प्रैशन होती है। इससे प्रत्येक व्यक्ति की अपनी एक अलग पहचान होती है। आइए, सुंदर हैंडराइटिंग के महत्व को जानें...

17 January 2021

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  • दुनिया में सभी लोगों की हैंडराइटिंग यूनिक होती है। हैंडराइटिंग (Handwriting) व्यक्तित्व की पहचान करने में मदद करती है। खासतौर पर विद्यार्थियों के लिए यह महत्वपूर्ण होती है। विषय पर अच्छी पकड़ होने के बावजूद खराब हैंडराइटिंग के चलते आपको परीक्षा में कम नंबर मिल सकते हैं। कॉपी जांचने वाले को आपकी खराब हैंडराइटिंग की वजह से आपके उत्तर समझने में दिक्कत हो सकती है। Knitter के इस ब्लॉग में हम जानेंगे अच्छी हैंडराइटिंग का महत्व और इसे सुधारने के कुछ सरल तरीके।

     

    आइए सबसे पहले जानते हैं कि हैंडराइटिंग यानी लिखावट क्या है?

     

    हैंडराइटिंग क्या है?

    • हैंडराइटिंग को ‘राइटिंग ऑफ ब्रेन’ कहा जाता है, क्योंकि इसके ज़रिए ही हैंडराइटिंग स्पेशलिस्ट लिखने वाले के व्यक्तित्व को जान पाते हैं।
    • हैंडराइटिंग किसी भी इंसान का पहला इम्प्रैशन होती है। इससे प्रत्येक व्यक्ति की अपनी एक पहचान होती है।
    • हैंडराइटिंग आपकी कमजोरी, सकारात्मक स्वभाव, सेहत और आप कितने महत्वाकांक्षी हैं? इन सभी बातों के बारे में बताती है।
    • हैंडराइटिंग का प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में महत्व होता है, चाहे स्कूल हो, कॉलेज हो या फिर आपकी नौकरी सभी जगह अच्छी हैंडराइटिंग होना महत्वपूर्ण है।

     

    तो आइए अब जानते हैं, हैंडराइटिंग सुधारने के 5 टिप्स

     

    1. अक्षरों को पूरा और सही लिखें

    अच्छी हैंडराइटिंग लिखने का सबसे पहला नियम है कि प्रत्येक अक्षर को पूरा और सही तरीके से लिखें। अक्षरों के बीच में दूरी बराबर होनी चाहिए। इससे आपका लिखा हुआ लेख साफ और सुन्दर दिखेगा।

     

    अक्षरों की स्थिति सीधी हो। अक्षर टेढ़े-मेढ़े नहीं होना चाहिए। यदि आपकी लिखावट सीधी नहीं है, तो यह पढ़ने और समझने में बहुत मुश्किल होगी, साथ ही यह देखने में भी अच्छी नहीं लगेगी।

     

    2. अक्षरों के आकार पर ध्यान दें

     

    अक्षर का सामान्य आकार का होना भी एक अच्छी हैंडराइटिंग में मदद करता है। लिखावट न तो बहुत छोटी न ज़रूरत से ज़्यादा बड़ी होनी चाहिए। अक्षरों और शब्दों का आकार सामान्य होना चाहिए, जिससे पढ़ने में आसानी हो।

     

    3. लिखने में जल्दबाजी न करें

     

    आप अपनी हैंडराइटिंग को तभी सुधार पाएंगे, जब आप लिखने में जल्दबाजी नहीं करेंगे। शुरुआत में अक्षरों के मूल रूप को बनाये रखने के लिए धीरे-धीरे लिखें। जल्दबाजी नहीं करें क्योंकि जल्दबाजी में अक्षरों की बनावट खराब हो जाती है।

     

    एक बार जब सही लिखने की आदत हो जाए तो जल्दी लिखने पर भी एकाग्रता पूर्वक लिखें। यदि एक बार आपको सही लिखने की आदत हो जाएगी तो बाद में आप तेज़ लिखने पर भी सुंदर लिख पाएंगे।

     

    4. लिखते वक्त सही पोजीशन में बैठें

     

    लिखते समय सही पोजीशन,में बैठना बहुत ज़रूरी होता है। लिखने का सही तरीका यही होता है कि आप किसी समतल जगह पर बैठें। स्टडी टेबल की ऊंचाई सही होनी चाहिए। टेबल इतनी ऊंची होनी चाहिए, जिस पर आप आराम से कोहनियां टिका कर लिख सके। साथ ही कुर्सी भी ऐसी होनी चाहिए, जिस पर बैठने पर आपके पैर आसानी से ज़मीन तक पहुंच जाएं।

     

    5. हैंडराइटिंग का अभ्यास करें

     

    अच्छी हैंडराइटिंग बहुत प्रयास के बाद ही आती है। इसके लिए ज़रूरी है कि आप लिखने का बार-बार अभ्यास करें, क्योंकि “Practice makes a man perfect.” प्रैक्टिस से ही लिखावट में निश्चित तौर पर सुधार होगा।

     

    करियर के लिए अच्छी हैंडराइटिंग है जरूरी

     

    अच्छी हैंडराइटिंग के फायदे

    • यदि आपकी हैंडराइटिंग देखने में साफ और सुंदर है तो आपको इससे बहुत फायदे होते हैं।
    • अच्छी हैंडराइटिंग की वजह से कॉपी जांचने वाले को आपके उत्तर पढ़ने में दिक्कत नहीं होती है।
    • अच्छी हैंडराइटिंग से परीक्षा में बेहतर परिणाम देखने को मिलता है।
    • अच्छी हैंडराइटिंग आपके करियर में चार चांद लगा सकती है।
    • अच्छी हैंडराइटिंग से पढ़ाई में आत्मविश्वास बढ़ता है, जिससे पढ़ाई में मन लगता है।
    • अच्छी हैंडराइटिंग से एक अच्छा इंप्रेशन पड़ता है।

     

    सरल शब्दों में कहा जाए तो हैंडराइटिंग अपनी बात दूसरों तक पहुंचाने का ज़रिया ही नहीं बल्कि आपके व्यक्तित्व (Personality) की पहचान भी है। मतलब जब आप साफ और सुंदर लिखेंगे तो दूसरों तक अपनी बात आसानी से पहुंचा पाएंगे।

     

    आशा है आपको यह ब्लॉग पसंद आया होगा। अब आप भी इन तरीकों को अपनाकर अपनी हैंडराइटिंग सुधार सकते हैं। 

     

    ✍️

    लेखक- दीपक गुप्ता

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