सपने में कब्र पर देखा ताजमहल और खड़ी कर दी खूबसूरत इमारत

आगरा नहीं बल्कि सुर्खियों में है पाकिस्तान का ताजमहल

प्यार की निशानी ताजमहल अब सिर्फ भारत के आगरा में ही नहीं है बल्कि पाकिस्तान में भी बन चुकी है। चौंकिए मत। पढ़िए पूरी कहानी।

04 March 2021

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  • इश्क की बात हो और ताजमहल का ज़िक्र न हो, ऐसा कैसे हो सकता है भला? आगरा का ताजमहल दुनिया के सात अजूबों में से एक है। और तो और इस लिस्ट में इसका नंबर भी पहला है। 

     

    अब तक आपने आगरा के ताजमहल से जुड़ी प्रेम कहानियों को खूब सुना होगा, लेकिन इस बार सुर्खियों में पाकिस्तान का ताजमहल है, जिसका निर्माण ‘उमरकोट के शाहजहां’ ने करवाया है।  

     

    पाकिस्तान के उमरकोट में बना ये ताजमहल सोशल मीडिया और टीवी रिपोर्ट्स में छाया हुआ है। इसे बनवाया है  अब्दुल रसूल साहब ने, जो अपनी बीवी से बेइंतहा मोहब्बत करते हैं।

     

    अब्दुल के इश्क की कहानी

     

    अब्दुल अपनी पत्नी मरियम से बहुत प्यार करते थे। शादी के वक्त उनकी उम्र 18 साल की थी। अब्दुल की शादी 40 साल पहले मरियम से हुई थी। दोनों की उम्र में अंतर बहुत था, लेकिन फिर भी प्यार परवान चढ़ता गया। आस-पास के इलाकों में दोनों की मोहब्बत की चर्चा सुर्खियों में रहती थी। अब्दुल 1980 में पहली बार भारत आए थे। अपने दोस्त के साथ अब्दुल ने ताजमहल को देखा था। इस इमारत का अब्दुल पर इतना असर हुआ कि बीवी के इंतकाल के बाद उन्होंने मरियम की कब्र को वैसी ही शक्ल दे दी।

     

     

    पत्नी की मौत के बाद देखा था सपना

     

    अब्दुल ने बीवी मरियम के इंतकाल के बाद एक सपना देखा था। जानकारी के मुताबिक, पत्नी की कब्र पर ताजमहल होने का दृश्य सपने में उन्हें आया था। जिसके बाद उन्होंने इस सपने को हकीकत में तब्दील कर दिया। इस इमारत को ताजमहल की शक्ल देने में अब्दुल ने लाखों रुपये खर्च किए हैं। 

     

    ये है उमरकोट की कहानी

     

    उमरकोट, पाकिस्तान के सिंध प्रांत का एक प्रसिद्ध शहर है। यहां मुगल बादशाह  अकबर का जन्म हुआ था। उमरकोट में ही अब्दुल रसूल ने ताजमहल से मिलती-जुलती इमारत अपनी पत्नी की कब्र पर बनवाई है। अब यहां अब्दुल की मोहब्बत की निशानी को देखने दूर-दूर से लोग आ रहे हैं। 

     

    6 महीने में तैयार की इमारत

     

    पाकिस्तान का ये ताजमहल 20 फीट ऊंचा और 18 फीट चौड़ा है। अब्दुल रसूल ने इसे मस्जिद बनाने वाले मिस्त्री के साथ मिलकर बनवाया है। ताजमहल की तस्वीर के ज़रिए ही उन्होंने इसे खड़ा किया। इसको बनाने में उन्हें 6 महीने का वक्त लगा है। 

     

    बहरहाल, यह तो हुई पाकिस्तान के ताजमहल की रोचक कहानी की बात। मगर, Knitter पर आपको कृषि एवं मशीनीकरण, एजुकेशन और करियर, सरकारी योजनाओं और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर भी कई महत्वपूर्ण ब्लॉग्स मिलेंगे, जिनको पढ़कर अपना ज्ञान बढ़ा सकते हैं और दूसरों को भी इन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।   

     

     

    ✍️ लेखक- नितिन गुप्ता

     



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