कुंभ के लिए क्या है सरकार की विशेष तैयारी? जानिए यहां

कुंभ में डुबकी लगाने से पहले जानें ये नियम

कुंभ में डुबकी लगाने से पहले सावधान रहें। हरिद्वार जाने से पहले अनिवार्य नियमों का पालन करें। आप कहीं अनजाने में नियम न तोड़ दें...

11 March 2021

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  • दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है कुंभ मेला। हर 12 साल में लगने वाला कुंभ इस बार हरिद्वार में गंगा नदी के तट पर लगा है। इस बार कोरोना वायरस के कहर के बीच बड़ी ही सावधानी से इसका आयोजन किया जा रहा है। सरकार ने कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कुछ विशेष नियम भी बनाए हैं।

     

    अगर आप भी कुंभ में स्नान के लिए जा रहे हैं, तो ज़रूरी है कि सरकार की बनाई गई गाइडलाइन को एक बार ज़रूर जान लें। वरना मेले में आपको परेशानी उठानी पड़ सकती है। तो फिर आइए, आपको सिलसिलेवार तरीके से बताते हैं कोरोना काल में कुंभ मेले के लिए अनिवार्य नियम

     

    हरिद्वार कुंभ के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उत्तराखंड सरकार से जारी की गई SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीज़र) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अतिरिक्त है।

     

     

    1- कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के पास 72 घंटे के पहले की कोविड नेगेटिव रिपोर्ट होना ज़रूरी है। RT-PCR रिपोर्ट ही मान्य होगी। रिपोर्ट देखने के बाद ही आपको होटल/ आश्रम/धर्मशाला में ठहरने दिया जाएगा।

     

    2- हर श्रद्धालु का रजिस्ट्रेशन महाकुंभ मेले की आधिकारिक वेबसाइट (www.haridwarkumbhmela2021.com) पर होना ज़रूरी है। मेले में केवल रजिस्टर्ड व्यक्तियों को ही एंट्री दी जाएगी।

     

    3- कुंभ मेला हरिद्वार में आने वाले केवल उन्हीं श्रद्धालुओं को धर्मशाला या आश्रम में एंट्री मिलेगी, जिनके पास एंट्री पास हो। इसके अलावा  हाथ पर अमिट स्याही का निशान हो।

     

    4- कुंभ मेला परिसर में थर्मल स्क्रीनिंग होगी। हर वक्त आपको मास्क लगाकर रखना होगा। इसके साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखना होगा।

     

    5-  बस स्टैंड/स्टेशन/डिपो/रेलवे स्टेशन पर भी आपको रजिस्ट्रेशन कार्ड और कोविड-19 की नेगेटिव RT-PCR रिपोर्ट दिखानी होगी। इसके बिना बस में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी। 

     

    6-  घाटों पर तैनात सभी सुरक्षाकर्मी PPE किट में रहेंगे। सुरक्षा उपायों को ध्यान रखना होगा।

     

    7-  स्नान के लिए आपको 20 मिनट से ज़्यादा नहीं मिलेंगे। हर जत्थे को इस अवधि में ही स्नान क्रिया को पूरा करना होगा।

     

    8- स्नान/पर्व स्नान/शाही स्नान के दिन केवल ज़रूरी दुकानें खुलेंगी। जैसे- भोजन, डेयरी, दवा, पूजन सामग्री और कंबल आदि की दुकानें।

     

    9-  मेला क्षेत्र में किसी भी जगह संगठित रूप से भजन गायन और भंडारे के आयोजन पर प्रतिबंध है।

     

    10- कुंभ मेले के प्रचार-प्रसार के लिए फेसबुक पेज बनाया गया है। सोशल मीडिया के साथ ही फेसबुक के पेज पर ट्रैफिक प्लान और पार्किंग की जानकारी श्रद्धालुओं को दी जाएगी।

     

    तो ये थी हरिद्वार कुंभ से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों की एक और कड़ी।इसके अलावा Knitter पर आपको कृषि एवं मशीनीकरण, एजुकेशन और करियर, सरकारी योजनाओं और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर भी कई महत्वपूर्ण ब्लॉग्स मिलेंगे, जिनको पढ़कर अपना ज्ञान बढ़ा सकते हैं और दूसरों को भी इन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

     

     

    ✍️ लेखक- नितिन गुप्ता

     



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