प्राइवेट जॉब्स: हरियाणा के युवाओं को मिलेगा 75 फीसदी आरक्षण

हरियाणा में प्राइवेट जॉब्स में 75 प्रतिशत आरक्षण हुआ पक्का

हरियाणा के लोगों को अब प्राइवेट सेक्टर में भी आरक्षण मिलेगा। नए कानून को मिली मंज़ूरी से स्थानीय युवा प्राइवेट जॉब्स में 75 प्रतिशत आरक्षण का लाभ ले सकेंगे।

07 March 2021

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  •  हरियाणा के युवाओं के लिए गुड़ से भी मीठी खुशखबरी है। अब उन्हें प्राइवेट जॉब्स में 75 प्रतिशत तक का आरक्षण मिलेगा। करीब 4 महीने पहले हरियाणा विधानसभा में ये विधेयक पारित हुआ था। अब, राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने भी इसे हरी झंडी दे दी है। लिहाज़ा, अब यह एक कानून बन चुका है।

     

    चुनावी वादे पर लगी मुहर:

     

    यहां बताना ज़रूरी है कि इस नए आरक्षण कानून का लिंक 2019 के विधानसभा चुनावों से जुड़ा है। चुनावों के दौरान दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी (JJP) ने प्राइवेट जॉब्स में स्थानीय लोगों को 75 प्रतिशत आरक्षण देने की बात कही थी। इसके बाद पार्टी ने 10 सीटों पर जीत दर्ज की और भाजपा के साथ गठबंधन किया। हरियाणा में सरकार तो बन ही गई। अब JJP ने अपना वादा पूरा किया है।

     

     

    50 हज़ार से कम के वेतन वाले जॉब्स में मिलेगा फायदा:

     

    नए कानून यानी कि स्टेट एम्प्लॉयमेंट ऑफ लोकल कैंडिडेट बिल 2020 का फायदा  महज़ उन नौकरियों में ही मिलेगा, जिनमें सैलरी 50 हज़ार रुपये से कम होगी। इसमें एक खास क्लॉज़ और भी है। जिस भी ज़िले में कंपनी स्थापित होगी, वहां के केवल 10 प्रतिशत युवा ही आरक्षण का लाभ ले सकेंगे। शेष 65 प्रतिशत आरक्षण का लाभ राज्य के अलग-अलग ज़िलों से आने वाले लोगों को दिया जाएगा।

     

    कानून लागू करने में है पेंच

     

    नया कानून यह भी कहता है कि यदि किसी कंपनी को क्षेत्र में कुशल कामगार (skilled labour) नहीं मिलते हैं, तो नियमों में ढील दी जा सकती है। हालांकि, इसका फैसला ज़िला उपायुक्त व अन्य उच्च स्तरीय अधिकारियों के पास ही होगा। 

     

    साथ ही SDM लेवल के अधिकारी कंपनियों पर कड़ी निगरानी रखेंगे, ताकि कानून के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो। उनके पास कंपनी परिसर में जाने और उनसे संबंधित जानकारियां मांगने का अधिकार भी होगा।

     

    कानून 10 साल के लिए होगा लागू:

     

    इस कानून को शुरू में महज़ 10 साल के लिए ही लागू किया जाएगा। हरियाणा में काम करने वाली कंपनियां, विभिन्न सोसाइटियां व ट्रस्ट आदि इस कानून के दायरे में आएंगे और उन्हें इसका कड़ाई से पालन भी करना होगा।

     

    10 से अधिक कर्मचारियों वाली कंपनी पर पड़ेगा असर:

     

    आरक्षण से जुड़ा यह कानून उन्हीं कंपनियों पर लागू होगा, जिनमें 10 से ज़्यादा कर्मचारी काम करते हों। इस बीच, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्राइवेट सेक्टर में पहले से कार्यरत लोगों की नौकरियों पर कोई आंच नहीं आएगी।

     

    कानून का पालन न होने पर लगेगा जुर्माना:

     

    नए कानून में नियमों के उल्लंघन और अनुशासनहीनता पर कार्यवाही की बात भी शामिल है। यदि कोई भी कंपनी सही तरीके से इस कानून का पालन नहीं करती है, तो उस पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। 

     

    नए कानून से जुड़ी कुछ खास बातें:

     

    • हरियाणा के लोगों को ही इस आरक्षण का लाभ मिलेगा
    • सरकार को पदों की जानकारी देना कंपनियों के लिए अनिवार्य होगा
    • सही डेटा अपलोड होने के बाद ही कंपनियां किसी को काम पर रख सकेंगी
    • स्किल्ड कर्मचारी न मिलने पर कानून में छूट भी मिलेगी
    • कंपनियों को हर तीन महीने में स्टेटस रिपोर्ट जमा करनी होगी

     

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    लेखक- कुंदन भूत

     



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