जानिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में महिलाओं की भूमिका

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और महिलाओं का है ये कनेक्शन, जानें

ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों द्वारा मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया की जाती हैं। इससे महिलाओं को भी कई फायदे मिलते हैं।

02 February 2021

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  • महिलाएं परिवार का आधार होती हैं, लेकिन पूरे परिवार के स्वास्थ्य का ख्याल रखने वाली महिलाओं के स्वास्थ्य पर नज़र डालें तो स्थिति चिंताजनक दिखती है। भारतीय महिलाएं कुपोषण, खून की कमी और अन्य कई समस्याओं से जूझ रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में हालात और ज़्यादा खराब हैं, जिसके प्रमुख कारण गरीबी और जागरूकता की कमी है। ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों की भी कमी है। लेकिन, सरकार द्वारा लगभग सभी क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (Primary Health Centre) खोले गए हैं, जहां पर महिलाओं को कई तरह की स्वास्थ्य सुविधाएं और फायदे मिलते हैं। आज हम चर्चा करेंगे कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) से महिलाओं को कैसे और क्या-क्या फायदे मिल रहे हैं? इस ब्लॉग में हम जानेंगे-

     

    • प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्या होते हैं?
    • ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने में PHC की भूमिका क्या होती है?
    • प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में महिलाओं को क्या सुविधाएं मिलती हैं?

     

    प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 

     

    प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए अहम कड़ी के तौर पर काम करते हैं। ये राज्य सरकारों द्वारा संचालित किए जाते हैं। इनका मुख्य लक्ष्य ग्रामीण इलाकों में प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं के अलावा  आपातकालीन सेवाएं भी मुहैया करवाना है। ये सरकारी स्वास्थ्य तंत्र की सबसे बुनियादी ईकाई है। यहां मेडिकल ऑफिसर, नर्स, फार्मासिस्ट, एएमएम(ANM) और आशा (ASHA) वर्कर ज़रूरी स्टाफ के तौर पर काम करते हैं, जो ज़मीनी स्तर पर लोगों के स्वास्थ्य की देखभाल करते हैं।

     

     

    महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है स्वास्थ्य केंद्र

     

     

    प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की भूमिका

     

    प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का मुख्य कार्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की स्वास्थ्य जांच करना, उन्हें दवाइयां और उचित डॉक्टरी सलाह देना है, ताकि दूर-दराज़ इलाकों में रहने वाले लोगों को सामान्य बीमारियों के लिए दूर शहरों-कस्बों का रुख न करना पड़े। वहीं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों द्वारा कई कार्य किए जाते हैं जैसे-

     

    • स्वास्थ्य को लेकर लोगों को जागरूक करना
    • क्षेत्र में स्वच्छ पानी और साफ-सफाई सुनिश्चित करना
    • स्थानीय तौर पर फैलने वाले रोगों की रोकथाम करना
    • क्षेत्र में स्वास्थ्य समस्याओं संबंधी आंकड़े इकट्ठा करना
    • स्वास्थ्य संबंधी सरकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाना
    • टीकाकरण और पोषण को लेकर लोगों को जागरूक करना

     

    प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से मिलने  वाले लाभ

     

    1. सामान्य स्वास्थ्य सुविधाएं- ग्रामीण इलाकों में महिलाएं सामान्य बीमारियों के लिए घरेलू इलाज से ही काम चला लेती हैं। वहीं, महिलाएं बीमार हालात में भी घरेलू काम करती रहती हैं, जिसका उनके स्वास्थ्य पर और बुरा असर पड़ता है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से महिलाओं को उनके नज़दीक हेल्थ चेकअप और दवाइयां उपलब्ध हो रही हैं। 

     

    1. अच्छा पोषण- सरकारी आंकड़ों को मुताबिक, भारत में 15 से 49 साल की 53 फीसदी महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं। इसके लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में विटामिन्स और मिनरल्स की गोलियां मुफ्त उपलब्ध करवाई जाती हैं। वहीं, महिलाओं को पोषण संबंधी जानकारियां एएमएम (ANM) और आशा (ASHA) वर्करों द्वारा घर-घर तक पहुंचाई जाती हैं।  महिलाओं को  प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मिलने वाली दवाइयां स्वेच्छा से भी लेनी चाहिए, ताकि वे स्वस्थ रहें।

     

    1. गर्भवती महिलाओं को सुविधाएं- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में गर्भधारण से लेकर डिलीवरी होने तक स्वास्थ्य सलाह दी जाती है। जिसमें खान-पान, देखभाल, टीका करण और विभिन्न टेस्ट संबंधी जानकारी दी जाती है। आशा वर्करों द्वारा घर-घर जाकर भी गर्भवती महिलाओं की पहचान की जाती है और उनके स्वास्थ्य का रिकॉर्ड भी रखा जाता है। डिलीवरी हो जाने के बाद शिशु का संपूर्ण टीकाकरण भी प्राइमरी हेल्थ सेंटरों द्वारा ही सुनिश्चित किया जाता है।

     

    1. परिवार नियोजन को लेकर जागरूकता- ग्रामीण इलाकों में आज भी गर्भ निरोधक और नसबंदी को लेकर महिलाएं खुलकर बात नहीं कर पाती हैं। इसके लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आशा वर्करों की तैनाती की जाती है, जो कि स्थानीय महिला होती है, ताकि खुलकर महिलाएं अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और गर्भ निरोधी विकल्पों की बात कर सकें। आशा वर्करों और डॉक्टरों द्वारा भी महिलाओं को परिवार नियोजन और नसबंदी को लेकर जागरूक किया जाता है।

     

    1. योजनाओं का क्रियान्वयन - महिलाओं के अच्छे स्वास्थ्य के लिए राज्य और केंद्र सरकारों द्वारा कई योजनाएं चलाई जाती हैं। इन योजनाओं को ज़मीनी स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से ही लाभार्थियों तक पहुंचाया जाता है।

     

     

    महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है स्वास्थ्य केंद्र

     

     

    ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को अपने स्वास्थ्य को लेकर जागरूक होने की जरूरत है। उन्हें अपनी स्वास्थ्य समस्याओं को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए और गांव की आशा वर्कर और प्राइमरी स्वास्थ्य केंद्रों में जाकर सलाह लेनी चाहिए।

     

    ✍️लेखक- मोहित वर्मा            

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