करियर में पाना है ऊंचाई, इन स्ट्रीम्स में करें पोस्ट ग्रेजुए

इन स्ट्रीम्स में पोस्ट ग्रेजुएशन से खुलेंगे नौकरी के रास्ते

शिक्षा के क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) का विशेष महत्व है। आप अलग-अलग स्ट्रीम्स में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री लेकर अपने करियर को नई दिशा दे सकते हैं।

19 March 2021

  • 429 Views
  • 3 Min Read

  •  दुनिया में “शिक्षा” से बड़ी कोई वस्तु नहीं है। जो इस नैया में सवार होकर आगे बढ़ते हैं, उनके लिए लाख चुनौतियां भी छोटी पड़ जाती हैं। खासकर, उनके लिए जो पोस्ट ग्रेजुएशन (Post Graduation) जैसे विकल्पों के ज़रिए अपने करियर और जीवन को दिशा देने का प्रयास करते हैं।

     

    आज Knitter के इस ब्लॉग में हम इसी विषय पर बात करेंगे। हम आपको पोस्ट ग्रेजुएशन के महत्व से अवगत कराएंगे। साथ ही ये भी बताएंगे कि आप किन क्षेत्रों में पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री ले सकते हैं? तो चलिए, शिक्षा से जुड़ी जानकारियों की ये नाव आगे बढ़ाते हैं, लेकिन इससे पहले ये जान लेते हैं कि इस दौरान किन-किन बातों व विषयों पर रोशनी डाली जाएगी?

     

    आप जानेंगे-

     

    • आर्ट्स की स्ट्रीम में पोस्ट ग्रेजुएशन के क्या विकल्प हैं?
    • साइंस की स्ट्रीम में आप पोस्ट ग्रेजुएशन कैसे कर सकते हैं?
    • कॉमर्स की स्ट्रीम में ऐसे कौन से विकल्प मौजूद हैं?
    • मैनेजमेंट के क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएशन कैसे किया जा सकता है?

     

    इन स्ट्रीम्स में पोस्ट ग्रेजुएशन से खुलेंगे नौकरी के रास्ते

     

     

    आर्ट्स स्ट्रीम

     

    मास्टर ऑफ आर्ट्स (MA):

     

    आर्ट्स की स्ट्रीम में ग्रेजुएशन करने के बाद यदि आप M.A. करते हैं, तो आप संबंधित विषय को गहराई से समझ पाते हैं। साथ ही आप M.Phil या डॉक्टरेट करने के योग्य भी बन जाते हैं। आप विशेषज्ञता हासिल करने के साथ-साथ अपने करियर को नई ऊंचाई भी दे पाते हैं।

     

    पढ़ाई:

     

    यहां चयनित विषय के आधार पर ही पढ़ाई का निर्धारण होता है। आप अलग-अलग विषयों में M.A. कर सकते हैं। आर्ट्स और ह्यूमैनिटीज़ के अलावा कानून और बिज़नेस से जुड़ी पढ़ाई भी इसके तहत आती हैं। इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान, दर्शनशास्त्र, फाइन आर्ट्स जैसे विषयों की पढ़ाई भी इस क्षेत्र में आम है।

     

    करियर ऑप्शन्स:

     

    टीचर, प्रोग्राम मैनेजर, इतिहासकार, सोशल वर्कर और फिलॉसफर आदि।

     

    कोर्स की अवधि:

     

    • 2 साल

     

    योग्यता:

     

    • इसके लिए ग्रेजुएट होना अनिवार्य है।
    • कई विश्वविद्यालयों में प्रवेश परीक्षाएं भी होती हैं।

     

    मास्टर ऑफ बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA):

     

    ये संभवतः आज के दौर के सबसे पॉपुलर करियर ऑप्शन्स में से एक है। एमबीए करने के बाद आपके लिए करियर के कई दरवाज़े खुल जाते हैं। फिर चाहे वो बिज़नेस हो, प्रबंधन से जुड़े कार्य हो या फिर निजी या सार्वजनिक क्षेत्र के एडमिनिस्ट्रेशन से जुड़े काम। आप इन सारे कामों को बड़ी ही आसानी से पूरा कर पाते हैं। इंडस्ट्री में एमबीए करने वालों को प्रॉब्लम सॉल्वर के रूप में देखा जाता है।

     

    पढ़ाई:

     

    एमबीए में आपको प्रबंधन और एडमिनिस्ट्रेशन से जुड़ी शिक्षा दी जाती है। इसके पाठ्यक्रम को इस तरह से डिज़ाइन किया जाता है कि आने वाली पीढ़ी हर समस्या के समाधान के लिए खुद को तैयार कर सकें। अच्छी प्लानिंग, बेहतर एग्ज़ीक्यूशन, बिज़नेस स्ट्रेटेजी और रणनीतिक सोच एमबीए की शिक्षा के आधार स्तंभ हैं। इसके अलावा मार्केटिंग, फाइनेंस और मानव संसाधनों के सही उपयोग की शिक्षा भी इसमें शामिल है।

     

    करियर ऑप्शन्स:

     

    मार्केटिंग मैनेजर, बिज़नेस एनालिस्ट, मार्केटिंग एग्ज़ीक्यूटिव, रिलेशनशिप मैनेजर आदि।

     

    कोर्स की अवधि:

     

    • 2 साल

     

    योग्यता:

     

    • ग्रेजुएशन
    • कॉमन एडमिशन टेस्ट (CAT)

     

    मास्टर ऑफ लॉ (LLM):

     

    ये कानून और वकालत के पेशे से जुड़ा पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स है। ये कोर्स एक अच्छा वकील बनने में आपकी मदद करता है। साथ ही आप देश की न्यायिक व्यवस्था से जुड़ी तमाम गतिविधियों को करीब से समझ पाते हैं। इस कोर्स के बाद आप न्यायिक सेवाओं से जुड़ी परीक्षा भी दे पाते हैं।

     

    पढ़ाई:

     

    इसमें न्यायिक मामलों से जुड़ी पढ़ाई होती है। आपको भारतीय संविधान और उससे जुड़ी बातें विस्तार से बताई जाती हैं। कानून और उससे जुड़ी धाराओं के अलावा आप देश की न्यायिक व्यवस्था को भी करीब से जान पाते हैं। इसके अलावा देश और समाज के संचालन के लिए जो भी नियम ज़रूरी होते हैं, आप उन्हें जानते और समझते हैं।

     

    करियर ऑप्शन्स:

     

    वकील, लीगल एडवाइज़र, लीगल एनालिस्ट, लॉ फर्म एक्सपर्ट आदि।

     

    अवधि:

     

    • 2 साल

     

    योग्यता:

     

    • बी.ए. एलएलबी

     

    होटल मैनेजमेंट और हॉस्पिटैलिटी:

     

    आर्ट्स के स्टूडेंट्स के लिए ये भी एक अच्छी स्ट्रीम है। भारत की होटल इंडस्ट्री बहुत बड़ी है और यहां रोज़गार के भी कई अवसर हैं। इस लिहाज़ से होटल मैनेजमेंट और हॉस्पिटैलिटी का कोर्स आपके करियर को दिशा देने में मददगार हो सकता है।

     

    पढ़ाई:

     

    इसमें होटल एडमिनिस्ट्रेशन के अलावा एयरलाइन्स, अस्पतालों और मल्टीनेशनल कंपनियों की प्रबंधकीय गतिविधियों से जुड़ी पढ़ाई होती है। खाने-पीने की सुविधाएं, हाउसकीपिंग और मार्केटिंग जैसी बातों को गहराई से समझाया जाता है। इस कोर्स को करने के बाद स्टूडेंट होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में काम करने के योग्य बनते हैं।

     

    करियर ऑप्शन्स:

     

    जनरल मैनेजर, शेफ, फूड एंड बेवरेज मैनेजर, फ्रंट ऑफिस मैनेजर, इवेंट मैनेजर, ट्रैवल एजेंट, कैटरिंग मैनेजर आदि।

     

     अवधि:

     

    • डिप्लोमा- 1 साल
    • डिग्री- 2 साल

     

    योग्यता:

     

    • ग्रेजुएशन 

     

    इसके अलावा आर्ट्स की स्ट्रीम में आप मास्टर ऑफ आर्ट्स इन थियेटर एंड टेलीविज़न (M.A.T.T), मास्टर ऑफ आर्ट्स इन पर्सनल मैनेजमेंट (M.A.P.M) और मास्टर ऑफ जर्नलिज़्म जैसे अन्य कोर्स भी चुन सकते हैं।

     

    साइंस स्ट्रीम

     

    मास्टर ऑफ साइंस (M.Sc.)

     

    साइंस में बैचलर्स करने के बाद यदि किसी के ज़ेहन में कोई पहला विकल्प आता है, तो वो M.Sc. ही है। ये विज्ञान के स्टूडेंट्स के लिए तैयार किया गया पोस्ट ग्रेजुएट लेवल का कार्यक्रम है।

     

    पढ़ाई:

     

    इसमें आप भौतिकी, जीव विज्ञान, रसायन शास्त्र, गणित, बॉटनी और माइक्रोबायोलॉजी जैसे विषयों को गहराई से समझते हैं। इसके अतिरिक्त पर्यावरण विज्ञान और लाइफ साइंस जैसे अहम विषयों को भी टटोल पाते हैं। लेक्चर्स, वर्कशॉप और प्रोजेक्ट कार्यों के ज़रिए विषय से संबंधित गहन अध्ययन की व्यवस्था की जाती है।

     

    करियर ऑप्शन्स:

     

    रिसर्च साइंटिस्ट, गणितज्ञ, केमिकल एनालिस्ट, जूनियर रिसर्च फेलो, बायोकेमिस्ट आदि।

     

    अवधि:

     

    • 2 साल

     

    योग्यता:

     

    •  B.Sc. ग्रेजुएट

     

    एमएससी, जीव विज्ञान (M.Sc. Zoology):   

     

    यह साइंस स्ट्रीम का एक अन्य लोकप्रिय कोर्स है। ये पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स जानवरों पर आधारित है, जिसमें मौजूदा जानवरों के अलावा विलुप्त हुई प्रजातियों पर भी अध्ययन किया जाता है। इसके ज़रिए आप ऐनिमल लाइफ की उत्पत्ति को करीब से समझ पाते हैं।

     

    पढ़ाई:

     

    इसमें आनुवांशिक उत्पत्ति यानी कि जेनेटिक एवोल्यूशन और पर्यावरण संबंधी बातों की पढ़ाई शामिल होती है। इसके अलावा आप ऐनिमल डाइवर्सिटी और जानवरों के अस्तित्व को गहराई से समझ पाते हैं। साथ ही उनकी शारीरिक रचना से भी अवगत होते हैं। संक्षेप में कहें, तो आप आधुनिक तकनीकों की मदद से जीव विज्ञान की पढ़ाई करते हैं।

     

    करियर ऑप्शन्स:

     

    जीव विज्ञानी, पर्यावरण सलाहकार, पर्यावरण संरक्षण अधिकारी आदि।

     

    अवधि:

     

    • 2 साल

     

    योग्यता:

     

    • जीव विज्ञान में B.Sc. ग्रेजुएट

     

    एमएससी इन बायोटेक्नोलॉजी (M.Sc. in BioTechnology)

     

    विज्ञान के क्षेत्र में पढ़ाई करने वाले छात्र इस विषय में भी काफी दिलचस्पी दिखाते हैं। बीते कुछ वर्षों में बायोटेक्नोलॉजी करने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। 

     

    पढ़ाई:

     

    इसमें आपको सेल बायोलॉजी, मॉलिक्यूलर बायोलॉजी, एडवांस बायोलॉजिकल केमिस्ट्री जैसी चीजें गहनता से पढ़ाई जाती हैं। आप टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और डिज़ाइन के क्षेत्र में बायोलॉजी और केमिस्ट्री के महत्व को समझ पाते हैं।

     

    करियर ऑप्शन्स:

     

    बायोकेमिस्ट, सीनियर एसोसिएट साइंटिस्ट, बायोटेक्नोलॉजी रिसर्चर, क्वालिटी कंट्रोलर आदि।

     

    अवधि:

     

    • 2 साल

     

    योग्यता:

     

    • बायोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी में ग्रेजुएशन।
    • इसके अलावा बीएएमएस, बीएचएमएस और बी फार्मा के विद्यार्थी भी इसके पात्र हैं।

     

    इन सबके अलावा आप इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और बायोलॉजिकल साइंस में भी M.Sc. कर सकते हैं।

     

    कॉमर्स स्ट्रीम

     

    आप कॉमर्स के क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएशन कर अच्छी सफलता हासिल कर सकते हैं। इस स्ट्रीम में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री के बाद आपके लिए बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर के द्वार खुल जाते हैं। 

    निजी क्षेत्र के अलावा सरकारी व सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में भी आप अपनी सेवाएं दे सकते हैं। फिर चाहे वो बैंक हों, रेलवे हो या फिर आयकर जैसे बड़े व महत्वपूर्ण विभाग। 

    आप बैंक मैनेजर, मार्केटिंग मैनेजर, अकाउंटेंट, कैशियर, इन्वेस्टमेंट बैंकर, वेल्थ मैनेजर जैसे पदों पर काबिज़ हो सकते हैं। आइए, कॉमर्स की फील्ड के कुछ प्रचलित कोर्स को जानें-

     

    मास्टर ऑफ कॉमर्स (M.Com):

     

    ये कॉमर्स की फील्ड से जुड़ी एक मास्टर्स डिग्री है। देश में कई विश्वविद्यालय और कॉलेज हैं, जहां आप M.Com कर सकते हैं। ये कोर्स अक्सर बीकॉम ग्रेजुएट्स के रडार पर रहता है।

     

    पढ़ाई:

     

    इसमें आप वाणिज्यिक गतिविधियों को गहराई से समझ पाते हैं। अर्थव्यवस्था, बिज़नेस, टैक्सेशन, बैंकिंग और फाइनेंस जैसे मुद्दों पर आपकी पकड़ बन पाती है। आप देश और दुनिया की प्रचलित वाणिज्यिक अवधारणाओं से अवगत होते हैं। साथ ही प्रोफेशनल लाइफ में उन अवधारणाओं को क्रियान्वित करने के काबिल भी बनते हैं।

     

    करियर ऑप्शन्स:

     

    अकाउंटेंट, पर्सनल फाइनेंस कंसल्टेंट, इन्वेस्टमेंट बैंकर, फाइनेंस मैनेजर आदि।

     

    अवधि:

     

    • 2 साल

     

    योग्यता:

     

    • बैचलर ऑफ कॉमर्स (B.Com)
    • कुछ विश्वविद्यालय बिज़नेस और मैनेजमेंट ग्रेजुएट्स को भी मौका देते हैं

     

    एमएससी इकोनॉमिक्स (M.Sc. Economics):

     

    कॉमर्स ग्रेजुएट्स के बीच ये एक चर्चित कोर्स है। इस स्ट्रीम के ज़्यादातर स्टूडेंट्स इस कोर्स को तवज्जो देते हैं। इसमें अर्थव्यवस्था से जुड़ी बातों पर गहराई से अध्ययन किया जाता है।


    पढ़ाई:

     

    इसमें वित्त से जुड़ी पढ़ाई होती है। गणित और लॉजिकल थिंकिंग की मदद से वित्तीय मामलों को समझाया जाता है। इसके अलावा जीडीपी जैसे तत्वों को गहनता से पढ़ाया जाता है। साथ ही बैंकिंग और फाइनेंस गतिविधियों पर अध्ययन होता है।

     

    करियर ऑप्शन्स:

     

    अर्थशास्त्री, रिसर्च कंसल्टेंट, क्रेडिट एनालिस्ट, फाइनेंशियल एनालिस्ट आदि।

     

    अवधि:

     

    • 2 साल

     

    योग्यता:

     

    • इकोनॉमिक्स ऑनर्स में ग्रेजुएशन
    • 60% या उससे अधिक का एग्रीगेट परसेंटेज

     

    एमबीए इन बैंकिंग एंड फाइनेंस (MBA in Banking & Finance):

     

    कॉमर्स की फील्ड में पढ़ाई करने वाले छात्र इन दिनों बैंकिंग और फाइनेंस क्षेत्र को खास तवज्जो दे रहे हैं। अकाउंटेंसी से जुड़े प्रोफेशनल करियर के लिए इस कोर्स को चुना जा सकता है।

     

    पढ़ाई:

     

    इसमें स्टूडेंट्स को अकाउंटिंग और अन्य वित्तीय जानकारियों से अवगत कराया जाता है। वे बेहतर तरीके से बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर को समझ पाते हैं। साथ ही रिस्क मैनेजमेंट और बिज़नेस वैल्यूएशन जैसी चीज़ों में भी महारत हासिल कर पाते हैं। इसके अलावा बड़ी-बड़ी कंपनियों के मर्जर और अधिग्रहण संबंधी पहलुओं को भी समझ पाते हैं। डेटा संबंधी पढ़ाई इसका एक अहम हिस्सा है।

     

    करियर ऑप्शन्स:

     

    बिज़नेस एनालिस्ट, अकाउंट्स मैनेजर, मार्केटिंग मैनेजर, कैशियर, फाइनेंस मैनेजर, कॉर्पोरेट एनालिस्ट आदि।

     

    अवधि:

     

    • 2 साल

     

    योग्यता:

     

    • बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन या बैंकिंग में ग्रेजुएशन

     

    इसके अलावा इकोनॉमिक्स में एम.ए. ऑनर्स और एम.ए. इन अकाउंटिंग एंड फाइनेंस जैसे कोर्स भी हैं, जो आपके पोस्ट ग्रेजुएशन को नए आयाम दे सकते हैं।

     

    मैनेजमेंट स्ट्रीम:

     

    एमबीए मार्केटिंग (MBA Marketing)

     

    यह प्रबंधन क्षेत्र की पढ़ाई से जुड़ा एक अहम कोर्स है। इस पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स में लोग काफी दिलचस्पी लेते हैं। जिस तरह मार्केटिंग ने जॉब मार्केट में नए अवसर पैदा किए हैं, ये कोर्स आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। क्या पता इस कोर्स के बूते आप में से कोई कल का मार्केटिंग लीडर या एक्सपर्ट बन जाए?

     

    पढ़ाई:

     

    इसमें आपको मार्केट रिसर्च, विज्ञापन, ब्रांडिंग जैसे विषयों को पढ़ाया जाता है। इसके अलावा आप मार्केटिंग नीतियों, कंज्यूमर बिहेवियर और ब्रांड मैनेजमेंट जैसी चीज़ों की डिटेल स्टडी कर पाते हैं।

     

    करियर ऑप्शन्स:

     

    मीडिया प्लानर, मार्केटिंग मैनेजर, ब्रांड मैनेजर, सेल्स मैनेजर आदि।

     

    अवधि:

     

    •  2 साल

     

    योग्यता:

     

    • ग्रेजुएशन (कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ)

    • एडमिशन टेस्ट

     

    एमबीए फाइनेंशियल मैनेजमेंट (MBA Financial Management):

     

    ये मैनेजमेंट स्ट्रीम के लोकप्रिय विकल्पों में से एक है। आप देश के कई सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में इसकी पढ़ाई कर सकते हैं। इस पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स के ज़रिए आप देश की फाइनेंस इंडस्ट्री को जान और समझ पाते हैं।

     

    पढ़ाई:

     

    इसमें आपको बजटिंग, एनालिटिक्स और उससे संबद्ध अन्य चीज़ें पढ़ाई जाती हैं। किसी संस्था या कंपनी के फाइनेंस को कैसे संभाला जाता है, उसका सदुपयोग कैसे किया जाता है, ये सारी बातें आप विस्तार से जान पाते हैं। लॉजिकल थिंकिंग और मूल्यांकन इसके अहम अंग हैं।

     

    करियर ऑप्शन्स:

     

    क्रेडिट मैनेजर, ऐसेट मैनेजर, फाइनेंशियल प्लानर, कॉस्ट कंट्रोलर और फाइनेंशियल एडवाइज़र आदि।

     

    अवधि:

     

    • 2 साल

     

    योग्यता:

     

    • 50 प्रतिशत से अधिक अंकों के साथ ग्रेजुएशन

     

    एमबीए ह्यूमन रिसोर्स (MBA Human Resource):

     

    मैनेजमेंट फील्ड में यदि किसी कोर्स के लिए सबसे ज़्यादा लोग आतुर रहते हैं, तो संभवतः वो एमबीए ह्यूमन रिसोर्स ही होगा। आप देश और दुनिया के किसी भी बिज़नेस स्कूल से ये पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स कर सकते हैं। ये कोर्स ऑर्गेनाइजेशन मैनेजमेंट में दिलचस्पी रखने वालों के बीच काफी पॉपुलर है।

     

    पढ़ाई:

     

    इस कोर्स में संगठनात्मक गतिविधियों को विस्तार से बताया जाता है। कर्मचारियों को कैसे नियुक्त करना है? उनमें सही कौशल की पहचान कैसे की जानी चाहिए? उनके साथ कैसा बर्ताव किया जाना चाहिए? इन जैसी सारी बातों को गहनता के साथ पढ़ाया जाता है।

     

    करियर ऑप्शन्स:

     

    बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेटर, ह्यूमन रिसोर्स मैनेजर, रिलेशनशिप मैनेजर, ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट मैनेजर आदि।

     

    अवधि:

     

    •  2 साल

     

    योग्यता:

     

    • ग्रेजुएशन

     

    इन विकल्पों के अलावा मैनेजमेंट स्ट्रीम में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद आप लेबर रिलेशंस मैनेजर, स्टाफिंग डायरेक्टर, इंफॉर्मेशन सिस्टम मैनेजर जैसे पदों पर भी काबिज़ हो सकते हैं।

     

    हमें उम्मीद है कि आपको Knitter का यह ब्लॉग पसंद आया होगा। यहां आपको बिज़नेस, कृषि एवं मशीनीकरण, एजुकेशन और करियर, सरकारी योजनाओं और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर भी कई महत्वपूर्ण ब्लॉग्स मिलेंगे। आप इनको पढ़कर अपना ज्ञान बढ़ा सकते हैं और दूसरों को भी इन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

     

     

    लेखक- कुंदन भूत 

     



    यह भी पढ़ें



    करियर गाइड की अन्य ब्लॉग