PM स्वनिधि योजना ऐसे बनाएगी स्ट्रीट वेंडर्स को आत्मनिर्भर

धंधा शुरू करने के लिए चाहिए लोन, मदद करेगी PM स्वनिधि योजना

पीएम स्वनिधि योजना (PM Svanidhi Scheme) रेहड़ी-पटरी वालों को आत्मनिर्भर बनाने में मददगार है। आइए जानें, इसके तहत लोन कैसे मिलता है?


भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) में स्ट्रीट वेंडर्स की महत्वपूर्ण भूमिका है। अगर असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले ये छोटे दुकानदार न हों, तो हमारी ज़िंदगियों में भी काफी-कुछ बदल सकता है। कौन होते हैं, ये स्ट्रीट वेंडर्स? आप जिस ठेले वाले भैया से फल और सब्ज़ियां लेते हैं, जिस पानी-पतासे वाले से एक्स्ट्रा पपड़ी मांगते हैं, ये सारे ही स्ट्रीट वेंडर्स की श्रेणी में आते हैं।

 

आज Knitter के इस ब्लॉग में हम आपको इन्हीं स्ट्रीट वेंडर्स से जुड़ी एक महत्वपूर्ण सरकारी योजना के बारे में बताएंगे। तो चलिए, जानकारियों का ये सफर आगे बढ़ाते हैं और PM स्वनिधि योजना (PM Svanidhi Scheme) से जुड़ी खास बातों पर नज़र डालते हैं।

 

यहां आप जानेंगे-

  • PM स्वनिधि योजना क्या है?
  • प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का उद्देश्य क्या है?
  • PM स्वनिधि योजना का लाभ किन्हें मिलता है?
  • लोन पाने के लिए योग्यता क्या चाहिए?
  • इसके लिए कैसे अप्लाई किया जा सकता है?
  • PM स्वनिधि योजना पर एक्सपर्ट क्या कहते हैं?

 

PM स्वनिधि योजना पर एक नज़र

 

शहरी क्षेत्रों में काम करने वाले रेहड़ी-पटरी वालों को ध्यान में रखकर इस योजना की शुरुआत की गई है। इसके तहत ऐसे छोटे-मोटे धंधे करने वालों को बिना किसी गारंटी के 10 हज़ार रुपये तक का लोन दिया जाता है। इस लोन को 1 साल के अंदर चुकाना होता है। अच्छी बात ये है कि ये रकम किस्तों में चुकानी होती है। जो वेंडर समय पर लोन का भुगतान करते हैं, वो दोबारा भी लोन ले सकते हैं। उल्लेखनीय बात ये है कि अगली बार वे पहले के मुकाबले अधिक लोन ले सकते हैं। 

 

यहां बताना ज़रूरी है कि सरकार को लोन के लिए अब तक करीब 40 लाख से अधिक आवेदन मिल चुके हैं, जिसमें से 23 लाख से ज़्यादा लोगों का लोन पास हो चुका है। वहीं, 19 लाख से ज़्यादा लोगों को लोन की राशि भी मिल चुकी है।

 

ऐसे अस्तित्व में आई योजना 

 

कोरोना संकट के दौरान जब देश में लॉकडाउन के हालात बने थे, तब स्ट्रीट वेंडर्स का जीवन सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ था। उनकी रोज़ी-रोटी पर बन आई थी। इसी बात को ध्यान में रखकर भारत सरकार ने “PM  स्वनिधि योजना” तैयार की, ताकि ठेले वाले, रेहड़ी-पटरी लगाने वाले, फल और सब्ज़ी बेचने वाले वेंडर्स को दोबारा आत्मनिर्भर बनाया जा सके। अंततः 1 जून 2020 को शहरी विकास मंत्रालय ने इस योजना की शुरुआत की।  

 

  PM स्वनिधि योजना: स्ट्रीट वेंडर्स ऐसे बनेंगे आत्मनिर्भर

 

योजना का उद्देश्य

 

  • रेहड़ी-पटरी वालों को लोन के रूप में वर्किंग कैपिटल मुहैया कराना।
  • उन्हें आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनाना।

 

फायदे

 

  • लोन के भुगतान पर 7 प्रतिशत तक की ब्याज सब्सिडी मिलती है।
  • डिजिटल ट्रांजेक्शन करने पर 1,200 रुपये तक का कैशबैक मिलता है।
  • समय पर भुगतान करने पर दोबारा लोन लिया जा सकता है।
  • अगली बार बढ़ी हुई लिमिट के साथ लोन मिलता है।
  • वहीं, इसके तहत जुर्माने का कोई प्रावधान नहीं है।

 

इन्हें मिलेगा लाभ

 

  • ठेले वाले
  • रेहड़ी-पटरी वाले
  • फल और सब्ज़ियां बेचने वाले
  • चाय बेचने वाले
  • फूड वेंडर्स
  • पान दुकान वाले
  • नाई
  • धोबी
  • फुटकर व्यापारी आदि

 

योग्यता

 

PM स्वनिधि योजना का लाभ वो सभी स्ट्रीट वेंडर्स ले सकते हैं, जो 24 मार्च 2020 से पूर्व शहरी क्षेत्रों में कार्यरत थे। उनके पास स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी किया गया वेंडिंग सर्टिफिकेट/ पहचान पत्र होना अनिवार्य है। इसके अलावा वो वेंडर्स भी योग्य होंगे, जिनका नाम सरकार के सर्वे में आया है। साथ ही वो वेंडर्स भी इसका लाभ ले सकेंगे, जो शहर के आस-पास के गांवों या कस्बों में रहते हैं, मगर शहर में कारोबार करते हैं।

 

आवेदन ऐसे करें

 

  • सबसे पहले पीएम स्वनिधि पोर्टल https://pmsvanidhi.mohua.gov.in/ पर जाएं।
  • सर्वे लिस्ट में अपना नाम चेक करें और सर्वे रेफरेंस नंबर (SRN) नोट कर लें।
  • अब वेंडिंग सर्टिफिकेट या पहचान पत्र की एक कॉपी तैयार रखें। डॉक्यूमेंट अपलोड करने के दौरान इसकी ज़रूरत पड़ेगी।
  • यदि आपके पास वेंडिंग सर्टिफिकेट नहीं होगा तो आपको एक प्रोविज़नल सर्टिफिकेट जनरेट करना होगा।
  • कुछ स्थितियों में आपको स्थानीय प्रशासन से मिले लेटर ऑफ रिकमेंडेशन यानी सिफारिशी पत्र की भी ज़रूरत पड़ सकती है।
  • इसके बाद आपको डिक्लेरेशन भरना होगा और फार्म जमा करना होगा।
  • ध्यान रहे कि आपका मोबाइल नंबर आधार से लिंक हो।

 

यहां बताना ज़रूरी है कि योजना के तहत वेंडर्स को 4 कैटेगरी में बांटा गया है-

 

  • पहले वो, जिन्हें स्थानीय प्रशासन से वेंडिंग सर्टिफिकेट या पहचान पत्र मिला है।
  • दूसरे वो, जिन्हें वेंडिंग सर्टिफिकेट या पहचान पत्र नहीं मिला है।
  • तीसरे, जिनका नाम सर्वे में नहीं आया है।
  • चौथे वो, जो शहर के आस-पास के कस्बों में रहते हैं।

 

लिहाज़ा, आपको इन कैटेगरी को ध्यान में रखकर अप्लाई करना होगा। इसके अलावा आप कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के ज़रिए भी आवेदन कर सकते हैं। आप चाहें, तो बैंकिंग करेस्पॉन्डेंट या एजेंट की मदद भी ले सकते हैं।

 

  PM स्वनिधि योजना: स्ट्रीट वेंडर्स ऐसे बनेंगे आत्मनिर्भर

 

 

हमें उम्मीद है कि आपको Knitter का यह ब्लॉग पसंद आया होगा। यहां आपको योजनाओं के अलावा बिज़नेस, कृषि एवं मशीनीकरण, एजुकेशन और करियर तथा ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर भी कई महत्वपूर्ण ब्लॉग्स मिलेंगे। आप इनको पढ़कर अपना ज्ञान बढ़ा सकते हैं और दूसरों को भी इन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

 

 

लेखक- कुंदन भूत

 



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