पशुपालन के लिए चाहिए लोन, तो यहां पाएं जानकारी

पशुपालन के लिए ऐसे मिलता है लोन

भारत में पशुपालन के प्रति लोगों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। इस दिशा में लोन लेकर आगे बढ़ा जा सकता है। आइए, लोन और उससे जुड़ी महत्वपूर्ण बातों को जानें।

14 March 2021

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  • भारत में पशुपालन आमदनी का एक बेहतरीन विकल्प है। यही वजह है कि लोग इस क्षेत्र में नए अवसर तलाश रहे हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए तो ये किसी वरदान की तरह है। भले ही सदियों से हमारे देश में पशुपालन किया जा रहा हो, मगर बीते कुछ समय से लोग इसे एक मज़बूत कमर्शियल ऑप्शन के रूप में देखने लगे हैं। 

     

    शायद, इसलिए ही पशुपालन के लिए लोन लेने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। आज Knitter के इस ब्लॉग में हम इसी विषय पर बात करेंगे। हम आपको बताएंगे कि पशुपालन के लिए लोन कैसे मिलता है? 

     

    सरकार की ऐसी कौन सी योजनाएं हैं, जिनके तहत लोन और सब्सिडी का लाभ लिया जा सकता है? तो चलिए, जानकारियों की ये गाड़ी आगे बढ़ाते हैं। लेकिन, उससे पहले ये जान लेते हैं कि इस दौरान आप क्या-क्या बातें जानेंगे?

     

    आप जानेंगे-

    • किन योजनाओं के तहत लोन और सब्सिडी का लाभ मिलता है?
    • कौन ये लाभ ले सकता है?
    • कौन सी संस्थाओं से लोन लिया जा सकता है?
    • लोन और सब्सिडी का लाभ लेने की प्रक्रिया क्या है?
    • एक्सपर्ट की क्या राय है?

     

    लोन और सब्सिडी से जुड़ी कुछ योजनाएं:

     

    डेयरी:

     

    • राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (NPDD)
    • डेयरी एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट स्कीम (DEDS)
    • डेयरी प्रसंस्करण एवं अवसंरचना विकास निधि (DIDF)

     

    मछली पालन:

     

    • प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY)
    • फिशरीज़ और एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (FIDF)
    • नील क्रांति मिशन (Blue Revolution)

     

    पोल्ट्री व अन्य:

     

    • पोल्ट्री वेंचर कैपिटल फंड (PVCF)
    • सुअर विकास (PG)
    • राष्ट्रीय पशु धन मिशन (NLM)

     

    मुद्रा योजना:

     

    आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मुद्रा योजना के तहत भी लोन लिया जा सकता है। गैर-कृषि कार्यों जैसे कि मछली पालन और पोल्ट्री फार्मिंग आदि के लिए मुद्रा योजना के तहत लोन लेना काफी आसान है। बशर्ते, आपको योजना के मानकों पर खरा उतरना होगा।

     

    pashupalan-loan

     

    इन्हें लाभ मिलेगा:

     

    • किसान
    • उद्यमी
    • एनजीओ
    • कंपनियां
    • सहकारी समितियां
    • स्व-सहायता समूह (SGHs)
    • संयुक्त देयता समूह (JLGs)

     

    संस्थाएं, जो लोन देंगी:

     

    • वाणिज्यिक बैंक
    • ग्रामीण क्षेत्रीय बैंक
    • राज्य सहकारी बैंक
    • राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक
    • पीएसयू या प्राइवेट बैंक 

     

    ज़रूरी कागज़ात:

     

    • आवेदन फॉर्म
    • वोटर आईडी, पैन कार्ड, आधार, ड्राइविंग लाइसेंस 
    • एड्रेस प्रूफ
    • प्रोजेक्ट रिपोर्ट

     

    इसके अतिरिक्त अलग-अलग योजनाओं के तहत कुछ अन्य दस्तावेज़ों की आवश्यकता भी पड़ सकती है।

     

    नाबार्ड की भूमिका:

     

    सरकार की तकरीबन सारी योजनाओं में नाबार्ड एक चैनलाइज़िंग एजेंसी के रूप में काम करता है। ग्रामीण भारत में वित्तीय व्यवस्था, विकास और पर्यवेक्षण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। साथ ही ये बैंकों व अन्य वित्तीय संस्थाओं के साथ समन्वय बनाकर काम करता है। लिहाज़ा, पशुपालन से जुड़ी कई योजनाओं के क्रियान्वयन में नाबार्ड को एक अहम कड़ी माना जा सकता है।

     

    ऐसे होता है लोन और सब्सिडी का प्रोजेक्ट मंज़ूर:

     

    • सबसे पहले आपको योजना के अनुरूप एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करनी पड़ती है।
    • इसके लिए आप अपने स्थानीय पशुपालन अधिकारी की मदद ले सकते हैं या फिर सीधे बैंक से संपर्क कर सकते हैं।
    • इसके बाद उस रिपोर्ट को बैंक में जमा करना होता है।
    • बैंक आपके प्रोजेक्ट का मूल्यांकन करती है और लोन का प्रपोज़ल मंज़ूर होता है।
    • बैंक के प्रपोज़ल मंज़ूर करने के बाद संबंधित विभाग 30 दिनों के अंदर EDEG पोर्टल पर लोन और सब्सिडी से जुड़ी जानकारियां अपलोड करता है।
    • जानकारियां अपलोड होने और उसके प्रमाणीकरण के बाद बैंक पैसे रिलीज़ करता है। गाइडलाइन्स को ध्यान में रखकर संपूर्ण राशि या फिर इंस्टॉलमेंट के रूप में पैसे रिलीज़ किए जाते हैं।
    • 30 दिनों के अंदर जारी की गई रकम की जानकारी भी अपलोड की जाती है।

    यहां यह बताना ज़रूरी है कि कई बार राज्य स्तर पर स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी (SLBC) भी लोन आदि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

     

    पशुपालन के लिए ऐसे मिलता है लोन

     

    हमें उम्मीद है कि आपको Knitter का यह ब्लॉग पसंद आया होगा। Knitter पर आपको बिज़नेस के अलावा कृषि एवं मशीनीकरण, एजुकेशन और करियर, सरकारी योजनाओं और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर भी कई महत्वपूर्ण ब्लॉग्स मिलेंगे। आप इनको पढ़कर अपना ज्ञान बढ़ा सकते हैं और दूसरों को भी इन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

     

    लेखक- कुंदन भूत

     

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