1 अप्रैल से वेतन घटेगा और पीएफ बढ़ेगा, जानिए कैसे

1 अप्रैल से वेतन घटेगा और पीएफ बढ़ेगा, जानिए कैसे

1 अप्रैल 2021 से निजी कंपनियों के कर्मचारियों की टेक होम सैलरी घट जाएगी। नए श्रम कानून के मुताबिक, अब कुल सैलरी में भत्तों का हिस्सा 50% से ज़्यादा नहीं होगा।

20 February 2021

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  • श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने 1 अप्रैल, 2021 से नए श्रम कानून को लागू करने की तैयारी कर ली है। इसके अनुसार, नौकरीपेशा लोगों के सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव देखने को मिलेंगे। 

     

    आइए जानें क्या है नया श्रम कानून 


    हमारे देश में 29 श्रम कानून थे, जिसे मोदी सरकार ने अगस्त 2020 में घटाकर कर 4 कर दिए हैं। 

     

    नए नियमों के तहत कर्मचारियों को हफ्ते में अधिकतम 48 घंटे काम करने की सुविधा मिल सकती है। यदि कोई कर्मचारी 4 दिनों में ही 48 घंटे काम कर लेता है तो उसे हफ्ते में 3 दिन की छुट्टियां दी जा सकती हैं। हालांकि, इसके लिए कर्मचारी को अपने काम के घंटे 8 से बढ़ाकर 12 घंटे करने होंगे। फिलहाल नियमों के मुताबिक, काम के घंटे 8 हैं और हफ्ते में 6 दिन काम करना पड़ता है। 

     

     

    इस कानून में प्रावधान कर दिया गया है कि कर्मचारी की बेसिक सैलरी उसकी मासिक CTC (Cost To Company) की 50 प्रतिशत  होना चाहिए। इन नियमों के मुताबिक, किसी भी कर्मचारी को कुल वेतन का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा भत्ते के रूप में भुगतान नहीं किया जा सकता है। 

     

    ऐसे कम हो जाएगी आपकी सैलरी

     

    इस कानून के मुताबिक, किसी भी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 50 प्रतिशत से कम नहीं होगी और बाकी 50 प्रतिशत ही भत्ते के रूप में दिए जा सकेंगे। अभी तक कंपनियां 50 प्रतिशत से अधिक की राशि भत्ते के रूप में देती थीं। 

     

    पीएफ पर पड़ेगा असर

     

    पहले लोग बेसिक सैलरी कम करवाकर अलाउंस बढ़वा लेते थे, जिससे टैक्स में छूट मिल जाती थी और प्रोविडेंट फंड (PF) भी कम कटता था। इससे इन-हैंड सैलरी बढ़ जाती थी। लेकिन, अब बेसिक सैलरी ‍जितनी ज़्यादा होगी PF उतना ज़्यादा कटेगा।  

     

    आइए, इसे और आसान भाषा में जानें 

     

    मान लिजिए, अभी आपकी CTC 50 हज़ार रुपये महीना है

     

    1 अप्रैल 2021 के पहले 

    1 अप्रैल 2021 के बाद

    बेसिक सैलरी- 20,000 रु.

    बेसिक सैलरी- 25,000 रु.

    बेसिक सैलरी से PF कटौती 12 %
    यानी 2,400 रु.

    अब PF की कटौती 12 % 

    यानी 3,000 रु.

    मेडिकल इंश्योरेंस और अन्य कटौती- 1,500 रु.

    मेडिकल इंश्योरेंस और अन्य कटौती- 1,500 रु.

    अन्य भत्ते -30,000 रु.

    अन्य भत्ते -25,000 रु.

    इन-हैंड सैलरी - 46,100 रु.

    इन-हैंड सैलरी- 45,500 रु.

     

    इसका मतलब ये नहीं हुआ कि आपकी सैलरी कम हो रही है बल्कि भविष्य में PF का योगदान बढ़ जाएगा। इससे लंबी अवधि में आपके पास ज़्यादा रकम होगी। 

     

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    ✍️

    लेखक- दीपक गुप्ता



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