नेहरू युवा केंद्रों में जागरूक और जिम्मेदार बनेगी युवा पीढ़ी

नेहरू युवा केंद्रों में जागरूक और जिम्मेदार बनेगी युवा पीढ़ी

नेहरू युवा केंद्र संगठन के अंतर्गत गांवों में युवा मंडलों का गठन किया जाता है। युवाओं का ये समूह गांव के विकास के लिए काम करता है।

23 December 2020

  • 432 Views
  • 5 Min Read

  • देश के निर्माण में युवाओं की अहम भूमिका होती है। किसी गांव के युवाओं के व्यक्तित्व और कौशल विकास से ही गांव का विकास संभव हो सकता है। नेहरू युवा केंद्र संगठन के अंतर्गत युवा मंडल से जुड़े युवाओं की प्रतिभाओं को सही दिशा मिलती है और गांव के विकास को भी बल मिलता है। नेहरू युवा केंद्र संगठन विश्व में अपने प्रकार की ज़मीनी स्तरीय सबसे बड़ी स्वयंसेवी संस्था है।

     

    इसके तहत गांवों में युवा मंडलों का गठन किया जाता है जो गांव के विकास के लिए काम करते हैं और कई तरह की गतिविधियों में भाग लेने से उनका खुद का भी शारीरिक और मानसिक विकास होता है। आप भी अपने गांव में युवा मंडल बना सकते हैं जिसे नेहरू युवा केंद्र संगठन द्वारा मान्यता दी जाती है। नेहरू युवा केंद्र संगठन गांव और युवाओं के विकास में कैसे सहायक हो सकते हैं हम ब्लॉग में इसी पर चर्चा करेंगे।

     

    क्या है नेहरू युवा केंद्र संगठन (NYKS)

     

    नेहरू युवा केंद्रों की स्थापना 1972 में हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य था कि युवाओं की देश के निर्माण में ज्यादा से ज्यादा भागीदारी हो और उनके व्यक्तित्व और प्रतिभाओं का विकास हो सके। 1986-87 में इन केंद्रों के कार्यों की निगरानी के लिए नेहरू युवा केन्द्र संगठन की स्थापना की गई। इसे युवा एवं खेल मामलों के मंत्रालय के अधीन स्वायत्त संगठन का दर्जा दिया गया. युवा एवं खेल मामलों के मंत्री इसके ही अध्यक्ष होते हैं। नेहरू युवा केंद्रों द्वारा ग्रामीण स्तर पर युवा मंडलों का  गठन किया जाता है जो ज़मीनी स्तर पर समाज निर्माण के लिए काम करते हैं।

     

    नेहरू युवा केंद्र

     

    नेहरू युवा केंद्र संगठन (NYKS) के उद्देश्य 

     

    नेहरू युवा केंद्र संगठन का मुख्य उद्देश्य यही है कि समाज निर्माण में देश की युवा पीढ़ी ज्यादा से ज्यादा योगदान दे सके। नेहरू युवा केंद्र संगठन के कार्यक्रमों में विशेष रूप से अच्छी नागरिकता के मूल्यों को विकसित करना, धर्मनिरपेक्ष रूप से सोच और व्यवहार को विकसित करना, कौशल विकास करना और युवाओं को सृजनकारी एवं संगठनात्मक व्यवहार को अपनाने पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाता है.

     

    क्या होते हैं युवा मंडल

     

    युवा मंडल 15 से 29 वर्ष  की आयु के युवक/युवतियों का ऐसा संगठन है जो खुद की इच्छा से सामुदायिक गतिविधियों में सहभागी बनना चाहता है। युवा मंडल के सदस्य जिम्मेदार और जागरूक होते हैं और अपने गांव और समाज की उन्नति के लिए काम करते हैं। युवा मंडल युवाओं के लिए एक क्षेत्र में समाज के विकास के लिए गतिविधियों को पूरा करने, उन पर चर्चा करने और योजना बनाने के लिए एक मंच उपलब्ध कराता है।

     

    युवा मंडल से जुड़ने के फायदे

     

    • शिक्षा के प्रति जागरूकता
    • रोज़गार और कौशल विकास
    • स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवनशैली
    • सामाजिक मूल्यों को बढ़ावा
    • लोगों से जुड़ने का मंच
    • राजनीति और शासन के प्रति जागरूकता

     

    कैसे होता है युवा मंडल का गठन

     

    • युवा मंडल में कम से कम 20 सदस्य होने चाहिए जिनकी उम्र 15 से 29 साल के बीच होनी चाहिए।
    • युवा मंडल की सदस्यता गांव के सभी युवाओं के लिए खुली होनी चाहिए और इसमें समाज के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व होना चाहिए।
    • युवा मंडल के गठन और पदाधिकारियों के चुनाव में सबकी सहमति होनी चाहिए।
    • युवा मंडल के गठन के बाद नेहरू युवा केंद्र के नज़दीकी कार्यालय में आवेदन करना चाहिए।
    • युवा मंडल के संचालन के लिए नियम और मासिक सदस्यता राशि तय की जानी चाहिए। 
    • शुल्क से प्राप्त राशि बैंक में युवा मण्डल के नाम खाता खोलकर जमा की जाना चाहिए। इस राशि का उपयोग मण्डल द्वारा आयोजित कार्यक्रमों के लिये किया जाना चाहिए।
    • युवा मंडल को शासकीय योजनाओं का लाभ मिल सके इसके लिए सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत मंडल का पंजीकरण करना चाहिये। नेहरू युवा केन्द्र के माध्यम से पंजीयन करवाने पर पंजीयन शुल्क में छूट दी जाती है।

     

    कैसे काम करते हैं युवा मंडल ?

     

    युवा मंडलों द्वारा ग्रामीण स्तर पर कई गतिविधियां करवाई जाती हैं। वित्तीय संसाधन सहयोग और तकनीकी सहयोग के आधार पर युवा मंडल के कार्यक्रमों को चार मुख्य भागों में बांटा जा सकता है:

    • नेहरु युवा केन्द्र द्वारा वित्त पोषित कार्यक्रम
    • केंद्र/राज्य सरकार के विकास विभाग, गैर सरकारी संगठन, और अन्य वित्त पोषण संगठनों के सहयोग से कार्यक्रम
    • ग्राम पंचायत, नगर पालिका, निगम इत्यादि जैसे स्थानीय स्वशासन संस्थान के साथ सहयोग से कार्यक्रम
    • स्थानीय संसाधन एकत्रीकरण के माध्यम से कार्यक्रम


    क्या हैं युवा मंडल के कार्य 

     

    युवा मंडलों द्वारा स्थानीय सहयोग, सरकारी सहयोग या फिर नेहरू युवा केंद्र की वित्तीय मदद से कई गतिविधियां करवाई जा सकती हैं। युवा मंडलों द्वारा किए जाने वाले कार्यों में सफाई अभियान, खेलकूद प्रतियोगिताएं और जागरूकता अभियान जैसे कार्यक्रम शामिल होते हैं। इससे युवा मंडल के सदस्य अपनी प्रतिभाओं को भी एक मंच दे पाते हैं। मंडल द्वारा महीने में कम से कम दो बैठकें की जाती हैं और साल भर विभिन्न कार्यक्रम करवाए जाते हैं जो समाज के लिए लाभकारी होते हैं।

     

    लोगों को कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना: 

     

    गांव के लोगों को उनके नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया जाता है। जैसे वोट देने, ग्राम सभा में भाग लेने, खुले में शौच ना करने आदि के लिए प्रेरित किया जाता है। 

     

    सामाजिक समस्याओं का समाधान: 

     

    आज भी हमारे समाज में जाति प्रथा, छुआछूत, अंधविश्वास, दहेज़ प्रथा, बाल विवाह जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। जिनके खिलाफ युवा मंडलों द्वारा अभियान चलाकर समाज को जागरूक करने का प्रयास किया जाता है।

     

    पर्यावरण संरक्षण:

     

    युवा मंडलों द्वारा पेड़ लगाना, जल स्रोतों को साफ करना, सफाई अभियान चलाने जैसे कार्य किए जाते हैं। कृषि में कीटनाशकों और रसायनों के अंधाधुंध प्रयोग के खिलाफ ग्रामीणों को जागरूक किया जाता है।

     

    स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रमों में भागीदारी:

     

    सरकार द्वारा समय समय पर स्वास्थ्य संबंधी कई योजनाएं चलाई जाती हैं जिसमें टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं/बुजुर्गों को मिलने वाली दवाइयां और निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। युवा मंडल के सदस्य ग्रामीणों को इसके लिए जागरूक करते हैं और योजनाओं का लाभ लेने में उनकी मदद करते हैं।

     

    स्थानीय कार्य:

     

    युवा मंडलों द्वारा गांव में कई समस्याओं के समाधान के लिए श्रमदान दिया जाता है। जैसे तालाब की खुदाई करना, रास्तों का निर्माण करना आदि।

     

    प्रतियोगिताओं का आयोजन:

     

    युवा मंडलों द्वारा गांव में खेलकूद, शिक्षा संबंधित और कल्चरल प्रतियोगिताओं के भी आयोजन करवाए जाते हैं जिससे गांवों के प्रतिभा को भी मंच मिलता है और उनमें प्रतिस्पर्धा की भावना भी पैदा होती है।

     

    आपात स्थिति में राहत कार्य:

     

    सड़क दुर्घटना, बाढ़, आग लगना जैसी स्थितियों में कई बार आपातकालीन सेवाएं गांव तक नहीं पहुंच पाती। ऐसे में युवा मंडल राहत के कार्यों को अंजाम देते हैं।

     

    अगर आप भी युवा हैं और गांव के विकास में भागीदार बनना चाहते हैं तो आप भी अपने गांव के युवा मंडल से जुड़ सकते हैं। यदि आपके गांव में युवा मंडल नहीं है तो आप गांव के युवाओं को इकट्ठा कर युवा मंडल का गठन कर सकते हैं इससे आप गांव विकास से जुड़े विभिन्न कार्यों को संगठन के माध्यम से कर पाएंगे। 



    यह भी पढ़ें



    सरकारी विभाग की अन्य ब्लॉग