बेहतर कामों के लिए पंचायतों को मिलते हैं ये पुरस्कार

राष्ट्रीय स्तर पर पंचायतों को मिलने वाले पुरस्कार

अच्छे कामों के लिए पंचायतों को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार द्वारा पुरस्कार दिए जाते हैं। आइए जानते हैं इन पुरस्कार के बारे में।

06 March 2021

  • 1165 Views
  • 3 Min Read

  • भारत में करीब 2.6 लाख पंचायतें हैं। देश में होने वाले विकास की मुख्य कड़ी ये पंचायतें ही हैं। केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा विकासात्मक योजनाएं बनाई जाती हैं और इनके लिए बजट भी जारी किया जाता है, लेकिन उन्हें ज़मीनी स्तर पर ग्राम पंचायतों द्वारा ही क्रियान्वित किया जाता है।

     

    योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और अन्य कार्यक्रमों को लागू करने वाली ग्राम पंचायतों को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर हर साल पुरस्कार दिए जाते हैं। जिसमें इन पंचायतों को कैश प्राइज और अन्य लाभ भी मिलते हैं। इससे जीतने वाली पंचायतों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान तो मिलती ही है, साथ ही पंचायत में और विकास के लिए भी बजट मिल जाता है।

     

    तो आइए आज जानते हैं, पंचायतों को राष्ट्रीय स्तर पर कौन-कौन से पुरस्कार दिए जाते हैं और इन्हें चुनने की प्रक्रिया क्या होती है? लेकिन, उससे पहले समझते हैं कि इन पुरस्कारों को देने का उद्देश्य क्या है?

     

    पंचायत पुरस्कारों के उद्देश्य

     

    सरकार द्वारा पंचायतों को दिए जाने वाले विभिन्न पुरस्कारों के लिए उन्हें अलग-अलग मानकों पर परखा जाता है और खरा उतरने वाली पंचायतों को हर साल पुरस्कार  दिए जाते हैं। बेहतर काम करने वाली पंचायतों को दिए जाने वाले इन पुरस्कारों के पीछे सरकार के निम्न उद्देश्य होते हैं-

     

    • पंचायत के विकास के लिए पंचायत सदस्य अपनी शक्तियों का पूरा इस्तेमाल करें
    • पंचायत सरकार से मिलने वाले फंड का पूरा उपयोग करें
    • पंचायत पदाधिकारियों द्वारा योजनाओं का लाभ ज़्यादा से ज़्यादा पात्रों तक पहुंचाया जाए 
    • जनरल हाउस और बैठकों के माध्यम से गांव के सभी लोगों की पंचायत गतिविधियों में भागीदारी सुनिश्चित हो
    • पुरस्कार देने से दूसरी पंचायतों को भी अच्छा काम करने की प्रेरणा मिले

     

     

    राष्ट्रीय स्तर पर पंचायतों को मिलने वाले पुरस्कार

     

     

    राष्ट्रीय स्तर पर मिलने वाले पंचायत पुरस्कार 

     

    यूं तो ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर कई सर्वे करवाकर और पंचायतों की परफॉर्मेंस के आधार पर अच्छा काम करने वाली पंचायतों को समय-समय पर सम्मानित किया जाता रहता है। लेकिन, 24 अप्रैल यानी पंचायती राज दिवस पर मिलने वाले राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कारों पर सभी की नज़र रहती है। इस दिन देश भर में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को निम्न पुरस्कार दिए जाते हैं-

     

    • दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार (DDUPSP)
    • नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा पुरस्कार (NDRGGSP)
    • ग्राम पंचायत विकास योजना पुरस्कार (GPDPA)
    • बाल हितैषी ग्राम पंचायत पुरस्कार (CFGPA)

     

    दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार

     

    केंद्र सरकार द्वारा इस पुरस्कार को देने की शुरुआत  2011 से की गई थी। ये पुरस्कार सेवाओं और सार्वजनिक उपक्रमों को ज़मीनी स्तर पर लोगों तक पहुंचाने में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को दिया जाता है। इस पुरस्कार को एक कॉमन कैटेगरी और 9 अलग-अलग थीम आधारित कैटगरी में दिया जाता है। जो निम्नलिखित हैं- 

     

    1.  स्वच्छता
    2.  नागरिक सेवाएं (पेयजल, स्ट्रीट लाइट, बुनियादी ढांचा)
    3.  प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन
    4.  पिछड़े और कमजोर वर्ग के लिए कार्य (महिलाएं, एससी / एसटी, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक)
    5.  सामाजिक क्षेत्र में प्रदर्शन
    6.  आपदा प्रबंधन
    7. ग्राम पंचायत में वालेंटियरों द्वारा किए जाने वाले कार्य
    8.  राजस्व के नए प्रबंध करना
    9. ई-गवर्नेंस

     

    इस पुरस्कार के लिए जिला, ब्लॉक और ग्रामीण स्तर पर परिषद, समिति और पंचायत का चुनाव किया जाता है। जीतने वाली जिला परिषद को 50 लाख रुपये, पंचायत समिति को 25 लाख रुपये और ग्राम पंचायत को 8 लाख रुपये दिए जाते हैं।

     

    नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा पुरस्कार

     

    भारत सरकार द्वारा इस पुरस्कार की शुरुआत 2010 से की गई थी। ग्राम सभा बैठकों के माध्यम से पंचायत के सामाजिक और आर्थिक ढांचे में सुधार करने वाली पंचायतों को इस पुरस्कार के माध्यम से प्रोत्साहित किया जाता है। गांव के विकास में सभी ग्राम वासियों की भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए ग्राम सभा की बैठकों का आयोजन किया जाता है। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन और पंचायत में बजट में पारदर्शिता आती है। इसी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा पुरस्कार दिया जाता है। इसके तहत हर राज्य में एक ग्राम पंचायत को 10 लाख रुपये की धनराशि जारी की जाती है।

     

    ग्राम पंचायत विकास योजना पुरस्कार

     

    2018 में पहली बार इस पुरस्कार  की घोषणा की गई थी। जैसा कि आप जानते ही हैं कि पंचायतें सरकारी योजनाओं को धरातल पर अमलीजामा पहनाने में ज़रूरी भूमिका निभाती हैं। जो भी पंचायतें सरकार की विभिन्न योजनाओं और सरकार द्वारा मुहैया करवाए जाने वाले संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर क्षेत्र का विकास करती हैं। उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए ग्राम पंचायत विकास योजना पुरस्कार दिया जाता है। इसके तहत हर राज्य से एक ग्राम पंचायत को चुना जाता है, जिसे 5 लाख रुपये की राशि पुरस्कार के तौर पर जारी की जाती है।

     

    बाल हितैषी ग्राम पंचायत पुरस्कार

     

    इस पुरस्कार  की शुरुआत 2019 में की गई थी। बच्चों के विकास लिए बेहतर काम करने वाली पंचायतों को इस पुरस्कार  के लिए चुना जाता है। हर राज्य से चुनी गई एक पंचायत को 5 लाख रुपये की राशि पुरस्कार के तौर पर जारी की जाती है।

     

    प्रक्रिया

     

    1. नॉमिनेशन- सभी पंचायत पुरस्कारों के लिए हर साल अगस्त में सरकारी वेबसाइट www.panchayataward.gov.in के माध्यम से आवेदन किए जाते हैं। पंचायत सचिव यहां पर अपनी पंचायत का आवेदन अलग-अलग पुरस्कारों के लिए करते हैं। पंचायती राज मंत्रालय द्वारा प्रत्येक श्रेणी के लिए एक प्रश्नावली (Questionnaire) तैयार की जाती है, जिसके आधार पर पंचायतों को चुना जाता है।
    2. शॉर्ट लिस्टिंग- पंचायतों की शॉर्ट लिस्टिंग के लिए राज्य स्तर पर एक कमेटी बनाई जाती है, जिसमें स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी सम्मिलित किया जाता है।
    3. फील्ड वेरिफिकेशन- शॉर्ट लिस्ट की गई पंचायतों की धरातल पर जांच की जाती है कि फॉर्म में किए गए दावे सही है या नहीं? इसके लिए पंचायती राज विभाग द्वारा टीमों को फील्ड वेरिफिकेशन के लिए भेजा जाता है।
    4. फाइनल स्क्रीनिंग- पुरस्कारों की फाइनल लिस्ट का मूल्यांकन पंचायती राज मंत्रालय द्वारा गठित ‘नेशनल स्क्रीनिंग कमेटी’ द्वारा किया जाता है। फील्ड वेरिफिकेशन और भरे गए प्रश्नों के आधार पर बेस्ट पंचायतों का चयन किया जाता है।

     

    राष्ट्रीय स्तर पर पंचायतों को मिलने वाले पुरस्कार

     

     

    आप भी अपनी पंचायत के सदस्यों को इन पुरस्कारों को पाने के लिए प्रेरित ज़रूर करें। एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी पंचायत की ग्राम सभा बैठकों में भाग लेकर आप गांव के प्रतिनिधियों के साथ इस बारे में चर्चा कर सकते हैं और आने वाले पंचायती राज दिवस पर अपनी पंचायत को पुरस्कार दिलाने की ओर पहला कदम बढ़ा सकते हैं। और हां! इस ब्लॉग को अपनी पंचायत के लोगों के साथ साझा करना ना भूलें।

     

    लेखक- मोहित वर्मा      

     



    यह भी पढ़ें



    पंचायती राज की अन्य ब्लॉग