नेशनल मीन्स कम मेरिट स्कॉलरशिप योजना का कैसे लें लाभ

नेशनल मीन्स कम मेरिट स्कॉलरशिप योजना का कैसे लें लाभ

नेशनल मीन्स कम मेरिट स्कॉलरशिप योजना के तहत 9वीं से 12वीं तक हर साल 12 हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।

08 January 2021

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  • परिवार की खराब आर्थिक स्थिति के चलते कई मेघावी छात्र अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाते। इससे उन बच्चों का भविष्य तो खराब होता ही है, साथ ही अपनी काबिलियत के मुताबिक, वे देश की प्रगति में भी योगदान नहीं दे पाते। अब केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही नेशनल मीन्स कम मेरिट स्कॉलरशिप योजना (National Means Cum Merit Scholarship Scheme) से गरीब परिवार के बच्चों की पढ़ाई नहीं छूटेगी। इसके तहत 9वीं से 12वीं कक्षा की पढ़ाई के लिए पात्र स्टूडेंट को हर साल 12 हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। इस ब्लॉग में नेशनल मीन्स कम मेरिट स्कॉलरशिप स्कीम (NMMSS) से संबंधित सभी जानकारियां आसान भाषा में समझाई गई हैं ताकि आप भी इस योजना का लाभ उठा सकें या फिर अपने किसी पात्र विद्यार्थी का मार्गदर्शन कर सकें।

     

    क्या है योजना?

     

    नेशनल मीन्स कम मेरिट स्कॉलरशिप योजना (National Means Cum Merit Scholarship Scheme) केंद्र सरकार द्वारा संचालित एक छात्रवृत्ति योजना है। इस योजना की शुरुआत 2008 में की गई थी। योजना के तहत गरीब परिवार से संबंध रखने वाले 9वीं से 12वीं तक के छात्र को 12 हजार रुपये की स्कॉलरशिप हर साल दी जाती है। योजना के लिए हर साल देश भर से 9वीं में पढ़ने वाले 1 लाख छात्रों का परीक्षा के माध्यम से चयन किया जाता है।

     

    नेशनल मीन्स कम मेरिट स्कॉलरशिप स्कीम (NMMSS)

     

    नेशनल मीन्स कम मेरिट स्कॉलरशिप स्कीम (NMMSS) के लाभ

     

    इस योजना के पात्र विद्यार्थी को 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप प्रदान की जाती है। लाभार्थी को 1000 रुपये प्रति माह की दर से साल में एक बार 12000 रुपये बैंक खाते में डाले जाते हैं।

     

    NMCMS के लिए योग्यता

    • आवेदक कम से कम 55% अंकों के साथ 8वीं पास होना चाहिए।
    • सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल में 9वीं कक्षा का रेगुलर छात्र होना चाहिए।
    • परिवार की सालाना आय 1,50,000 रुपये से कम होनी चाहिए।
    • अन्य किसी स्कॉलरशिप योजना का लाभ न ले रहा हो।
    • स्कॉलरशिप जारी रखने के लिए छात्र को सालाना परीक्षाओं में पास होना होगा। वहीं, 9वीं व 11वीं में 55% अंक और 10वीं में 60 प्रतिशत अंक लाने होंगे।

     

    आवेदन की प्रक्रिया

     

    नेशनल मीन्स कम मेरिट स्कॉलरशिप स्कीम (NMMSS) का लाभ उठाने के लिए सभी ज़रूरी मानदंड पूरे करने होंगे और NMCMS की परीक्षा पास करनी होगी। ये केंद्र सरकार की योजना है, लेकिन इसके लिए राज्य स्तर पर परीक्षाएं आयोजित करवाई जाती हैं। इसके लिए राज्य सरकारों द्वारा हर साल ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन मांगे जाते हैं।

     

    परीक्षा का पैटर्न

     

    हर राज्य द्वारा अपने स्तर पर नेशनल मीन्स कम मेरिट स्कॉलरशिप (NMCMS) के लिए परीक्षाएं आयोजित करवाई जाती हैं और छात्रों को सिलेक्ट किया जाता है। राज्य स्तर की परीक्षा को दो भागों में बांटा जाता है:

    मेंटल एबिलिटी टेस्ट(MAT) : 

    इसमें रिजनिंग से संबंधित 90 मल्टिपल चॉइस प्रश्न पूछे जाएंगे। इसमें छात्रों की तार्किक क्षमता को परखा जाता है।

     

    स्कॉलरशिप एबिलिटी टेस्ट(SAT):

    इसमें भी 90 मल्टिपल चॉइस प्रश्न शामिल होंगे। जिसमें 7वीं और 8वीं के सिलेबस में शामिल विज्ञान, सामाजिक अध्ययन और गणित विषयों से संबंधित सवाल होंगे।

    हर टेस्ट के लिए 90 मिनट का समय दिया जाएगा। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को दोनों परीक्षाओं में कुल 40 प्रतिशत अंक हासिल करना अनिवार्य है। (आरक्षित वर्गों के लिए 32%)

     

    स्कॉलरशिप मिलने की प्रक्रिया:

    • राज्य सरकार द्वारा परीक्षा में उत्तीर्ण छात्रों के आवेदन स्कॉलरशिप पोर्टल के माध्यम से शिक्षा मंत्रालय को भेजे जाते हैं।
    • मंत्रालय द्वारा आवेदनों की जांच करने के बाद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को बजट जारी किया जाता है।
    • मंत्रालय से बजट जारी होते ही स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा छात्रों के खाते में स्कॉलरशिप का पैसा ट्रांसफर कर दिया जाता है।

     

    योजना के तहत सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में आवेदन मांगे जाते हैं, आपको अपने प्रदेश के शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर इससे संबंधित सूचनाएं मिल जाएंगी। उम्मीद है इस ब्लॉग में आपको नेशनल मीन्स कम मेरिट स्कॉलरशिप स्कीम (NMMSS) से  जुड़ी सभी जानकारियां मिल पाई होंगी। Knitter चैनल पर आप अन्य कई ऐसी योजनाओं से संबंधित ब्लॉग आसान शब्दों में पढ़ सकते हैं। 



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