मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना से शुरू करें अपना बिज़नेस

मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना से शुरू करें अपना बिज़नेस

हिमाचल के युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने हेतु मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत मिलते हैं कई तरह के फायदे। जानें....


भारत में भारी जनसंख्या के चलते बेरोज़गारी एक बड़ी समस्या है। काबिल होने के बावजूद कई युवाओं को रोज़गार से वंचित रहना पड़ता है या फिर मज़बूरन कम सैलरी पर काम करना पड़ता है। ऐसे काबिल युवाओं के लिए स्वरोजगार एक अच्छा विकल्प है। नौकरी के लिए भटकने के बज़ाए अपना व्यवसाय शुरू करके युवा जहां अच्छे पैसे कमा सकते हैं, वहीं दूसरों के लिए भी नौकरियां पैदा होती हैं। ऐसे एंटरप्रेन्योर के लिए भारत सरकार के साथ-साथ राज्य सरकारें भी कई योजनाएं चला रही है। आज इस ब्लॉग में हम हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही ‘मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना’ की बात करेंगे, जिससे हिमाचल के बेरोजगार युवाओं को अपना बिज़नेस स्थापित करने के लिए सरकार द्वारा कम किराए पर ज़मीन और लोन पर सब्सिडी भी दी जाती हैं।

 

क्या है मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना?

 

हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के युवाओं को स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से नया बिज़नेस सेट अप करने के लिए औद्योगिक क्षेत्रों में सस्ती दरों पर ज़मीन के साथ उपकरणों, मशीनरी आदि की खरीद पर 35 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलती है। वहीं लोन लेने पर ब्याज़ की राशि में छूट मिलती है। इस योजना की शुरूआत  2018 में की गई थी। 

 

मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना

 

योजना का उद्देश्य

  • बेरोजगारी को कम करना
  • स्वरोजगार को बढ़ावा देना
  • प्रदेश में नए उद्योग स्थापित करना

 

योजना के लाभ

मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत हिमाचल प्रदेश के युवा उद्यमियों को सरकार से कई तरह के लाभ मिलते हैं:

  • न्यूनतम किराए पर मिलेगी सरकारी ज़मीन : इस योजना के तहत अपना व्यवसाय शुरू करने वाले नए उद्यमियों को सरकार द्वारा सिर्फ 1% किराये पर ज़मीन मुहैया करवाई जाएगी।

 

  • मशीनों की खरीद पर सब्सिडी : कम से कम 40 लाख रुपये के टोटल इन्वेस्टमेंट पर सरकार द्वारा उद्यमी को मशीन कॉस्ट पर विशेष सब्सिडी दी जाएगी
    • विधवाओं को 35% सब्सिडी
    • महिलाओं को 30% सब्सिडी
    • पुरुषों को 25% सब्सिडी

 

  • लोन पर सब्सिडी : योजना के तहत स्टार्टअप शुरू करने के लिए किसी भी बैंक से 40 लाख रुपये का लोन लेने पर 3 साल तक ब्याज़ की राशि में 5% की सब्सिडी सरकार द्वारा दी जाती है।

 

  • स्टांप ड्यूटी में कमी : सरकार योजना के लाभार्थी द्वारा भरी जाने वाली स्टाम्प की राशि को भी कम करेगी। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत यदि कोई ज़मीन खरीदेगा तो 6% की जगह 3% तक की स्टाम्प ड्यूटी ही देनी होगी।

 

योजना की पात्रता:

  • आवेदक हिमाचल की स्थाई निवासी होना चाहिए।
  • आवेदक की उम्र 18 से 35 साल होनी चाहिए।
  • आवेदक बेरोजगार होना चाहिए।
  • प्रोजेक्ट कॉस्ट 40 से 60 लाख के बीच होनी चाहिए।
  • योजना का लाभ निर्माण और सर्विस सेक्टर में उद्योग स्थापित करने पर मिलेगा।

 

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज़

  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • बैंक पासबुक
  • पासपोर्ट साइज फोटो

 

आवेदन की प्रक्रिया

  • योजना के पात्र आवेदक को https://emerginghimachal.hp.gov.in/ वेबसाइट पर जाकर योजना से जुड़ा फॉर्म ऑनलाइन भरना होगा।
  • कॉमन एप्लिकेशन फॉर्म के साथ आधार कार्ड और निवास प्रमाण पत्र की स्कैन की गई कॉपी अपलोड करनी होगी।
  • उद्योग विभाग द्वारा आवेदन पत्रों की स्क्रूटनी की जाएगी और पात्र आवेदकों के फॉर्म डिस्ट्रिक्ट लेवल कमेटी(DLC) को भेजे जाएंगे।
  • DLC से उद्योग को मंजूरी मिलने के बाद आवेदक योजना के तहत मिलने वाले सभी लाभ लेने का हकदार होगा।
  • DLC से मिले मंजूरी पत्र के माध्यम से ही आवेदक को सरकारी जमीन के आवंटन और बैंक से लोन के लिए अप्लाई  करना होगा।

 

यदि आप भी युवा हैं और अपना उद्योग स्थापित करने का सपना देखते हैं तो हिमाचल सरकार की इस योजना का लाभ ले सकते हैं। इस ब्लॉग में योजना से संबंधित सभी सवालों के जवाब देने की कोशिश की गई है। Knitter चैनल पर सरकार द्वारा चलाई जा रही ऐसी कई जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध है।

 

✍️ लेखक- भावना चौहान

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