जानें, क्या है उत्तराखंड की मुख्यमंत्री स्वरोज़गार योजना?

जानें, क्या है उत्तराखंड की मुख्यमंत्री स्वरोज़गार योजना?

उत्तराखंड की मुख्यमंत्री स्वरोज़गार योजना (MSY Scheme) राज्य के लोगों को कोरोना संकट के आर्थिक प्रभावों से उबरने में मदद कर रही है। आइए, इस पर एक नज़र डालें।


बीते कुछ समय में कोरोना महामारी ने लाखों-करोड़ों ज़िंदगियों को प्रभावित किया है। लेकिन इस बीच बहुत सी ऐसी चीज़ें भी हुई हैं जिससे लोगों को इस संकट से उबरने में मदद मिली है। उत्तराखंड की मुख्यमंत्री स्वरोज़गार योजना (MSY Scheme) भी उन्हीं अच्छी चीज़ों में से एक है, जिससे राज्य में स्वरोज़गार को बल मिल रहा है।

 

आज Knitter के इस ब्लॉग में हम इसी योजना पर बात करेंगे। हम आपको इस छोटे से राज्य के उस सराहनीय प्रयास के बारे में बताएंगे, जिससे लोगों में एक नई उम्मीद बंधी है। तो चलिए, आगे बढ़ते हैं और जानते हैं कि आख़िर इस योजना के ज़रिए राज्य सरकार लोगों के जीवन को किस तरह से दिशा देने का प्रयास कर रही है। आइए, एक नज़र इस योजना पर डालते हैं।

 

क्या है MSY Scheme?

 

यह उत्तराखंड सरकार द्वारा शुरू की गई एक योजना है जिसके ज़रिए प्रदेश के युवाओं और कोविड माहमारी के दौरान पुनः प्रदेश लौटे प्रवासियों को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। बता दें कि योजना के तहत राज्य सरकार लोगों को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए रियायती दरों पर लोन उपलब्ध कराती है। कई राष्ट्रीय और वाणिज्यिक बैंकों के अलावा सहकारी बैंकों के ज़रिए यह लोन उपलब्ध कराया जाता है।  

उत्तराखंड की मुख्यमंत्री स्वरोज़गार योजना

 

इसका उद्देश क्या है?

 

राज्य के युवाओं और प्रवासियों को आत्मनिर्भर बनाना ही इस योजना का उद्देश्य है। इसके ज़रिए प्रदेश के ग्रामीण व शहरी बेरोज़गारों के अतिरिक्त हस्तशिल्प आदि से जुड़े काम करने वाले लोगों को स्वरोज़गार के प्रति प्रेरित किया जा सकेगा। सरकार का यह भी मानना है कि इससे स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग कर नए अवसर निर्मित किए जा सकेंगे।

 

योजना के फायदे क्या हैं?

 

  • बेरोज़गार अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकेंगे।
  • सरकार उन्हें बैंकों द्वारा लोन उपलब्ध कराएगी।
  • उस लोन पर सब्सिडी दी जाएगी।
  • स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा।
  • पलायन रोकने में मदद मिलेगी।

 

इसकी पात्रता क्या होगी?

 

  • आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
  • शिक्षित व अशिक्षित, दोनों ही इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
  • मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर, सर्विस सेक्टर और बिज़नेस सेक्टर को इस योजना के तहत वित्तीय मदद प्रदान की जाएगी।
  • योजना के लाभ लेने के लिए आवेदक तथा इकाई का ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा होना चाहिए। उसका नाम किसी भी राष्ट्रीय बैंक, वित्तीय संस्था या सहकारी बैंक आदि की डिफॉल्टर लिस्ट में नहीं होना चाहिए।
  • बीते 5 वर्षों में उसके द्वारा केंद्र या राज्य सरकार द्वारा संचालित किसी भी स्वरोज़गार योजना का लाभ नहीं लिया जाना चाहिए।
  • यदि किसी कारण उसने बीते 5 वर्षों में ऐसी किसी योजना का लाभ लिया है,  लेकिन किसी भी प्रकार का डिफॉल्ट नहीं किया है, तो उसे योजना का लाभ मिल सकता है।
  • परिवार के किसी एक सदस्य को ही योजना का लाभ मिल सकेगा।
  • आवेदक द्वारा शपथ पत्र पेश किया जाना अनिवार्य होगा।
  • यदि आवेदक SC/ST, OBC, अल्पसंख्यक, भूतपूर्व सैनिक, महिला या दिव्यांगजन जैसी विशेष श्रेणी के तहत आता है, तो उसे इससे जुड़ा प्रमाण आवेदन पत्र के साथ संलग्न करना होगा।
  • यदि आवेदनों की संख्या अधिक होगी तो प्रोजेक्ट की व्यवहार्यता को परखा जाएगा। साथ ही “पहले आएं पहले पाएं” के आधार पर लाभार्थियों का चयन किया जाएगा।

 

कौन से कागज़ात चाहिए होंगे?

  • निवास प्रमाण पत्र
  • आधार कार्ड
  • प्रोजेक्ट रिपोर्ट
  • शपथ पत्र
  • शिक्षा से जुड़े प्रमाण पत्र
  • बैंक डीटेल्स
  • जाति प्रमाण पत्र (यदि आवेदक किसी विशेष वर्ग से ताल्लुक रखता हो)
  • दिव्यांग प्रमाण पत्र (यदि आवेदक दिव्यांग की श्रेणी में आता हो)
  • राशन कार्ड की फोटोकॉपी
  • पासपोर्ट साइज़ फोटो

 

कौन से काम शुरू किए जा सकेंगे?

 

इस योजना के तहत आप अपनी खुद की दुकान खोल सकते हैं। यदि आपकी रूचि मछली पालन जैसे व्यवसाय में है, तो आप वो भी कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त आप डेयरी, ढाबा या रेस्टोरेन्ट आदि भी खोल सकते हैं। यहां तक कि आप अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट भी लगा सकते हैं। 

 

कितनी वित्तीय सहायता मिलेगी?

 

इस योजना के तहत मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस और बिज़नेस सेक्टर के लिए लोन दिया जाएगा। वित्तीय सहायता की बात की जाए, तो इन तीनों ही क्षेत्रों के लिए प्रोजेक्ट लागत की अधिकतम सीमा निर्धारित की गई है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए प्रोजेक्ट लागत की अधिकतम सीमा 25 लाख रखी गई है। तो वहीं, सर्विस और बिज़नेस सेक्टर के लिए यह सीमा 10 लाख रुपये है।

 

लोन और सब्सिडी का स्वरूप क्या होगा?

 

यदि कोई प्रदेश के दूरस्थ व पर्वतीय ज़िलों में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाता है, तो उसे 25 लाख रुपए के लोन पर 25 प्रतिशत तक की सब्सिडी मिलेगी। इस लिहाज़ से देखें, तो सब्सिडी की रकम करीब 6 लाख 25 हज़ार होगी, जो कि एक बड़ी राशि है।

 

इसके अतिरिक्त यदि कोई व्यक्ति पर्वतीय क्षेत्रों में सर्विस या बिज़नेस सेक्टर में 10 लाख तक की प्रोजेक्ट शुरू करता है, तो उसे भी 25 प्रतिशत तक की सब्सिडी मिलेगी। लिहाज़ा, सब्सिडी की रकम करीब 2.5 लाख होगी। आपको बता दें कि सर्विस और बिज़नेस सेक्टर के लिए सब्सिडी की अधिकतम सीमा भी 2.5 लाख ही है।

 

वहीं, B श्रेणी के ज़िलों में सब्सिडी का अनुपात थोड़ा कम है। इन ज़िलों में 20 प्रतिशत तक की सब्सिडी का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त यदि कोई मैदानी क्षेत्र में अपने प्रोजेक्ट की शुरुआत करता है, तो उसे 15 प्रतिशत तक की सब्सिडी मिलेगी।

 

यहां आपको बताना ज़रूरी है कि MSME नीति 2015 के तहत प्रदेश के ज़िलों को 5 अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है। ये श्रेणियां कुछ इस तरह हैं-

श्रेणी- ‘A’

श्रेणी- ‘B’

श्रेणी- ‘B’+

श्रेणी- ‘C’

श्रेणी- ‘D’

जानकारी के लिए बता दें कि उपरोक्त दी गई श्रेणियों के आधार पर ही सब्सिडी का निर्धारण किया गया है। 

 

मार्जिन के तौर पर कितनी राशि देनी होगी?

 

यदि कोई सामान्य वर्ग का व्यक्ति प्रोजेक्ट शुरू करता है, तो उसे प्रोजेक्ट की लागत का 10 प्रतिशत मार्जिन के तौर पर देना होगा। वहीं, अन्य श्रेणियों के आवेदकों को महज़ 5 प्रतिशत मार्जिन का भुगतान करना होगा।

 

आवेदन कैसे करना होगा?

 

  • सबसे पहले आपको योजना से जुड़ी आधिकारिक वेबसाइट www.msy.uk.gov.in पर जाना होगा।
  • इसके बाद आपको ‘पंजीकरण करें’ के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • अब आपको मांगी गई जानकारियां भरनी होंगी। आपको अपना ईमेल, नाम, पता, आधार नंबर, पैन कार्ड नंबर, शहर, मोबाइल नंबर आदि भरने होंगे।
  • इन जानकारियों के ज़रिए आप अपना नया अकाउंट तैयार कर पाएंगे।
  • इसके बाद आप अपने ईमेल और पासवर्ड के ज़रिए लॉगिन कर इस योजना के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

 

आपको बता दें कि आवेदन की प्रक्रिया काफी विस्तृत है, इसलिए हम इसे विस्तार से समझेंगे। आइए इस पर एक नज़र डालें।

 

आवेदन की विस्तृत प्रक्रिया:

  • लॉगिन करने के बाद आपको ‘आवेदन करें’ के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • जैसे ही आप उस पर क्लिक करेंगे, आपके सामने इकाई विवरण से जुड़ा एक पेज खुल जाएगा। इसमें कुछ जानकारियां पहले से ही भरी होंगी। ये वो जानकारियां होंगी जो आपने रजिस्टर करने के दौरान दी थी।
  • इसके बाद जैसे ही आप थोड़ा नीचे की ओर आएंगे, आपको ‘आवेदक विवरण’ का विकल्प मिलेगा। यदि आप ही आवेदक हैं, तो आपको उस टिक बॉक्स पर क्लिक करना होगा।
  • अब आपको कुछ और जानकारियां भरनी होंगी और उसके बाद इकाई से जुड़े विवरण भरने होंगे। जैसे कि आप किस प्रकार की इकाई लगाएंगे? उसकी प्रकृति क्या होगी? बिज़नेस की लोकेशन क्या होगी? और कितने लोगों को रोज़गार मिलेगा इत्यादि।
  • इसके अलावा आपको लोन संबंधी कुछ विवरण भी भरने होंगे।
  • इसके बाद अगले पेज पर आपको बैंक संबंधी विवरण भरना होगा। यहां आपको बैंक लोन के लिए एक सेकंडरी बैंक का ऑप्शन भी मिलेगा जहां आप अपनी प्राथमिकता को ध्यान में रखकर विकल्प का चयन कर सकते हैं।
  • अब आपके सामने डीपीआर और शपथ पत्र डाउनलोड करें के विकल्प वाला एक पेज खुलेगा। आपको इन्हें डाउनलोड करना होगा।
  • डाउनलोड करने के बाद आपको इनमें सभी मांगी गई जानकारियां भरनी होंगी और उसे सेव करना होगा। इसके बाद आपको उसे स्कैन करना होगा।
  • इसके बाद आप ‘आगे जाओ’ का विकल्प चुनकर आवेदन की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकते हैं।
  • इस तरह आपके सामने एक नया पेज खुलेगा जहां आपको सारे ज़रूरी दस्तावेज़ अपलोड करने होंगे।
  • आधार कार्ड, शपथ पत्र, डीपीआर और प्रमाण पत्र आदि अपलोड करने होंगे।
  • अब आपके सामने घोषणा से जुड़ा एक पेज खुलेगा जहां आपको सारी जानकारी पढ़ने के बाद घोषणा के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • अंत में आपको ‘आवेदन जमा करें’ का बटन दबाना होगा। इस तरह आपका आवेदन जमा हो जाएगा।

है ना आसान?

 

देखिए, बातों ही बातों में हमने आपको इस योजना से जुड़ी सारी जानकारियां दे दी।

 

हमें उम्मीद है कि आपको मुख्यमंत्री स्वरोज़गार योजना (MSY Scheme) पर लिखा Knitter का यह ब्लॉग पसंद आया होगा। इस ब्लॉग में हमने योजना से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं को आपके सामने रखने का प्रयास किया है। हमने आपको बताया कि ये योजना क्या है? इसके फायदे क्या हैं? आप किस तरह से इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं और उत्तराखंड की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ ले सकते हैं?  

 

हम आशा करते हैं कि आप आगे भी Knitter के साथ बने रहेंगे। यदि आप अन्य विषयों पर हमारे ब्लॉग्स पढ़ना चाहते हैं, तो आप इस (Link) पर जाकर उन्हें पढ़ सकते हैं। 

 

आपको बता दें कि Knitter पर आपको कृषि एवं मशीनीकरण, सरकारी योजनाओं और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर भी कई महत्वपूर्ण ब्लॉग्स मिल जाएंगे। आप इन ब्लॉग्स को पढ़कर अलग-अलग क्षेत्रों में अपने ज्ञान का विस्तार कर सकते हैं। 

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