आम की सफल बागवानी कैसे करें,आइए जानें

आम की बागवानी से ज़्यादा कैसे कमाएं, इस ब्लॉग में जानें

फलों का राजा आम हमारे देश का सबसे महत्वपूर्ण फल है। आइए इस ब्लॉग में आम की उन्नत बागवानी को जानें।

30 January 2021

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  • फलों में राजा कौन...? ये सवाल  सुनते ही आपकी ज़ुबान पर सिर्फ एक ही नाम आएगा। जी हां, स्वादिष्ट आम का।

     

    जब भी हम बागवानी की बात करते हैं, तो सबसे पहले आम के बगीचे का जिक्र होता है। आम एक ऐसा फल है, जिसे कच्चे और पक्के दोनों रूप में उपयोग किया जाता है।  

     

    आम हमारे देश का सबसे पसंदीदा फल है। इसमें पर्याप्त मात्रा में विटामिन-ए और सी होता है। फलों के उत्पादन में आम का स्थान शीर्ष पर है। हमारे देश में ऐसा कोई प्रदेश नहीं है, जहां आम की खेती नहीं होती है। 

     

    यदि आप भी आम की उन्नत बागवानी करना चाहते हैं, तो हमारा यह ब्लॉग आपके लिए है।

     

    तो आइए Knitter के इस ब्लॉग में आम की बागवानी को आसान भाषा में जानें।

     

    इस ब्लॉग में आप जानेंगे-

    • आम के लिए ज़रूरी जलवायु
    • आम के लिए उपयोगी मिट्टी
    • आम की खेती का सही समय
    • खेती की तैयारी कैसे करें
    • आम की उन्नत किस्में
    • आम की खेती में सिंचाई
    • आम की बागवानी में खाद एवं उर्वरक प्रबंधन
    • आम की खेती से कमाई
    • एक्सपर्ट की सलाह  

     

    आइए सबसे पहले आम के लिए सही जलवायु के बारे में जानते हैं। 

     

    आम के लिए ज़रूरी जलवायु

     

    आम की बागवानी के लिए समशीतोष्ण जलवायु उपयुक्त होती है, इसके लिए न ज़्यादा गर्मी न ज़्यादा ठंडक की ज़रूरत होती है।   

     

    आम की खेती के लिए अधिकतम तापमान

    वर्षा

    बुआई के समय तापमान

    फलों की तुड़ाई के समय तापमान

    22°C - 27°C

    50-80 mm

    20°C - 22°C

    28°C - 30°C

     

    आम के लिए उपयोगी मिट्टी

     

    आम की बागवानी के लिए बलुई दोमट मिट्टी सर्वाधिक उपयुक्त होती है। अन्य प्रकार की मिट्टी में भी आम की बागवानी की जा सकती है, बशर्ते मिट्टी की उर्वरा शक्ति अच्छी हो। 

     

    आपको बता दें, बलुई, ढालू, पथरीली, क्षारीय और जल भराव वाली ज़मीन में आम की बागवानी नहीं करनी चाहिए। कम उपजाऊ भूमि में खाद और उर्वरक की उचित व्यवस्था हो, तभी आम का पौधा लगाएं।

     

    आम के लिए मिट्टी का पीएच मान (Ph Value) 6.5 से 7.5 के बीच सबसे उपयुक्त होती है। 

     

     आम की खेती का सही समय  

     

    आम की बागवानी के लिए जुलाई-सितंबर का महीना सबसे अच्छा होता है। बरसात के दिनों में पौधा लगाने से इसकी बढ़वार अच्छी होती है। पौधों को जब भी लगाएं शाम के समय ही लगाएं अन्यथा दिन की गर्मी में पेड़ मुरझा सकते हैं।

     

    खेती की तैयारी कैसे करें

     

    • सबसे पहले खेत को गहराई से जोत कर समतल कर लें।
    • यदि मिट्टी पथरीली हो तो उससे कंकड़-पत्थर निकाल लें। 
    • पौधों को 12 x 12 मीटर की दूरी पर लगाएं। 
    • सघन बागवानी के लिए यह दूरी 6x6 मीटर रख सकते हैं।
    • एक ही किस्म की बुआई न करके तीन से चार किस्मों की बुआई करें।
    • गड्ढों में 10 से 20 किलो बालू, 10 किलो जिप्सम और वर्मी कंपोस्ट खाद को मिला लें।
    • यदि दीमक की समस्या हो तो 200 ग्राम क्लोरपाइरीफॉस पाउडर प्रति गड्ढे की दर से गड्ढे में डाल दें। 

     

    आम की उन्नत किस्में

     

    आपको बता दें, भारत में आम की सैकड़ों किस्में हैं, लेकिन व्यावसायिक स्तर पर उगाई जाने वाली किस्मों की संख्या कम है। आम की प्रमुख किस्मों में दशहरी, लगड़ा, चौसा, बाम्बे ग्रीन, अलफांसी, तोतापरी, हिमसागर, किशनभोग, नीलम, सुवर्णरेखा आदि प्रमुख हैं।

     

    इसके अलावा नई किस्मों में मल्लिका, आम्रपाली, दशहरी-5, अम्बिका, गौरव, राजीव, सौरव, रामकेला तथा रत्ना मुख्य हैं। 

     

    आम की सघन बागवानी की पूरी जानकारी

     

    आम की खेती में सिंचाई

     

    पौधों को लगाने के बाद 5-10 दिनों के अंतराल में एक वर्ष तक नियमित सिंचाई करनी चाहिए। इसके बाद दूसरे साल से सिंचाई 15-20 दिनों के अंतराल के बाद कर सकते हैं। 

     

    आम की बागवानी के लिए ड्रिप इरिगेशन (टपक प्रणाली) से सिंचाई करना सही होता है।

     

    आम की बागवानी में खाद एवं उर्वरक प्रबंधन

     

    पौध लगाने के बाद शुरुआती दिनों में खाद और उर्वरक पर विशेष ध्यान देना चाहिए, अन्यथा पौधों का सही विकास नहीं हो पाता है। 

     

    उचित उर्वरक प्रबंधन के लिए हर साल कार्बनिक पदार्थ के रूप में सड़ी हुई गोबर, केंचुआ खाद या सड़ी गली पत्ते वाली खाद का भी प्रयोग करें। इससे आम का उत्पादन बढ़ जाता है।

     

    आम की खेती से कमाई

     

    यदि किसान बाग का सही से प्रबंधन और देखभाल करें तो किसानों को लागत से  दोगुनी ही नहीं अपितु तीन गुनी आय प्राप्त हो सकती है। 

    आम की बागवानी से 30 से 35 साल तक किसान अच्छी कमाई कर सकते हैं। 

     

    आम की सघन बागवानी की पूरी जानकारी

    संक्षेप में कहें तो जिन किसानों के पास पर्याप्त ज़मीन है और लंबे समय तक बागवानी से मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो आम की बागवानी उनके लिए सबसे अच्छा विकल्प है। बस ज़रूरत है किसान इसकी बागवानी वैज्ञानिक तरीके से करने की। 

     

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    ✍️

    लेखक- दीपक गुप्ता 



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