महिला शक्ति केंद्र से महिलाएं बनेंगी जागरूक और आत्मनिर्भर

ग्रामीण इलाकों में महिलाओं को जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार द्वारा महिला शक्ति केंद्र योजना (Mahila Shakti Kendra Scheme) की शुरुआत की गई है।

23 January 2021

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  • महिलाएं हमारे समाज का आधार हैं। एक बेहतर समाज के निर्माण के लिए हर क्षेत्र में महिलाओं का योगदान सुनिश्चित किया जाना जरूरी है। इसके लिए जरूरी है कि महिलाओं को जागरूक (women empowerment) बनाया जाए। उनमें वो क्षमताएं विकसित की जाएं, जिससे न सिर्फ वे रोज़गार हासिल कर आत्मनिर्भर बन सके बल्कि समाज और परिवार में अपनी एक अलग पहचान बना सकें। ऐसे ही उद्देश्य के मद्देनज़र भारत सरकार द्वारा कुछ योजनाएं चलाई जा रही हैं। आज Knitter के इस ब्लॉग में महिला शक्ति केंद्र योजना (Mahila Shakti Kendra Scheme) पर चर्चा करेंगे। इस ब्लॉग में आपको योजना से जुड़े मुख्य पहलुओं के बारे में जानकारी मिल पाएगी। जैसेः

     

    • महिला शक्ति केंद्र योजना क्या है?
    • महिला शक्ति केंद्र योजना योजना का लक्ष्य क्या है?
    • महिला शक्ति केंद्र योजना से महिलाओं को क्या लाभ मिलते हैं?
    • महिला शक्ति केंद्र का गठन कैसे होता है?
    • महिला शक्ति केंद्र में कौन काम करता है?
    • महिला शक्ति केंद्र के माध्यम से कौन सी गतिविधियां करवाई जाती हैं?

     

    महिला शक्ति केंद्र योजना

     

    ये योजना भारत सरकार द्वारा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा 2017 में शुरू की गई थी। इसके तहत ग्रामीण इलाकों में रहने वाली महिलाओं को सामुदायिक गतिविधियों और कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूक किया जाता है। इसके तहत उन्हे डिजिटल एजुकेशन, कौशल विकास, स्वास्थ्य एवं पोषण आदि की जानकारी दी जा रही है, जिसके लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर महिला शक्ति केंद्र खोले जा रहे हैं।



     

    महिला शक्ति केंद्रों से ग्रामीण इलाकों सशक्त होंगी महिलाएं

     

     

    योजना से महिलाओं को फायदा

     

    योजना के तहत देश के 115 पिछड़े जिलों में ब्लॉक स्तर पर 920 महिला शक्ति केंद्र खोले गए हैं। कई राज्यों में जिला स्तर पर भी महिला शक्ति केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इनके माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कार्य किए जाते हैं। इससे महिलाओं को चुनिंदा लाभ दिए जाते हैं।

     

    योजना का मकसद

    • महिला अधिकारों और कानूनों की जानकारी
    • सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारियां
    • स्वास्थ्य और पोषण को लेकर जागरूकता
    • कौशल विकास और रोजगार के अवसर
    • कंप्यूटर और इंटरनेट इस्तेमाल की जानकारी

     

    महिला शक्ति केंद्रों का गठन

     

    महिला शक्ति केंद्र योजना को राज्यों में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित किया जाता है। योजना की निगरानी के लिए जिला स्तर पर महिला जिला केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की निगरानी में तीन से चार सदस्यों की कमेटी का गठन किया जाता है, जो आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद से जिले में विभिन्न गतिविधियां करवाती हैं। पिछड़े जिलों में महिला सशक्तिकरण की ज्यादा जरूरत है, इसीलिए वहां पर ब्लॉक स्तर पर महिला शक्ति केंद्रों का गठन किया जाता है। 

    इस ब्लॉक स्तरीय समिति में निम्न सदस्य होते हैंः

    • जिला स्तर का सरकारी प्रतिनिधि
    • जिला या ब्लॉक के कॉलेजों से 4 फैकल्टी
    • ब्लॉक स्तर का सरकारी प्रतिनिधि
    • जिला अधिकारी द्वारा नामित दो प्रतिनिधि (ये महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप या एनजीओ की सदस्य हो सकती हैं)

     

     

    महिला शक्ति केंद्रों से ग्रामीण इलाकों सशक्त होंगी महिलाएं

     

    महिला शक्ति केंद्रों में वॉलिंटियर्स

     

    महिला शक्ति केंद्रों द्वारा महिला सशक्तिकरण संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों के आयोजन के लिए स्टूडेंट्स वॉलिंटियर्स की मदद ली जाती है। इसके लिए एनसीसी व एनएसएस से जुड़े विद्यार्थियों का चयन किया जाता है। इसमें छात्राओं को प्राथमिकता दी जाती है। ब्लॉक स्तर पर गतिविधियों के आयोजन के लिए इन वॉलिंटियर्स को ट्रेनिंग दी जाती है और प्रमाणपत्र भी दिए जाते हैं। लोकल वॉलिंटियर्स को गतिविधियों में शामिल करने का सबसे बड़ा फायदा ये होता है कि स्थानीय महिलाएं उनके साथ सहजता से अपनी समस्याएं साझा कर पाती हैं। 

     

    महिला शक्ति केंद्रों द्वारा कराई जाने वाली गतिविधियां

     

    महिला शक्ति केंद्रों द्वारा ब्लॉक स्तर पर महिलाओं को सशक्त और जागरूक बनाने के उद्देश्य से कई गतिविधियां और कार्यक्रम समिति द्वारा या वॉलिंटियर्स की मदद से करवाए जाते हैं। 

    जैसेः 

    • महिलाओं को ग्राम सभा की बैठकों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना
    • गांव स्तर पर चलने वाले संगठनों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना
    • सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूक करने के लिए कर्मचारियों को सुविधाएं देना
    • सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों में महिलाओं का रजिस्ट्रेशन करवाना
    • राज्य में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोज़गार के क्षेत्र में महिलाओं के लिए लाभकारी कार्यक्रमों व योजनाओं की पहचान करना और पात्रों तक पहुंचाना
    • महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में काम कर रही गैर-सरकारी संस्थाओं के साथ मिलकर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करवाना

     

     

     

     

    उम्मीद है महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में काम कर रही इस योजना से जुड़ी सभी बातें आपको समझ आई होंगी। यदि इस योजना से जुड़ा कोई सवाल आपके मन में हैं तो आप कमेंट सेक्शन में हमसे पूछ सकते हैं। Knitter चैनल पर आप सरकारी योजनाओं और सामाजिक मुद्दों से जुड़े अन्य कई ब्लॉग भी पढ़ सकते हैं।

     



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