महाराष्ट्र में पार्शियल लॉकडाउनः क्या ये एक चेतावनी है?

महाराष्ट्र में पार्शियल लॉकडाउनः क्या ये एक चेतावनी है?

बीते कुछ दिनों में देश में कोरोना के मामले फिर से बढ़ रहे हैं। ऐसे में महाराष्ट्र ने कुछ हिस्सों में पार्शियल लॉकडाउन की घोषणा की है। आइए, स्थिति को समझें।

24 February 2021

  • 432 Views
  • 2 Min Read

  • अरे ये क्या? क्या फिर से घर में बंद रहना पड़ेगा? क्या फिर से लॉकडाउन झेलना पड़ेगा? महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के अमरावती ज़िले में पार्शियल लॉकडाउन की घोषणा क्या की, इस जैसे न जाने कितने सवाल मन में उठने लगे हैं। वहीं, बेंगलुरु के म्युनिसिपल कमिश्नर का लॉकडाउन को लेकर दिया गया हालिया बयान भी लोगों को आशंकित कर रहा है। उन्होंने कहा था कि अगर लोग सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों का पालन नहीं करेंगे, तो संभवतः सरकार शहर में फिर से लॉकडाउन लागू कर सकती है।

     

    अलग-अलग राज्यों में बढ़ते कोविड केसों और समय-समय पर आ रहे बयानों के चलते लोगों को लगने लगा है कि कहीं उन्हें दोबारा लॉकडाउन का सामना तो नहीं करना पड़ेगा? 

     

     

     

     

    मौजूदा स्थिति

     

    आपको बता दें कि बीते कुछ दिनों में देश के कई हिस्सों में कोरोना का ग्राफ लगातार बढ़ा है। जानकारी के मुताबिक, सोमवार को करीब 14 हज़ार नए मामले प्रकाश में आए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों की मानें, तो 6971 नए मामलों के साथ महाराष्ट्र सबसे ज़्यादा प्रभावित राज्य रहा है। वहीं, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और पंजाब में क्रमशः 4070, 452, 413, 348 नए मामले देखने को मिले हैं। यहां बताना ज़रूरी है कि देश में अब भी कोरोना के लगभग 1.5 लाख एक्टिव मामले हैं।

     

    एक नज़र आंकड़ों पर

     

    • एक्टिव मामले- 1,47,306
    • टोटल डिस्चार्ज- 1,07,12,665
    • मौत- 1,56,463
    • वैक्सीनेशन-1,17,45,5521,17,45,552

     

     

    कोरोना संक्रमण के लिए लोग हैं ज़िम्मेदार

     

    कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच एक्सपर्ट्स का मानना है कि कोरोना संक्रमण के बढ़ने की वजह लोगों की लापरवाही है। लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे हैं और न ही मास्क पहन रहे हैं। यही वजह है कि कोरोना के गिरते ग्राफ में फिर से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

     

    हालांकि, सच्चाई ये है कि इन तमाम बातों के बीच लोग थोड़ा घबरा से गए हैं। उन्हें देशव्यापी लॉकडाउन लागू होने की चिंता सता रही है। वैसे सरकार ने लॉकडाउन जैसे कोई संकेत नहीं दिए हैं और न ही इस पर कोई आधिकारिक घोषणा की गई है। इसलिए बेहतर यही होगा कि हम पैनिक न करें और कोविड से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों का पालन करें। और हां, मास्क पहनना बिल्कुल भी न भूलें। 

     

    कोविड ने सिखाई नई टर्मिनोलॉजी

     

    Pandemic- हम भारतीयों के लिए यह शब्द काफी नया है। कोरोना काल में ही यह शब्द आम लोगों के बीच चर्चित हुआ। इस शब्द का इस्तेमाल तब किया जाता है, जब कोई महामारी अलग-अलग देशों और महाद्वीपों में लोगों के जीवन को प्रभावित करती है। 

     

    Covid-19 – यह कोरोना वायरस का एक स्ट्रेन है, जिसमें ‘CO’ का इस्तेमाल ‘कोरोना’ के लिए किया गया है। ‘VI’ का इस्तेमाल ‘वायरस’ के लिए और ‘D’ का इस्तेमाल ‘डिसीज़’ यानी कि बीमारी के लिए किया गया है।

     

    Lockdown- इसे एक इमरजेंसी प्रोटोकॉल के तौर पर देखा जा सकता है, जिसमें शासन द्वारा लोगों को एक निश्चित क्षेत्र से बाहर न निकलने के निर्देश होते हैं।

     

    Social Distancing- लोगों के बीच फिज़िकल दूरी को सोशल डिस्टेंसिंग कहा जाता है।

     

    Self-Isolation- जब एक व्यक्ति स्वतः ही ये डिसाइड करता है कि वो अपने घर पर ही रहेगा और लोगों से बाहर जाकर नहीं मिलेगा और न ही काम पर जाएगा, तो उसे सेल्फ आइसोलेशन कहा जाता है।

     

    Quarantine- ये शब्द तो हम भारतीयों ने जैसे अब घोलकर पी लिया है। इसमें आप किसी भी दूसरे इंसान के संपर्क में नहीं आते हैं। साथ ही एक निश्चित क्षेत्र तक खुद को सीमित रखते हैं।

     

    Super Spreader- ये टर्म भी कोविड-19 के दौरान ही लोगों के बीच चर्चा में आया। सुपर स्प्रेडर उसे कहा जाता है, जिसकी वजह से बड़ी संख्या में लोग वायरस या इंफेक्शन की चपेट में आते हैं।

     

    हमें उम्मीद है कि आपको Knitter का यह ब्लॉग पसंद आया होगा। Knitter पर आपको बिज़नेस के अलावा कृषि एवं मशीनीकरण, एजुकेशन और करियर, सरकारी योजनाओं और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर भी कई महत्वपूर्ण ब्लॉग्स मिलेंगे। आप इनको पढ़कर अपना ज्ञान बढ़ा सकते हैं और दूसरों को भी इन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।  

     

    लेखक- कुंदन भूत

     



    यह भी पढ़ें



    ट्रेंडिंग टॉपिक की अन्य ब्लॉग