साइंस में करना चाहते हैं रिसर्च तो सरकार देगी स्कॉलरशिप

साइंस में करना चाहते हैं रिसर्च तो सरकार देगी स्कॉलरशिप

किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना के तहत छात्रों को विज्ञान की पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप दी जाती है। जानें क्या है योजना...

31 December 2020

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  • विज्ञान में हो रहे नए-नए शोध से ही मानव जीवन आसान होता जा रहा है। हमारी जीवनशैली को और आधुनिक बनाने के लिए विज्ञान के क्षेत्र में रोज नए प्रयोग हो रहे हैं। इन शोध कार्यों से जुड़ना और विज्ञान के क्षेत्र में कुछ नया करना छात्रों का सपना होता है। ऐसे ही छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए भारत सरकार द्वारा ‘किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना’ चलाई जा रही है। योजना के तहत पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप के साथ-साथ छात्रों को आधुनिक प्रयोगशालाओं में जाने और वैज्ञानिकों से रूबरू होने के मौके भी मिलते हैं। इस ब्लॉग में योजना से संबंधित सभी पहलुओं पर विस्तार से बात करेंगे ताकि आप भी इसका लाभ उठा सकें।


    क्या है किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना

     

    किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना(KVPY)  की शुरुआत भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा 1999 में की गई थी। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने योजना के संचालन की सभी जिम्मेदारियां भारतीय विज्ञान संस्थान(Indian Institute of Science), बेंगलुरु को दी है।


     

    वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना का उद्देश्य

     

    इस योजना का मुख्य उद्देश्य साइंस के क्षेत्र में रिसर्च को बढ़ावा देना है। इससे प्रतिभावान और विज्ञान में रुचि रखने वाले छात्रों को भी बढ़ावा मिलेगा।

     

    योजना के तहत मिलने वाले लाभ

     

    वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना के तहत छात्रवृति के अलावा भी सुविधाएं मिलती हैं। विज्ञान विषय में ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन या इंटीग्रेटेड डिग्री करने पर दी जाने वाली स्कॉलरशिप निम्न लाभ मिलते हैं:

    • ग्रेजुएशन डिग्री (B.Sc./B.S./B.Stat./B.Math) और इंटीग्रेटिड डिग्री (Int. M.Sc./M.S.) के 3 साल तक मिलने वाले लाभ-

    मासिक स्कॉलरशिप- 5,000 रुपये + वार्षिक आकस्मिक अनुदान- 20,000 रुपये

     

    • पोस्ट ग्रेजुएशन (M.Sc/MS/M.Stat/M.Math) और इइंटीग्रेटिड डिग्री (Int. M.Sc./M.S.) के आखिरी दो सालों में मिलने वाले लाभ

    मासिक स्कॉलरशिप- 7,000 रुपये + वार्षिक आकस्मिक अनुदान- 28,000 रुपये

     

    ग्रीष्मकालीन कार्यक्रम-

    किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना के लाभार्थी छात्रों के मानसिक विकास और ज्ञान वर्धन के लिए कई ग्रीष्मकालीन कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इन कार्यक्रमों का आयोजन ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान ही किया जाता है। इसमें एक से दो सप्ताह के कार्यक्रम का आयोजन होता है जिसमें अनेक एक्सपर्ट्स के लेक्चर सुनने, प्रयोगशालाओं और वैज्ञानिक संस्थानों के भ्रमण और दूसरे विद्यार्थियों से विचारों के आदान प्रदान करने का मौका मिलता है। इससे विज्ञान और रिसर्च में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों को भविष्य के लिए फायदा मिलता है। ये कार्यक्रम हर साल भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान(IISER), कोलकाता, पुणे, मोहाली, भोपाल और त्रिवेंद्रम में आयोजित होते हैं।

     

    अन्य सुविधाएं- किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना के लाभार्थी को एक पहचान पत्र दिया जाता है। जिससे वे योजना के अंतर्गत आने वाली कई राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं, विश्वविद्यालयों की प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों का इस्तेमाल कर पाएंगे।

     

    योग्यता: 

    • किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना का लाभ लेने के लिए छात्र का भारत का नागरिक होना जरूरी है। 
    • छात्र मान्यता प्राप्त कॉलेज/यूनिवर्सिटी से रेगुलर स्टूडेंट के तौर पर पढ़ाई कर रहा हो, डिस्टेंस लर्निंग कर रहे विद्यार्थी इस योजना का लाभ नहीं ले पाएंगे।
    • छात्र विज्ञान के मूलभूत सब्जेक्ट्स जैसे रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, गणित, सांख्यिकी, जैव-रसायन, सूक्ष्म जीव विज्ञान, कोशिका जीव विज्ञान, पारिस्थितिकी विज्ञान, आणविक जीव विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, प्राणी शास्त्र, शरीर विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, स्नायु विज्ञान, जैव सूचना विज्ञान, समुद्री जीव विज्ञान, भू-विज्ञान, मानव जीवन विज्ञान, अनुवांशिकी, जैव चिकित्सा विज्ञान, अनुप्रयुक्त भौतिकी, भू-भौतिकी अथवा पर्यावरण विज्ञान में ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन या इंटीग्रेटिड कोर्स कर रहा हो।
    • इसके लिए ग्रेजुएशन के पहले साल में पढ़ रहे छात्रों के साथ-साथ 11वीं और 12वीं में पढ़ने वाले छात्र भी आवेदन कर सकते हैं। योजना के पात्र छात्रों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है।
    1. SA Stream:  11वीं में पढ़ रहे छात्र, जिन्होंने 10वीं के गणित एवं विज्ञान के विषयों में कुल मिलाकर 75 प्रतिशत(आरक्षित वर्गों के लिए 65%) अंक हासिल किए हों। सिलेक्ट होने पर इन छात्रों को एक साल तक प्रशिक्षण दिया जाएगा और 12वीं में कम से कम 60 प्रतिशत(आरक्षित वर्ग के लिए 50%) अंक लाने के बाद ग्रेजुएशन कोर्स (B.Sc./B.S./B.Stat./B.Math) में एडमिशन लेने पर फर्स्ट ईयर से स्कॉलरशिप शुरू की जाएगी।
    2. SX Stream:  12वीं में पढ़ रहे छात्र जो विज्ञान के मेन सब्जेक्ट्स में ग्रेजुएशन करना चाहते हों। वहीं, 10वीं के गणित एवं विज्ञान के विषयों में कुल मिलाकर 75 प्रतिशत(आरक्षित वर्गों के लिए 65%) अंक हासिल किए हों। इन छात्रों को 12वीं में कम से कम 60 प्रतिशत(आरक्षित वर्ग के लिए 50%) अंक लाने होंगे जिसके बाद ग्रेजुएशन कोर्स (B.Sc./B.S./B.Stat./B.Math) में एडमिशन लेने पर फर्स्ट ईयर से स्कॉलरशिप शुरू की जाएगी।
    3. SB Stream:   ग्रेजुएशन डिग्री (B.Sc./B.S./B.Stat./B.Math) और इंटीग्रेटेड डिग्री (Int. M.Sc./M.S.) में फर्स्ट ईयर के छात्र, जिनके 12वीं में कम से कम 60 प्रतिशत(आरक्षित वर्ग के लिए 50%) अंक हों। वहीं छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए फर्स्ट ईयर में कम से कम 60 प्रतिशत(आरक्षित वर्गों के लिए 50%) मार्क्स लेना जरूरी है।

     

     

     

    आवेदन करने के लिए जरूरी दस्तावेज

     

    किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन ही स्वीकार किए जाते हैं इसलिए आपको दिए गए दस्तावेजों की स्कैन की गई कॉपी चाहिए होगी

    • पासपोर्ट साइज फोटो
    • आवेदक के स्कैन किए गए हस्ताक्षर
    • एससी, एसटी या विकलांगता प्रमाण पत्र

     

    आवेदन की प्रक्रिया:

    • योजना की आधिकारिक वेबसाइट http://www.kvpy.iisc.ernet.in/ पर जाकर ईमेल आइडी और फोन नंबर दर्ज कर रजिस्टर करें।
    • मांगी गई जानकारी जैसे नाम, पता, पढ़ाई का विवरण, एग्जाम सेंटर आदि दर्ज करें।
    • अपने पासपोर्ट साइज फोटो, हस्ताक्षर और एससी/एसटी/विकलांगता प्रमाण पत्र की स्कैन की गई कॉपी अपलोड करें और सब्मिट करें।
    • फॉर्म जमा हो जाने के बाद ऑनलाइन ही एप्लीकेशन फीस जमा करें।
    • परीक्षा की तिथि से पहले एडमिट कार्ड योजना की वेबसाइट पर ही जारी किए जाएंगे।

     

    आवेदन शुल्क

    • सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए – 1250 रुपये
    • एससी/एसटी वर्गों और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए – 625 रुपये

     

    चयन प्रक्रिया

    • सभी उम्मीदवारों को एप्टीट्यूड टेस्ट(व्यावहारिक परीक्षा) के लिए निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर बुलाया जाएगा।
    • मेरिट में आये छात्रों को पहले इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता था, हालांकि इस साल कोरोना महामारी के चलते सिर्फ लिखित परीक्षा के आधार पर ही सिलेक्शन किया जाएगा।

     

    सिलेक्ट होने वाले छात्रों को उनकी श्रेणी के हिसाब से योजना का लाभ मिलेगा। डिग्री में हर साल 60 प्रतिशत(आरक्षित वर्गों के लिए 50%) अंक लाने पर स्कॉलरशिप जारी रहेगी। वहीं फेल होने पर स्कॉलरशिप रोक दी जाएगी।

     

    यदि आपका भी विज्ञान के प्रति रुझान है और आप इसी में शोध करना चाहते हैं तो सरकार की इस योजना का लाभ जरूर उठाएं। इससे जहां ग्रेजुएशन करने पर आपको अच्छी स्कॉलरशिप मिलेगी वहीं 11वीं में ही परीक्षा पास करने पर कार्यक्रमों में शामिल होकर विज्ञान और शोध के बारे में जानने का मौका मिलेगा। 



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