अब जीन्स बनाने में होगा भांग का उपयोग

अब जीन्स बनाने में होगा भांग का उपयोग

भांग का नाम सुनते ही ज़ेहन में नशे की बात आती है। लेकिन, अब भांग से जीन्स बनाई जाएगी। आइए, इस टेक्सटाइल इनोवेशन पर नज़र डालें।

19 March 2021

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  • लोग भांग के नशे में तो बहुत चूर हुए हैं। लेकिन, अब भांग का उपयोग कुछ अनोखी चीज़ें तैयार करने में किया जा रहा है। हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान में कुछ ऐसा ही देखने को मिला है, जहां वैज्ञानिकों ने टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी में एक अनोखा प्रयोग करके भांग के पौधे से एक्सट्रैक्ट किए गए फाइबर से जीन्स तैयार की है। 

     

    जी हां, आपने बिल्कुल सही सुना है। अब देश और दुनिया में लोगों को भांग से बनी जीन्स पहने देखा जा सकता है।

     

    इस जीन्स की खासियत

     

    ये एक स्पेशलाइज़्ड जीन्स है, जो एंटी-माइक्रोबियल गुणों के साथ आती है। मतलब, इस जीन्स को पहनने वाले लोगों में बैक्टीरियल और फंगल इंफेक्शन होने का खतरा काफी हद तक कम रहेगा। सामान्य शब्दों में कहें, तो शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले कई माइक्रो ऑर्गेनिज़्म पनप ही नहीं पाएंगे।

     

    अब जीन्स बनाने में होगा भांग का उपयोग

     

    इंडस्ट्रियल हेंप का होता है उपयोग

     

    इस जीन्स में इंडस्ट्रियल हेंप यानी कि भांग की एक विशेष प्रजाति का उपयोग किया गया है, जो नॉन टॉक्सिक की श्रेणी में आता है। लिहाज़ा, इससे बनी जीन्स पहनने से किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होगा। आपको बता दें कि इसमें THC  कंटेंट 0.3 प्रतिशत से भी कम है।

     

    *THC- वो केमिकल जिसकी वजह से हमारे शरीर पर नशे का प्रभाव पड़ता है। इसका पूरा नाम टेट्रा हाइड्रो कैनाबिनोल है।

     

    ऐसे बनती है ये जीन्स

     

    सबसे पहले भांग के पौधे से फाइबर एक्सट्रैक्ट किया जाता है। फिर उसकी धुलाई होती है। इसके बाद एक मैकेनिकल प्रोसेस के ज़रिए फाइबर को अलग किया जाता है। इस प्रोसेस के बाद जब फाइबर दोबारा सूख जाते हैं, तो फिर वो थोड़े रूखे से हो जाते हैं। फाइबर को दोबारा सॉफ्ट बनाने के लिए उसे कुछ खास केमिकल्स के साथ ट्रीट किया जाता है।

     

    अब इसे 20:80 के अनुपात में कॉटन के साथ ब्लेंड किया जाता है। मतलब, 20 प्रतिशत भांग और 80 प्रतिशत कॉटन का उपयोग कर जीन्स तैयार की जाती है। इसके बाद स्पिनिंग प्रोसेस होती है और यार्न तैयार होता है। इसी यार्न को डेनिम में यूज़ किया जाता है।

     

    पाक का प्रोडक्शन प्लान

     

    पाकिस्तान के टेक्सटाइल साइंटिस्ट डॉ. असद फारूक के हालिया इंटरव्यू पर गौर करें, तो पता चलता है कि बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन के लिए इंडस्ट्रियल हेंप का आयात किया जा सकता है। यहां तक कि भांग के पौधों की अलग-अलग वैरायटी टेस्ट की जाएगी ताकि सबसे बेहतर विकल्प चुनकर और उसकी खेती कर बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जा सके।

     

    इन देशों में है डिमांड

     

    अमेरिका और यूरोपीय देशों में ऐसे प्रोडक्ट्स की काफी डिमांड है। इन देशों में सस्टेनेबल प्रोडक्ट्स के उपयोग को लेकर लोग ज़्यादा सजग हैं। यही वजह है कि इस स्पेशलाइज़्ड जीन्स के लिए भी वहां के मार्केट में डिमांड अच्छी है।

     

    तो यह हुई भांग से बनी जीन्स की रोचक बात। हमें उम्मीद है कि आपको Knitter का यह ब्लॉग पसंद आया होगा। यहां आपको ट्रेंडिंग टॉपिक्स के अलावा बिज़नेस, कृषि एवं मशीनीकरण, एजुकेशन और करियर, सरकारी योजनाओं और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर भी कई महत्वपूर्ण ब्लॉग्स मिलेंगे। आप इनको पढ़कर अपना ज्ञान बढ़ा सकते हैं और दूसरों को भी इन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

     

     

    लेखक- कुंदन भूत

     



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