टिप्स जो करेंगी आपके विदेश में पढ़ने का सपना पूरा

टिप्स जो करेंगी आपके विदेश में पढ़ने का सपना पूरा

देश के लाखों स्टूडेंट्स विदेश में पढ़ने का सपना देखते हैं। लेकिन गलत फैसलों और फ्रॉड के चलते वे अपना सपना पूरा नहीं कर पाते। आज हम इसी विषय पर आपको गाइड करेंगे।

10 January 2021

  • 506 Views
  • 8 Min Read

  • बीते कुछ सालों में स्टूडेंट्स के बीच विदेश जाकर पढ़ने का चलन काफी तेज़ी से बढ़ा है। अच्छी शिक्षा, नया रहन-सहन और मौकों को ध्यान में रख कर हर साल लाखों की संख्या में भारतीय स्टूडेंट्स विदेश का रुख करते हैं। कई स्टूडेंट्स तो ऐसे होते हैं जो बचपन से ही विदेश में पढ़ने का सपना संजो लेते हैं। सुनने में ये सब काफी दिलचस्प लगता है। लेकिन, विदेश में पढ़ना जितना आसान लगता है, उतना है नहीं। ऐसे बहुत सारे पहलू हैं, जो आपकी पढ़ाई और जीवन को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए विदेश में पढ़ाई करने से पहले आपको बहुत सी सावधानियां बरतने की ज़रूरत है।

     

    आज Knitter के इस ब्लॉग में हम आपको उन सारी बातों से अवगत कराएंगे, जो विदेश में आपकी पढ़ाई को आसान बनाएंगे। हम आपको बताएंगे कि आपको विदेश में पढ़ाई करने के पूर्व क्या करना चाहिए? किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए? तो चलिए, जानकारियों के इस सफर को शुरू करते हैं।

     

    विदेश में पढ़ाई होगी आसान

     

    सबसे पहले ये जान लेते हैं कि विदेश में पढ़ाई को लेकर भारतीय स्टूडेंट्स की स्थिति क्या है?

     

    विदेश की पढ़ाई और भारतीय स्टूडेंट्स:

     

    ये बात किसी से नहीं छिपी है कि भारतीय स्टूडेंट्स के बीच विदेश में पढ़ाई को लेकर बहुत ज़्यादा क्रेज़ है। आप इस बात का अंदाज़ा इस बात से ही लगा सकते हैं कि वर्ष 2013-14 के मुकाबले वर्ष 2017-2018 में भारतीय स्टूडेंट्स के विदेश की पढ़ाई के कुल खर्चों में करीब 40 फीसदी से भी ज़्यादा का उछाल देखा गया था। कुछ समय पहले आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय स्टूडेंट्स की पढ़ाई का कुल खर्च करीब 3 अरब डॉलर के आस-पास था। ये आंकड़े काफी चौंकाने वाले हैं।

     

    वहीं, आरबीआई ने भी अपनी एक रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया था कि वर्ष 2024 तक करीब 4 लाख स्टूडेंट्स विदेशी यूनिवर्सिटीज़ में एडमिशन ले सकते हैं। ये आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि विदेशों में पढ़ने वाले भारतीयों की तादाद कितनी ज़्यादा है और आने वाले दिनों में इसमें इज़ाफा ही होगा।

     

    लेकिन, यही बात भारतीय स्टूडेंट्स के लिए मुश्किलें भी खड़ी कर देती है। अब आप सोच रहे होंगे कि ऐसी कौन सी मुश्किल है, जो भारतीय स्टूडेंट्स के लिए बाधा खड़ी करती है। आइए, इस पर एक नज़र डाल लेते हैं।

     

    फेक एजेंट्स का जाल:

     

    भारत में जिस तेज़ी से विदेश जाने वाले स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ रही है, उससे दोगुनी तेज़ी से फेक एजेंट्स बढ़ रहे हैं। हालिया सालों में कई ऐसे मामले में सामने आए हैं, जब ऐसे फेक एजेंट्स के चलते भारतीय स्टूडेंट्स के विदेश में पढ़ने के सपने चूर-चूर हुए हैं।

     

    आप मानें या न मानें लेकिन आज की तारीख में एजुकेशन एक बिज़नेस बन चुका है। इसके चलते सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी इन एजेंट्स का जाल फैल चुका है। यहां तक कि कई यूनिवर्सिटीज़ भी इस बड़े जाल का हिस्सा हैं, जो विदेशी स्टूडेंट्स से पैसे ऐंठने के लिए हर तरह की जुगत लगाती हैं। फिर चाहे स्टूडेंट के जीवन पर इसका जो भी प्रभाव पड़े। कई बार ऐसा भी देखा गया है कि स्टूडेंट्स विदेश में पढ़ने की लालसा के चलते लाखों रुपये ट्रांसफर कर देते हैं और बाद में पता चलता है कि जिस यूनिवर्सिटी में उन्होंने अप्लाई किया है, ऐसी कोई यूनिवर्सिटी अस्तित्व में ही नहीं है। इसलिए Knitter की सलाह यही है कि आप विदेश में पढ़ाई करने को लेकर सतर्कता ज़रूर बरतें।

     

    कमीशन का खेल:

     

    भारत में हर जगह कमीशनखोरी हावी है। शिक्षा का क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है। यदि आप विदेश में अपनी पढ़ाई को लेकर कोई काउंसलर भी हायर करते हैं, तो भी ऐसा हो सकता है कि आप उनकी मक्कारी का शिकार हो जाएं। कभी-कभी कुछ काउंसलर ऐसे निकलते हैं, जो अपने फायदे के लिए आपको किसी दूसरे देश या किसी दूसरी यूनिवर्सिटी में पढ़ने के लिए प्रेशर डालते हैं। इसके पीछे इनका मकसद सिर्फ मोटा कमीशन कमाना होता है, क्योंकि अलग-अलग देशों में यूनिवर्सिटीज़ के साथ इनकी साठगांठ होती है। इसलिए बेहतर यही है कि आप सोच-समझकर ही किसी अच्छे काउंसलर को हायर करें।  

     

    इन मुश्किलों के बारे में तो आपने जान लिया। चलिए, अब बात उन तैयारियों की कर लेते हैं, जो विदेश में आपकी पढ़ाई को आसान बना सकते हैं।

     

    कोर्स और यूनिवर्सिटी को लेकर पुख्ता रिसर्च करें:

     

    विदेश में अपनी पढ़ाई को लेकर कोई भी फैसला लेने से पूर्व स्टूडेंट को रिसर्च ज़रूर करनी चाहिए। उसे अपने कोर्स, यूनिवर्सिटी और उसकी मान्यता से जुड़ी हर जानकारी हासिल करनी चाहिए। साथ ही उसे टीचिंग मॉड्यूल्स आदि पर भी गौर करना चाहिए। अगर आपको वहां जाकर कुछ नया नहीं मिल रहा है, तो फिर जाने का क्या फायदा? इस काम के लिए आपको अपने जानने वाले हर किसी की मदद लेनी चाहिए। क्या पता आपको कोई ऐसी जानकारी मिल जाए, जो आपके काम आ जाए। 

     

    वहीं, यदि आप लिंक्डइन या फेसबुक आदि के माध्यम से किसी तरह उस यूनिवर्सिटी के भूतपूर्व छात्रों (alumni) आदि से बात कर पाएं, तो फिर आपके लिए जानकारियां हासिल करना और भी आसान हो जाएगा। इसके अतिरिक्त स्कॉलरशिप आदि से जुड़ी जानकारी भी ज़रूर हासिल करें।

     

    जिस देश में पढ़ना है, वहां के हालात जान लें:

     

    सारी बातों के बीच स्टूडेंट को इस बात का ध्यान देना भी ज़रूरी है कि जिस देश में वो पढ़ाई करने जा रहा है, वहां के मौजूदा हालात कैसे हैं? कहीं उस देश में किसी प्रकार की अशांति तो नहीं चल रही है? या फिर कोई देशव्यापी प्रोटेस्ट तो नहीं चल रहा है? या उस देश को किसी अन्य प्रकार की आपदा का सामना तो नहीं करना पड़ रहा है? यदि स्टूडेंट इन सारी बातों को नज़रअंदाज़ कर पढ़ने जाता है तो उसके लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।

     

    अच्छे काउंसलर की राय ज़रूर लें:

     

    शुरुआती रिसर्च के बाद आप किसी काउंसलर की मदद भी ले सकते हैं। इसका फायदा ये होगा कि काउंसलर आपको विदेश में पढ़ाई से जुड़ी तमाम जानकारियां दे पाएगा। चूंकि, उनके पास इस फील्ड से जुड़ा भरपूर प्रोफेशनल एक्सपीरियंस होता है, वो आपकी काफी मदद कर सकते हैं। साथ ही वो आपको सही गाइड भी कर पाते हैं। कभी-कभी काउंसलर्स पढ़ाई से जुड़े उन पहलुओं को भी सामने ले आते हैं, जो संभवतः आप देख नहीं पाते हैं। काउंसलिंग सेशन्स से आपको कोर्स और कॉलेज के अलावा ऐप्लिकेशन प्रोसेस और वीज़ा संबंधी नियम व शर्तों के बारे में भी जानकारी मिलती है। इसलिए विदेश की ओर अपने कदम बढ़ाने से पहले एक बार किसी अच्छे काउंसलर से ज़रूर बात करें।

     

     यूनिवर्सिटी में अप्लाई करें:

     

    अपनी रिसर्च और काउंसलर से बात करके यदि आपने अपना मन बना लिया है, तो फिर अपने मनचाहे कोर्स के लिए यूनिवर्सिटी में ऐप्लिकेशन भेजें। संभवतः इसके बाद आपको किसी एलिजिबिलिटी टेस्ट से गुज़रना होगा। ज़्यादातर स्टूडेंट्स पहले से ही अलग-अलग तरह के टेस्ट की तैयारियां करते रहते हैं। लिहाज़ा, आपकी तैयारी आपकी सीट पक्की करने में मदद कर सकती है।

     

    स्कॉलरशिप के बारे में जरूर पता करें:

     

    कई संस्थानों में स्कॉलरशिप की सुविधा भी होती है। यदि आप चाहते हैं कि आपकी पढ़ाई के खर्चों का बोझ कुछ हद तक कम हो, तो स्कॉलरशिप एक अच्छा विकल्प है। आप स्कॉलरशिप के लिए अप्लाई कर सकते हैं और अपनी फीस में कटौती करवा सकते हैं। कई मामलों में स्कॉलरशिप्स आपकी पूरी फीस माफ करने में भी मदद करती हैं। बाकी के खर्चों के लिए आप अपना बजट देख सकते हैं या फिर लोन आदि भी ले सकते हैं।

     

    यूनिवर्सिटी का ऑफर एक्सेप्ट करें:

     

    आपके ऐप्लिकेशन पर सोच-विचार के बाद संस्थान द्वारा आपसे संपर्क किया जाएगा और आपको आपके ऐप्लिकेशन के संबंध में जानकारियां दी जाएंगी। यदि आप सेलेक्ट हो जाते हैं, तो आपको एक ऑफर लेटर और एक्सेप्ट फॉर्म मिलेगा। बेहतर रहेगा यदि आप उस ऑफर लेटर और फॉर्म को अच्छी तरह से जांच लें। इस काम में आप अपने काउंसलर की मदद भी ले सकते हैं, क्योंकि ऑफर लेटर में कुछ क्लॉज़ ऐसे हो सकते हैं, जो शायद आपको न समझ आएं। यदि सब कुछ ठीक हो, तो ऑफर एक्सेप्ट कर लें।

     

    स्टूडेंट वीज़ा की तैयारी करें:

     

    ऑफर लेटर एक्सेप्ट करने के बाद आपके सामने सबसे बड़ी चुनौती आती है स्टूडेंट वीज़ा की। आपको बता दें कि हर देश में वीज़ा को लेकर अलग-अलग नियम हैं। लिहाज़ा इस प्रोसेस को बड़ी सावधानी के साथ पूरा करना पड़ता है। आप चाहें, तो इस काम में भी अपने काउंसलर की मदद ले सकते हैं। वे वीज़ा से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी करने में आपका मार्गदर्शन कर सकते हैं। यदि आप प्रक्रिया से अवगत हैं, तो आप खुद भी इस काम को अंजाम दे सकते हैं।

     

    इन तैयारियों के बूते आप अपने विदेश में पढ़ाई के सपने को साकार कर सकते हैं। जाते-जाते हम आपको ये भी बताना चाहते हैं कि आप कैसे फेक एजेंट्स और फ्रॉड से बच सकते हैं।

     

    फेक एजेंट्स और फ्रॉड से ऐसे बचें:

    • जब कोई एजेंट आपको किसी विदेशी यूनिवर्सिटी की जानकारी भेजे, तो यह सुनिश्चित कर लें कि वह यूनिवर्सिटी उस देश की शिक्षण संस्थाओं की लिस्ट में शामिल है या नहीं। साथ ही यह भी पता करें कि उस यूनिवर्सिटी को स्थानीय सरकार या कंसर्न्ड अथॉरिटी से मान्यता मिली है भी या नहीं।
    • कई बार ऐसा भी देखा गया है कि एजेंट्स कॉलेज/यूनिवर्सिटी या फिर एंबेसी में स्टूडेंट से जुड़े गलत दस्तावेज़ जमा कर देते हैं, जिसके चलते उसे मुश्किलों को सामना करना पड़ता है और स्टूडेंट ब्लैक लिस्ट हो जाता है।
    • इसके अतिरिक्त आपको डिग्री को लेकर भी खोजबीन करनी ज़रूरी है। पता लगाएं कि जिस कोर्स के लिए आप अप्लाई कर रहे हैं, उसकी डिग्री मान्य है या नहीं।
    •  कई एजेंट स्टूडेंट्स को वीज़ा और एडमिशन की फेक गारंटी भी देते हैं। इसके बदले वो मोटे पैसे भी ऐंठते हैं। लिहाज़ा आपको ऐसे झांसों से बचना चाहिए और उस देश की कंसर्न्ड अथॉरिटी से ही स्टूडेंट वीज़ा हासिल करना चाहिए।

     

    हमें उम्मीद है कि आपको Knitter का यह ब्लॉग पसंद आया होगा। इस ब्लॉग में हमने विदेश में पढ़ाई की इच्छा रखने वाले स्टूडेंट्स का मार्गदर्शन करने का प्रयास किया है। हमने बताया कि वो विदेश जाने से पहले किन-किन बातों का ध्यान रख सकते हैं? वे किस तरह की तैयारियां कर सकते हैं और कैसे फ्रॉड और जालसाज़ियों से बच सकते हैं? यदि आप इन सभी बातों को ज़हन में रखते हैं, तो विदेश में अपनी पढ़ाई के बीच आप किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करेंगे।

     

    हम आशा करते हैं कि आप इसी तरह Knitter के साथ बने रहेंगे और हमारे इंटरेस्टिंग ब्लॉग्स पढ़ते रहेंगे।  

     

    आपको बता दें कि Knitter पर आपको एजुकेशन और करियर के अलावा कृषि एवं मशीनीकरण, सरकारी योजनाओं और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर भी कई महत्वपूर्ण ब्लॉग्स मिल जाएंगे। आप इन ब्लॉग्स को पढ़कर अपना ज्ञान बढ़ा सकते हैं और दूसरों को भी इन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। 

    करियर गाइड की अन्य ब्लॉग