राष्ट्र निर्माण का द्वार खोलेगा ग्रामीण विकास

राष्ट्र निर्माण का द्वार खोलेगा : ग्रामीण विकास (Rural development)

ग्रामीण विकास का अर्थ ‘ग्रामवासियों का आर्थिक और सामाजिक बदलाव’ है। इस बदलाव और ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, Social networking app - Knitter

28 September 2020

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  • एक आसान सा सवाल पूंछू? पहले गाँव का निर्माण हुआ या शहर का? आप कहेंगे पहले गाँव आया फिर शहर, बिलकुल सही बात है। गाँव का निर्माण पहले हुआ है उसके बाद ही शहर अस्तित्व में आया। परन्तु यह दुखद है कि शहर के मुक़ाबले गाँव पिछड़ता चला गया।

     

    राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी ने कहा था कि ‘‘भारत की आत्मा गाँव में बसती है’’। भारत गाँवों का देश है। उन्होंने अपने सपनों के भारत में गाँव के विकास (Rural Devlopment) को प्रमुखता दी थी। 

     

    जैसा कि आप सभी भी जानते हैं, गाँव हमारी प्राचीन सभ्यता और संस्कृति के स्रोत एवं केंद्र रहे हैं। हमारे प्राचीन ग्रंथों, वेदों, पुराणों, स्मृतियों में भी ग्रामीण जीवन का विस्तार से उल्लेख है। 

     

    गाँधीजी ने अपने सपनों के भारत में अपनी व्यापक दृष्टि का परिचय देते हुए तमाम स्थानीय आवश्यकता पूर्ति के लिए ग्रामीण विकास और पंचायती राज (Rural Development and Panchayati Raj) की महत्ता प्रदान की थी। उनका कहना था कि ग्राम स्वराज (Gram Swaraj) से ही भारत के गाँव आत्मनिर्भर बन सकेंगे। 

     

    आसान भाषा में कहें तो यदि भारत का विकास करना है तो सबसे पहले भारत के गाँवों (Rural Areas) का विकास करना होगा। 

     

    आइए सबसे पहले जानें कि ग्रामीण विकास क्या है? (What is rural development) और क्यों जरूरी है।

     

    ग्रामीण विकास (rural development)

     

    ग्रामीण विकास का अर्थ ‘ग्रामवासियों की आर्थिक और सामाजिक बदलाव’ है। जिससे ग्रामवासियों को उन सभी मूलभूत आवश्यकतों की पूर्ति हो जिसका उन्हें बेहद जरूरी है। 

     

    दूसरे शब्दों में कहें तो ग्रामीण विकास (rural development) एक प्रक्रिया है जिसका उद्देश्य गाँव में रहने वाले ग्रामवासियों का जीवन स्तर को सुधारना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

     

    ग्रामीण विकास का महत्व (Importance of rural development)

     

    भारत में ग्रामीण विकास हेतु निर्धनता, बेरोज़गारी, असमानता एवं पिछड़ेपन की समस्याओं   के निराकरण करने में ग्रामीण विकास का महत्वपूर्ण योगदान है। 

     

    यहाँ यह जिक्र करना आवश्यक है कि ग्रामीण विकास कार्यक्रमों में लोगों का बढ़ी हुई भागीदारी, सत्ता का विकेन्द्रीकरण, भूमि सुधारों को बेहतर तरीके से लागू कराने में भी ग्रामीण विकास की महत्वपूर्ण भूमिका है। जिसके बिना हमारा गाँव अधूरा और पिछड़ा रहा जाता है। 

     

    ग्रामीण विकास का उद्देश्य (Rural development objective)

     

    ग्रामीण विकास के उद्देश्यों को देखा जाए तो उन्हें निम्नलिखित बिंदुओं से रेखांकित किया जा सकता है। 

     

    • ग्रामीणों की मज़दूरी में सुधार करना। 
    • ग्रामीण क्षेत्र में व्याप्त ग़रीबी को कम करना और रोज़गार के नए अवसर उत्पन्न करना।
    • सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में तक वर्तमान शिक्षा पद्धति को पहुँचाना। 
    • कुटीर उद्योगों, ग्रामीण उद्यमों का समुचित विकास करना।
    • ग्रामीण लोगों को ग्रामीण विकास कार्यक्रमों और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना।
    • ग्रामीण क्षेत्रों को संचार क्रांति और मीडिया से जोड़ना, जिससे से ग्रामवासी भी संपूर्ण विश्व से जुड़ सकें। 
    • ग्रामीण आवासहीनों को आवास और शोषितों को संबल देना इत्यादि। 

     

    ग्रामीण विकास क्यों जरूरी है (Why rural development is important)

     

    ग्रामीण क्षेत्रों का पिछड़ापन जैसे- ग़रीबी, जातिवाद, सामाजिक कुरीतियों को ख़त्म करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों (Rural Areas) का विकास अति आवश्यक है। 

     

    आज भी ग्रामवासियों को रोज़गार, शिक्षा, चिकित्सा और दूसरी सुविधाओं के लिए शहर पर निर्भर रहना पड़ता है।

     

    ग्रामीण विकास के लिए संवैधानिक प्रावधान (Constitutional provisions for rural development)

     

    केंद्र सरकार ने आज़ादी के बाद से ग्रामीण विकास के लिए कई समितियाँ बनाई जिसके आधार समय-समय पर ग्रामीण विकास और पंचायती राज के लिए क़ानूनों में संशोधन होते रहे हैं। सर्वप्रथम 1986 में एल. एम. सिंघवी की अध्यक्षता में पंचायती राज (Panchayati Raj) को संवैधानिक दर्जा देने की बात कही गई। 

     

    इसके परिणाम स्वरूप 16 दिसम्बर 1991 को 72वाँ संविधान संशोधन विधेयक पेश किया गया। जिसको 22 दिसम्बर, 1992 को लोकसभा ने और 23 दिसम्बर, 1992 को राज्यसभा ने पास कर दिया। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद 24 अप्रैल, 1993 को पूरे भारत में लागू कर दिया गया। 

     

    यहाँ यह भी जिक्र कर दें कि यह वही संविधान संशोधन है जिसमें पंचायती राज (Panchayati Raj) को मजूबती मिली और महिलाओं को पंचायती राज संस्थाओं में 33 प्रतिशत का आरक्षण।  


    ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण है भूमिका निभाएगा- निटर ऐप

     

    जैसा कि हमने पहले भी बताया, ग्रामीण विकास का मतलब ही है ग्रामीणों का आर्थिक सुधार और सामाजिक बदलाव। 

     

    जमाना बदल रहा है, शहरों में तो तमाम सुविधाएं हैं जो हमारे गाँवों में नहीं है या हैं भी तो वे ग्रामवासियों के पहुँच से काफी दूर है। 

     

    आपने सुना होगा कि शहरों में तमाम ऐसे ऐप हैं जो शहर-वासियों की जिंदगी को आसान करते हैं। लेकिन गाँवों पर ध्यान किसी का नहीं गया। 

     

    इसी को देखते हुए निटर ने एक ऐसा सोशल नेटवर्क(Social Network) स्थापित किया है जो ग्रामीण विकास में अहम योगदान निभाएगा।

     

    निटर एक ऐसा सोशल नेटवर्किंग ऐप(Social networking app) है जहाँ कृषि, स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, व्यवसाय ढूँढना, सरकारी नीतियों के प्रति जागरूक होना, पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत करना, ग्राम सभाओं का नियमित बैठक कराना और सरकारी योजनाओं की ग्रामवासियों तक पहुँच जैसी मूलभूत समस्याओं पर चर्चा कर सकते हैं। 


    यदि आप भी अपने गाँव में तरक्की चाहते हैं और गाँव से जुड़कर अपना योगदान देना चाहते हैं, तो  Knitter App डाउनलोड कर गाँव में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।



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