साबुन के बिज़नेस से आएगी मुनाफे की महक

जानें साबुन बनाकर कैसे कर सकते हैं मोटी कमाई

साबुन बनाने का बिज़नेस (Soap manufacturing Business) छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है। ये आजीविका का एक अच्छा साधन हो सकता है। आइए, इस बिज़नेस को समझें।

22 January 2021

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  • कहते हैं ज़िन्दगी की बाज़ी वही जीतता है, जो मौके बनाना जानता है। अगर जीवन में कुछ करना है तो आपको अपना कंफर्ट ज़ोन छोड़कर आगे बढ़ना ही होगा। हम सभी इस बात से वाकिफ हैं कि वर्तमान में देश और दुनिया में रोज़गार का संकट है। इसलिए ज़रूरी है कि हम खुद अपने लिए नए मौके तलाशें। ऐसे में सोप मैन्युफैक्चरिंग यानि साबुन बनाने का बिज़नेस एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है।

     

    आज Knitter के इस ब्लॉग में हम इसी विषय पर बात करेंगे। बिज़नेस और रोज़गार की हमारी श्रृंखला में हम आपको सोप मैन्युफैक्चरिंग बिज़नेस के बारे में जानकारी देंगे। हम आपको बताएंगे कि आप कैसे एक छोटे से निवेश के साथ इस बिज़नेस की शुरुआत कर सकते हैं और मुनाफा हासिल कर सकते हैं। तो चलिए जानकारियों का ये सफर शुरू करते हैं और जानते हैं कि सोप मैन्युफैक्चरिंग बिज़नेस के ज़रिए तरक्की की नई कहानी कैसे लिखी जा सकती है। लेकिन पहले इस बिज़नेस को जान लेते हैं। 

     

    सोप मैन्युफैक्चरिंग बिज़नेस क्या है?

    इस बिज़नेस में मशीन की मदद से साबुन बनाए जाते हैं और उन्हें बाज़ार तक पहुंचाया जाता है। हालांकि कई लोग हैंड मेड साबुन बनाकर भी बाज़ार में बेचते हैं। अच्छी बात ये है कि छोटे स्तर पर भी इस बिज़नेस की शुरुआत की जा सकती है।  

     

    सोप मैन्युफैक्चरिंग बिज़नेस में स्कोप:

    ·  FMCG सेक्टर में साबुन की एक बड़ी हिस्सेदारी है।

    · शहरों के साथ-साथ गांवों में भी अच्छी मांग है।

    · साल दर साल ये बिज़नेस बढ़ रहा है।

    · कोरोना महामारी के चलते साबुन के उपयोग में बढ़ोतरी हुई है।

    · आने वाले सालों में भारतीय साबुन बाज़ार के 7 प्रतिशत CAGR (कम्पाउंड ऐनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ने की उम्मीद है।

    ये सारी बातें आपके बिज़नेस के लिए फायदेमंद साबित हो सकती हैं।

     

    भारत में साबुन के बाज़ार की कैटेगरी:

    भारतीय साबुन बाज़ार को उसके उपयोग के आधार पर अलग-अलग कैटेगरी में बांटा जा सकता है। जैसे कि-

    · लॉन्ड्री सोप (Laundry Soap)

    · ब्यूटी सोप (Beauty Soap)

    · मेडिकेटेड सोप (Medicated Soap)

    · किचन सोप (Kitchen Soap)

    · परफ्यूम्ड सोप (Perfumed Soap)

    आप मांग और बाज़ार को ध्यान में रखते हुए इनमें से किसी भी कैटेगरी के लिए अपने उत्पाद तैयार कर सकते हैं।

     

     

    ऐसे शुरू किया जा सकता है ये बिज़नेस:

    भारत में हर बिज़नेस को शुरू करने से पहले कुछ प्रक्रियाओं से होकर गुज़रना पड़ता है। सोप मैन्युफैक्चरिंग के बिज़नेस में भी ये बातें लागू होती हैं। लिहाज़ा आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। आइए, उन्हें जानने का प्रयास करते हैं।

     

    लाइसेंस/ रजिस्ट्रेशन:

    इस बिज़नेस को शुरू करने के लिए आपको ट्रेड लाइसेंस की ज़रूरत पड़ेगी। इसके अतिरिक्त आपको MSME की वेबसाइट पर उद्योग आधार रजिस्ट्रेशन भी कराना होगा। वहीं कुछ मामलों में कॉस्मेटिक एंड ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट और पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से NOC सर्टिफिकेट की ज़रूरत पड़ सकती है, जिसकी जानकारी आप संबंधित विभाग से हासिल कर सकते हैं। इन तमाम बातों के बीच अपने उत्पाद का ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन कराना न भूलें। ऐसा करना आपके बिज़नेस के लिए फायदेमंद साबित होगा।

     

     

    मशीनरी:

    बाज़ार में अलग-अलग साइज़ और कपैसिटी के हिसाब से मशीन उपलब्ध हैं। करीब 1.5 से 2 लाख के इन्वेस्टमेंट के साथ आप एक छोटी सी यूनिट लगा सकते हैं।

     

    लैंड और लोकेशन:

    छोटे स्तर पर इस बिज़नेस की शुरुआत के लिए आपको करीब 500 से 600 स्क्वायर फीट जगह चाहिए होगी।

     

    लेबर:

    1 से 2 लोग इस काम के लिए काफी हैं। हालांकि डिमांड और प्रोडक्शन बढ़ने के साथ आप मैनपावर बढ़ा सकते हैं।

     

    रॉ मटेरियल:

    · सोप नूडल्स

    · सोप स्टोन पाउडर

    · ऑयल बेस्ड कलर/ ऐडिटिव्स

    · फ्रैग्रेन्ट्स और ऐसेंशियल ऑयल

     

     

    साबुन बनाने का बिज़नेस शुरू कर बनें आत्मनिर्भर

     

     

    साबुन बनाने की विधि क्या है?

    सबसे पहले सोप नूडल्स को मशीन में डालकर पीसा जाता है। उसमें सोप स्टोन पाउडर मिलाया जाता है और उसे अच्छी तरह से मिक्स किया जाता है। जब दोनों का मिश्रण तैयार हो जाता है तो उसमें ऑयल बेस्ड कलर और ऐडिटिव्स डाले जाते हैं। उसे दोबारा मिक्स किया जाता है। इसके बाद उस मिश्रण को मिलर मशीन में 3-4 बार प्रोसेस किया जाता है। अब दोबारा उसे मशीन में मिक्स किया जाता है। इस दौरान एक निर्धारित मात्रा में पानी का उपयोग भी किया जाता है। इसके बाद उसे प्लॉडर मशीन (Plodder Machine) में डाला जाता है जो उसे रोल में कन्वर्ट कर देती है। अंत में उस रोल को कट करके स्टैम्पिंग मशीन में लगी डाई की मदद से साबुन को आकार दिया जाता है और ब्रैंड नेम प्रिंट किया जाता है

     

    इस बिज़नेस में लागत कितनी आएगी?    

    जानकारों की मानें तो करीब 1.5 से 2 लाख रुपये के निवेश के साथ इस बिज़नेस की शुरुआत की जा सकती है।  हालांकि अगर आप हैंडमेड साबुन का बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं, तो महज़ 50 हज़ार रुपये का निवेश ही काफी होगा।  

     

    मुनाफा कितना होगा?

    इस बिज़नेस में करीब 25 से 30 प्रतिशत तक का मुनाफा आसानी से कमाया जा सकता है। यदि आप कोई यूनीक क्वालिटी का प्रोडक्ट बनाते हैं तो उसमें 50 प्रतिशत तक के मार्जिन की गुंजाइश भी बन सकती है।

     

    लोन और सब्सिडी:

    अपने बिज़नेस की शुरुआत के लिए आप किसी नेशनल बैंक या प्राइवेट बैंक से लोन के लिए संपर्क कर सकते हैं। वहीं, MSME  द्वारा भी नये बिज़नेस को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं संचालित की जाती हैं। आप MSME की वेबसाइट https://msme.gov.in/ पर रजिस्टर करके या फिर  011-23063288  या 011-23063643 नंबर पर कॉल करके इस संबंध में जानकारी ले सकते हैं। 

    हमें उम्मीद है कि आपको Knitter का यह ब्लॉग पसंद आया होगा। Knitter पर आपको बिज़नेस के अलावा कृषि एवं मशीनीकरण, एजुकेशन और करियर, सरकारी योजनाओं और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर भी कई महत्वपूर्ण ब्लॉग्स मिल जाएंगे। आप इन ब्लॉग्स को पढ़कर अपना ज्ञान बढ़ा सकते हैं और दूसरों को भी इन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।  

     

    लेखक-कुंदन भूत     

     

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