पेपर प्लेट का बिजनेस फायदे का सौदा, महज़ 50 हज़ार है लागत

पेपर प्लेट का बिज़नेस फायदे का सौदा, महज़ 50 हज़ार है लागत

भारत में पेपर प्लेट बिज़नेस (Paper Plate Business) धीरे-धीरे नई ऊंचाइयां हासिल कर रहा है। आप इस बिज़नेस से अपना भविष्य कैसे संवार सकते हैं? आइए, जानें।

07 January 2021

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  • मौजूदा दौर ‘चुनौतियों का दौर’ है। ये चुनौतियां इतनी बड़ी हैं कि लोगों को अपनी आजीविका तक के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। हमारा देश पहले ही बेरोज़गारी की मार झेल रहा था और अब कोविड महामारी ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। लिहाज़ा, ज़रूरी है कि हम ऐसे विकल्पों की तलाश करें जिससे इन चुनौतियों को हराया जा सके।

     

    आज Knitter के इस ब्लॉग में हम आपको ऐसे ही विकल्प के बारे में बताएंगे, जिसकी मदद से आप एक बेहतर भविष्य सुनिश्चित कर सकेंगे। बिज़नेस और रोज़गार की हमारी नई श्रृंखला में हम आपको डिस्पोज़ेबल पेपर प्लेट्स बनाने के बिज़नेस के बारे में जानकारी देंगे। हम आपको बताएंगे कि आप कैसे महज़ 50 हज़ार रुपये इन्वेस्ट करके इस बिज़नेस के ज़रिए हर महीने 12-15 हज़ार रुपये कमा सकते हैं। तो चलिए जानकारियों का ये सफर शुरू करते हैं ‘पेपर प्लेट बिज़नेस के साथ’... 

     

    क्या है ये बिज़नेस?

     

    इस बिज़नेस के तहत डिस्पोज़ेबल पेपर प्लेट्स, पेपर कप, कटोरियां और उस जैसे अन्य उत्पाद बनाए जाते हैं। बाज़ार से अच्छी क्वालिटी का पेपर खरीदा जाता है और मशीन की मदद से प्लेट, कप, कटोरियों जैसे पेपर के बर्तन बनाते हैं। पेपर के बने ये बर्तन शादी-ब्याह के अलावा फूड स्टॉल्स, रेस्टोरेन्ट्स, होटल, कैन्टीन और दफ्तरों में खाने-पीने का सामान परोसने के काम आते हैं।

     

     

    पेपर प्लेट के बिज़नेस में स्कोप क्या है?   

     

    भारत में पेपर प्लेट मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री लगातार बढ़ रही है। लिहाज़ा आपके लिए आगे बढ़ने का एक अच्छा मौका है। मांग के लिहाज़ से भी ये बिज़नेस काफी अनुकूल है। शहरी क्षेत्रों के अलावा गांवों में भी डिस्पोज़ेबल पेपर प्लेट्स और पेपर कप जैसे उत्पादों की भारी मांग है। वर्ष 2021 से 2026 के बीच इस इंडस्ट्री (Paper cup Industry) के 2 प्रतिशत CAGR (कम्पाउंड ऐनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ने की उम्मीद है।     

     

    पेपर प्लेट बिज़नेस कैसे शुरू किया जा सकता है?

     

    महज़ 10x10 के एक छोटे से कमरे में आप इस बिज़नेस की शुरुआत कर सकते हैं। हालांकि आपको कुछ छोटी-मोटी चीज़ों का ध्यान रखना होगा, जिसकी जानकारी हम आगे इस ब्लॉग में देंगे। तो चलिए, ये समझने का प्रयास करते हैं कि इस बिज़नेस को शुरू करने के लिए आपको क्या करना होगा और किन-किन चीज़ों की आवश्यकता पड़ेगी?

     

    रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस:

     

    भारत में किसी भी बिज़नेस को शुरू करने से पहले आपको रजिस्ट्रेशन, NOC या लाइसेंस की आवश्यकता होती है। लिहाज़ा, पेपर प्लेट मैन्युफैक्चरिंग बिज़नेस के लिए भी आपको इन नियमों के तहत ही आगे बढ़ना होगा। हालांकि इस बिज़नेस के लिए ट्रेड लाइसेंस लेना ही काफी है। आप नगर निगम या नगर पालिका जैसे स्थानीय निकायों में इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। कई राज्यों में आपको ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी मिल जाती है। इसलिए ये प्रक्रिया आपके लिए बिल्कुल भी मुश्किल नहीं होगी।

     

    लाइसेंस के अलावा आपको इस बिज़नेस के इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी ध्यान देना होगा। आइए, देखते हैं कि कौन सी चीज़ें आपको इस बिज़नेस को खड़ा करने में मदद करेंगी।

     

    लैंड और लोकेशन- आपको 10x10 की एक छोटी सी जगह या फिर कमरा चाहिए होगा।  

     

    बिजली- बिजली के बिना मशीन नहीं चलेगी बिजली होगी तभी आप मांग के अनुरूप प्रोडक्शन कर पाएंगे।  

     

    रॉ मटीरियल- पेपर प्लेट्स बनाने के लिए आपको पेपर रोल्स या स्क्रैप पेपर की ज़रूरत होगी।  

     

    मशीनरी- बाज़ार में इस काम को आसान बनाने के लिए कई तरह की मशीनें उपलब्ध हैं। लेकिन डबल डाई वाली ऑटोमैटिक मशीन काफी डिमांड में है।  

     

    लेबर- समय के साथ आपका बिज़नेस बढ़ेगा, तो आपको इसके लिए मैनपावर की ज़रूरत पड़ेगी। ऐसे में आप 1-2 लोगों को रोज़गार भी दे सकते हैं।

     

    पेपर प्लेट बनाने के प्रोसेस को समझें 

     

    मशीन की मदद से करीब 1 घंटे में 2000 से अधिक यूनिट्स को तैयार किया जा सकता है। यहां बताना ज़रूरी है कि मैनुअल मशीन में बार-बार शीट को सेट करना होता होता है, जबकि ऑटोमेटिक में पूरा प्रोसेस आसान हो जाता है।

     

    लागत कितनी आएगी?

     

    यदि आप डबल डाई की मशीन लगाते हैं, तो 40 से 50 हज़ार रुपए में ये मशीन लग जाएगी। इसके अतिरिक्त आपको रॉ मटीरियल में कुछ पैसे खर्च करने होंगे। यदि आप करीब 10-12 दिन की पेपर इन्वेंटरी या स्टॉक रखना चाहते हैं तो आपको करीब 20-25 हज़ार रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं। यदि आपकी क्षमता इतनी नहीं है, तो आप बाज़ार से 1 या 2 दिन का स्टॉक लेकर भी काम शुरू कर सकते हैं। इस लिहाज़ से देखें तो 50 से 70 हज़ार के बीच आपका काम आसानी से शुरू हो सकता है।

     

    मुनाफा कितना होगा?

     

    यदि आप इस बिज़नेस को सही तरीके से चलाते हैं, तो आप करीब 20 से 25 प्रतिशत तक का प्रॉफिट आराम से कमा सकते हैं। औसतन 45-50 रुपये प्रति किलो की दर से आपको बाज़ार से पेपर मिल जाते हैं। एक किलो पेपर में आप करीब 100 पेपर प्लेट्स बना सकते हैं। यदि अन्य खर्चे भी मिला लिए जाएं, तो भी 100 प्लेट्स की लागत करीब 52 से 55 रुपये के आस-पास ही पड़ती है। बाज़ार में ये 75 से 80 रुपए सैकड़ा आराम से बिकते हैं। लिहाज़ा आपके पास प्रॉफिट का एक अच्छा मार्जिन होता है। कई मामलों में प्रॉफिट मार्जिन 40 प्रतिशत तक भी पहुंच जाता है।

     

    लोन और सब्सिडी:

     

    अपने बिज़नेस की शुरुआत के लिए आप किसी नेशनल बैंक या प्राइवेट बैंक से लोन के लिए संपर्क कर सकते हैं। वहीं, MSME  द्वारा भी नये बिज़नेस को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं संचालित की जाती हैं। आप MSME की वेबसाइट https://msme.gov.in/ पर रजिस्टर करके या फिर  011-23063288  या 011-23063643 नंबर पर कॉल करके इस संबंध में जानकारी ले सकते हैं। 

     

    पेपर प्लेट का बिज़नेस फायदे का सौदा

     

    पेपर प्लेट मैन्युफैक्चरिंग बिज़नेस से जुड़े पूर्णिया, बिहार के यशस्वी कुमार बताते हैं

    ये बिज़नेस ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छे अवसर पैदा कर सकता है। इस बिज़नेस को स्टार्ट करने के लिए सरकार मदद भी प्रदान करती है। इतना ही नहीं, सरकार इस क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए उन्हें प्रोत्साहित भी कर रही है। ऐसी कई महिलाएं हैं, जिन्हें इस बिज़नेस से फायदा पहुंचा है। पेपर प्लेट बिज़नेस आजीविका का एक अच्छा ज़रिया हो सकता है।

     

    हमें उम्मीद है कि आपको Knitter का यह ब्लॉग पसंद आया होगा। Knitter पर आपको बिज़नेस के अलावा कृषि एवं मशीनीकरण, एजुकेशन और करियर, सरकारी योजनाओं और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर भी कई महत्वपूर्ण ब्लॉग्स मिल जाएंगे। आप इन ब्लॉग्स को पढ़कर अपना ज्ञान बढ़ा सकते हैं और दूसरों को भी इन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

     

     

    लेखक-कुंदन भूत

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