सिर्फ 30 हज़ार के निवेश में करें ऑयल मिल का बिज़नेस

सिर्फ 30 हज़ार के निवेश में करें ऑयल मिल का बिज़नेस

भारत में मिनी ऑयल मिल का बिज़नेस धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है। छोटे से निवेश के साथ इस बिज़नेस को शुरू किया जा सकता है। आइए, इस बिज़नेस को समझने का प्रयास करें।

12 January 2021

  • 1698 Views
  • 6 Min Read

  • “मन के हारे हार है और मन के जीते जीत।” मौजूदा हालातों पर गौर करें तो हम सबको अपने जीवन में इस कहावत से प्रेरणा लेने की ज़रूरत है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि कोरोना संकट ने हम सभी के जीवन को बहुत बुरी तरह से प्रभावित किया है। लेकिन हमारे पास अब भी एक मौका है कि हम फिर से खड़े होकर अपनी आर्थिक प्रगति की नई कहानी लिख सकते हैं।

     

    Knitter के इस ब्लॉग में हम आज इसी मौके की बात करेंगे। हम आपको बताएंगे कि आप कैसे इन मुश्किल हालातों के बीच मिनी ऑयल मिल खोलकर बेरोज़गारी और कोरोना संकट के प्रभावों से उबर सकते हैं। हम ये भी बताएंगे कि आपको ये बिज़नेस क्यों खोलना चाहिए और इससे आपको क्या फायदा मिलेगा? तो चलिए, ब्लॉग को आगे बढ़ाते हैं और आपको मिनी ऑयल मिल बिज़नेस से जुड़ी अहम जानकारियां देते हैं। लेकिन पहले इस बिज़नेस को समझ लेते हैं।

     

    ऑयल मिल बिज़नेस क्या है?

     

    इस बिज़नेस में मशीन की मदद से Edible Oil यानी कि खाने का तेल निकाला जाता है और उसे बेचा जाता है। जैसा कि आप जानते हैं कि हमारे देश में मूंगफली, सरसों, तिल, सोयाबीन और सूरजमुखी के तेल का उपयोग खाने में किया जाता है और ये बिज़नेस इन्हीं से जुड़ा हुआ है। आप अपनी क्षमता के हिसाब से छोटे, मध्यम या बड़े स्तर पर इस बिज़नेस की शुरुआत कर सकते हैं।

     

    भारत में मिनी ऑयल मिल का बिज़नेस

     

    ऑयल मिल बिज़नेस में स्कोप क्या है?

    • घरेलू बाज़ार में खाद्य तेलों की अच्छी मांग है
    • हर घर में इसका उपयोग किया जाता है
    • सरकार तिलहन उत्पादन को बढ़ावा दे रही है
    • साल 2024-25 तक 47 मिलियन टन का लक्ष्य है
    • ऑर्गेनिक उत्पादों के प्रति लोगों का रुझान बढ़ रहा है

     

    इन सभी चीज़ों का फायदा आपके मिनी ऑयल मिल बिज़नेस को मिल सकता है।

     

    भारत में स्थिति क्या है?

     

    • 2019 में खाद्य तेल बाज़ार करीब 2150 करोड़ का था
    • 2019 में सोयाबीन तेल का मार्केट शेयर करीब 1/3 था
    • 2025 तक खाद्य तेल बाज़ार 3520 करोड़ तक पहुंच सकता है
    • 2019-2025 के बीच खाद्य तेल बाज़ार करीब 9 प्रतिशत के CAGR (कम्पाउंड ऐनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ सकता है

     

    कैसे खोला जा सकता है?

     

    ऑयल मिल बिज़नेस को हर स्तर पर खोला जा सकता है। यदि कोई छोटे स्तर पर इस बिज़नेस को खोलना चाहता है तो 10x10 या 10x12 का एक छोटा कमरा ही काफी होगा। हालांकि इस दौरान कुछ और बातों का ध्यान रखना भी ज़रूरी है जिसके बारे में हम इस ब्लॉग में बात करेंगे। आइए इस बिज़नेस को शुरू करने की प्रक्रिया को समझते हैं।

     

    लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन:

     

    इस बिज़नेस के लिए आपको स्थानीय प्रशासन से लाइसेंस लेना होगा। आप नगर निगम या नगर पालिका में इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। अच्छी बात ये है कि कई राज्य ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी प्रदान करते हैं। इसके अतिरिक्त उद्योग आधार रजिस्ट्रेशन भी ज़रूरी होगा। आप सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) की वेबसाइट पर जाकर इसके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। चूंकि आपका व्यापार फूड ऑपरेटिंग बिज़नेस के तहत आता है, आपको अपनी इकाई का FSSAI रजिस्ट्रेशन कराना भी अनिवार्य होगा।   

     

    भारत में मिनी ऑयल मिल का बिज़नेस

     

    मशीनरी

     

    बाज़ार में अलग-अलग साइज़ और कपैसिटी की मशीनें उपलब्ध हैं। आप अपनी आवश्यकता को ध्यान में रखकर सही मशीन का चुनाव कर सकते हैं। आपको 20 हज़ार से लेकर लाखों तक की रेंज में मशीनें मिल जाएंगी। अच्छी बात ये है कि मौजूदा समय में कई ऐसी मशीनें हैं जिनसे हर तरह के खाद्य तेल निकाले जा सकते हैं।

     

    रॉ मटीरियल

     

    रॉ मटीरियल इस बिज़नेस का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। वो इसलिए क्योंकि आपके नफे और नुकसान का सारा गणित इसी पर निर्भर करता है। जानकारों की मानें तो आपको अच्छी क्वालिटी का रॉ मटीरियल यूज़ करना चाहिए। इसके लिए आपको लैब टेस्टेड तिलहनों का ही प्रयोग करना चाहिए ताकि नुकसान की गुंजाइश न रहे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अलग-अलग तिलहनों का ऑयल कंटेंट भी अलग-अलग होता है। उदाहरण के लिए 1 किलो मूंगफली से करीब 400 ग्राम तेल ही निकलता है क्योंकि उसमें तेल की मात्रा महज़ 40 से 50 फीसदी के करीब ही होती है। लिहाज़ा, इस बिज़नेस में अच्छे प्रॉफिट के लिए अच्छे उत्पाद का चुनना भी ज़रूरी है।

     

    लागत कितनी आएगी?

     

    इस बिज़नेस को एक छोटी सी पूंजी के साथ शुरू किया जा सकता है। करीब 30-35 हज़ार रुपये में एक छोटी सी मशीन लेकर आप दिन में करीब 40 से 45 लीटर तेल आराम से निकाल सकते हैं। इसके अतिरिक्त आपको रॉ मटीरियल यानी तिलहन आदि की खरीद पर थोड़ा सा खर्च करना पड़ सकता है। इस लिहाज़ से देखें तो 50 हज़ार रुपये के अंदर आप बड़े आराम से इस बिज़नेस को स्टार्ट कर सकते हैं।

     

    मुनाफा कितना होगा?

     

    इस बिज़नेस में 25-30 प्रतिशत तक का मुनाफा कमाया जा सकता है। आप जितनी अच्छी मशीन और रॉ मटीरियल यूज़ करेंगे आपका मुनाफा उस अनुपात में बढ़ता जाएगा।

     

    अतिरिक्त आय:

     

    यहां आम के आम, गुठलियों के भी दाम वाली कहावत बिल्कुल फिट बैठती है। वो इसलिए क्योंकि तेल निकालने के बाद जो वेस्ट रह जाता है, उसे बेचकर भी आप अच्छे पैसे कमा सकते हैं। तेल निकालने के बाद जो खली बचती है, वो पशु आहार के रूप में भी काम आ जाती है। वहीं कुछ खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां मूंगफली की खली आदि का उपयोग भी करती हैं। लिहाज़ा, इस तरह आपको एक अतिरिक्त आय का स्रोत भी मिल जाता है।

     

     

     

    हमें उम्मीद है कि आपको Knitter का यह ब्लॉग पसंद आया होगा। Knitter पर आपको बिज़नेस के अलावा कृषि एवं मशीनीकरण, एजुकेशन और करियर, सरकारी योजनाओं और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर भी कई महत्वपूर्ण ब्लॉग्स मिल जाएंगे। आप इन ब्लॉग्स को पढ़कर अपना ज्ञान बढ़ा सकते हैं और दूसरों को भी इन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। 

     

    लेखक- कुंदन भूत

    स्मार्ट बिज़नेस की अन्य ब्लॉग