फर्टिलाइज़र बिज़नेस करेगा आपकी लाइफ सेट, शुरुआत ऐसे करें

कमाई के हिसाब से अच्छा विकल्प है फर्टिलाइज़र का बिज़नेस

फर्टिलाइज़र्स कृषि क्षेत्र का अभिन्न अंग हैं। लिहाज़ा, फर्टिलाइज़र का बिज़नेस (Fertilizer Business) आपके जीवन को नई दिशा दे सकता है। आइए, इस बिज़नेस को समझें।

28 January 2021

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  • देश में खाद्यान्न उत्पादन की ज़िम्मेदारी किसानों के कंधों पर है। लेकिन जिस तर्ज पर जनसंख्या बढ़ रही है, खाद्यान्न उत्पादन के लक्ष्य को हासिल करना एक बड़ी चुनौती है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि फर्टिलाइज़र (Fertilizer) जैसे कृषि आदानों (Agri Inputs) की मदद से इन लक्ष्यों को हासिल करने में काफी आसानी होगी। हम जानकारों की इस बात का हवाला इसलिए दे रहे हैं, क्योंकि उनकी कही ये बात कहीं न कहीं एक Business Idea को भी जन्म देती है।

     

    आज Knitter के इस ब्लॉग में हम उसी बिज़नेस आइडिया पर बात करेंगे। “बिज़नेस और रोज़गार” की हमारी श्रृंखला में हम आपको फर्टिलाइज़र बिज़नेस (Fertilizer Business) के बारे में जानकारी देंगे। हम बताएंगे कि आप कैसे इस बिज़नेस की शुरुआत कर भारतीय कृषि क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं और साथ ही साथ मुनाफा कमा सकते हैं। तो चलिए, इस ब्लॉग को आगे बढ़ाते हैं, मगर इस दौरान ये भी जान लेते हैं कि इस ब्लॉग में आपको फर्टिलाइज़र बिज़नेस से जुड़ी कौन सी जानकारियां दी जाएंगी।

     

    ब्लॉग में हम इस बिज़नेस के कई पहलुओं पर प्रकाश डालेंगे, जैसे–

    • फर्टिलाइज़र बिज़नेस (Fertilizer Business) क्या है?
    • इसमें स्कोप क्या है?
    • इसे कैसे शुरू किया जा सकता है?
    • लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया क्या है?
    • कौन से दस्तावेज़ों की ज़रूरत पड़ेगी?
    • योग्यता क्या चाहिए?
    • कितनी लागत आएगी?
    • मुनाफा कितना होगा? 
    • लोन और सब्सिडी का प्रावधान क्या है?
    • एक्सपर्ट की क्या राय है?

     

    फर्टिलाइज़र बिज़नेस पर एक नज़र:

     

    फर्टिलाइज़र, कृषि क्षेत्र की सबसे बड़ी आवश्यकताओं में से एक है। लिहाज़ा इसका बिज़नेस काफी अहम है। इस बिज़नेस के तहत खेतों की ज़रूरत के आधार पर किसानों को अलग-अलग तरह के फर्टिलाइज़र बेचे जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ये बिज़नेस काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।

     

    फर्टिलाइज़र बिज़नेस से करें ज़िंदगी का नया आगाज़

     

    स्कोप क्या है?

     

    • कृषि क्षेत्र में फर्टिलाइज़र की भारी मांग
    • खाद्यान्न उत्पादन पर सरकार का ज़ोर
    • कम लागत में ज़्यादा मुनाफा

     

    फर्टिलाइज़र बिज़नेस से करें ज़िंदगी का नया आगाज़

     

    शुरुआत ऐसे करें:

     

    इस बिज़नेस को शुरू करना काफी आसान है। हालांकि, इससे पहले आपको कुछ प्रक्रियाओं से गुज़रना होगा और इससे जुड़ी पात्रता पर खरा उतरना होगा। इस ब्लॉग में हम आपको इन सभी बातों की जानकारी देंगे। तो चलिए, फर्टिलाइज़र बिज़नेस की ओर अपना पहला कदम बढ़ाते हैं।   

     

    लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन

     

    इस बिज़नेस के लाइसेंस के लिए आपको कृषि विभाग से संपर्क करना होगा। आप ज़िला कृषि अधिकारी के दफ्तर में जाकर इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, इन दिनों कई राज्यों ने ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी शुरू कर दी है। लिहाज़ा आपके लिए ये काम बिल्कुल भी मुश्किल नहीं होगा। इसके अतिरिक्त आपको स्थानीय प्रशासन से ट्रेड लाइसेंस भी लेना पड़ेगा, जिसके लिए आप नगर निगम, नगर पंचायत या ग्राम पंचायत में आवेदन कर सकते हैं।

     

    योग्यता (Qualification):

     

    इस बिज़नेस के लिए B.Sc. एग्रीकल्चर की डिग्री लेना अनिवार्य है। यदि किसी के पास ये डिग्री न हो, तो भी घबराने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि केमिस्ट्री सब्जेक्ट लेकर B.Sc. करने वाले ग्रेजुएट्स भी इस बिज़नेस को शुरू कर सकते हैं। वहीं, इंटीग्रेटेड न्यूट्रीन्ट मैनेजमेंट (INM) का कोर्स भी इस बिज़नेस में आपकी मदद कर सकता है।

     

    ज़रूरी दस्तावेज़ (Required Documents):

     

    • पैन कार्ड
    • आधार कार्ड
    • B.Sc. की डिग्री
    • दुकान और गोदाम का नक्शा
    • यदि दुकान किराये पर हो, तो रेंट एग्रीमेंट की कॉपी
    • यदि दुकान खुद की हो, तो मालिकाना हक के दस्तावेज़
    • प्रिंसिपल सर्टिफिकेट, जो फर्टिलाइज़र कंपनी प्रदान करती है
    • बैंक चालान की रसीद
    • ‘ओ’ फॉर्म 
    • पासपोर्ट साइज़ की फोटो

     

    लागत (Cost):

     

    करीब 2 लाख रुपये के निवेश के साथ इस बिज़नेस को शुरू किया जा सकता है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि 5 लाख या उससे ज़्यादा का निवेश आपको बेहतर मुनाफा दिला सकता है।

     

    मुनाफा (Profit):

     

    इस बिज़नेस में 8 से 10 प्रतिशत का मुनाफा आसानी से कमाया जा सकता है। हालांकि, कई उत्पादों में ये प्रॉफिट मार्जिन 20 प्रतिशत या उससे अधिक हो सकता है। 

     

    लोन और सब्सिडी (Loan & Subsidy):

     

    सरकार की एग्री क्लिनिक और एग्री बिज़नेस सेंटर स्कीम के तहत कृषि और उससे जुड़े विषयों में डिग्री हासिल करने वाले लोगों को लोन और और सब्सिडी का लाभ मिलता है। हालांकि, ये लाभ हर किसी को नहीं मिलता। यदि आपका प्रोजेक्ट व्यावहारिक होगा और तय मापदंडों पर खरा उतरेगा, तभी सरकार फर्टिलाइज़र शॉप खोलने में आपकी मदद करेगी। इस स्कीम के तहत एक व्यक्ति 20 लाख रुपये तक का लोन ले सकता है। वहीं, यदि 5 या उससे अधिक लोग एक समूह बनाकर बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं, तो उन्हें 1 करोड़ रुपये तक का लोन भी मिल जाता है। 

     

    आपको बता दें कि इस स्कीम के तहत महिलाओं और SC/ST वर्ग के लिए 44 प्रतिशत तक की सब्सिडी का प्रावधान है। वहीं, सामान्य वर्ग के लिए 36 प्रतिशत तक की सब्सिडी तय की गई है। बशर्ते, आपको 5-10 वर्ष की अवधि में ये लोन चुकाना होगा।

     

    मौजूदा डीलर/दुकानदारों के लिए DAESI का विकल्प:

     

    हमारे देश में पहले कोई भी फर्टिलाइज़र शॉप खोल सकता था। लेकिन, समय के साथ नियमों में बदलाव किए गए जिसके चलते अब मौजूदा डीलर्स और दुकानदारों को सरकार के पात्रता नियमों पर खरा उतरना होता है। आपको बता दें कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर एक्सटेंशन मैनेजमेंट (MANAGE) द्वारा मौजूदा फर्टिलाइजर डीलर्स और दुकानदारों के लिए DAESI नाम से एक डिप्लोमा कोर्स चलाया जाता है। इसके तहत उन्हें फर्टिलाइज़र जैसे कृषि आदानों के क्षेत्र में उन्नत शिक्षा दी जाती है ताकि वे बेहतर तरीके से किसानों की मदद कर सकें। इस कोर्स को करने के बाद वे इस बिज़नेस को सुचारू रूप से चलाने में सक्षम हो पाते हैं। खास बात ये है कि हफ्ते में एक दिन ही इसकी क्लास होती है। इस तरह मौजूदा दुकानदारों को परेशानियों का सामना भी नहीं करना पड़ता। 

     

     

    फर्टिलाइज़र बिज़नेस से करें ज़िंदगी का नया आगाज़

     

    हमें उम्मीद है कि आपको Knitter का यह ब्लॉग पसंद आया होगा। Knitter पर आपको बिज़नेस के अलावा कृषि एवं मशीनीकरण, एजुकेशन और करियर, सरकारी योजनाओं और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर भी कई महत्वपूर्ण ब्लॉग्स मिल जाएंगे। आप इन ब्लॉग्स को पढ़कर अपना ज्ञान बढ़ा सकते हैं और दूसरों को भी इन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

     

    ✍️   

    लेखक- कुंदन भूत    

     



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