कैंडल मेकिंग बिज़नेस: रोज़गार और आजीविका का मज़बूत ज़रिया

केवल 10 हज़ार में शुरू करें मोमबत्ती का बिज़नेस

भारत में मोमबत्ती का बिज़नेस (Candle Making Business) लोगों की आजीविका और रोज़गार का एक अच्छा साधन बन सकता है। आइए, इस बिज़नेस को समझने का प्रयास करते हैं।

23 January 2021

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    “मिले न रोशनी, तो खुद रोशनी बन जा...” वो इसलिए क्योंकि मंज़िल उन्हीं को मिलती है, जो अंधेरों को हराना जानते हैं और आप में वो काबिलियत है कि आप फिर से अपना जीवन रोशन कर सकते हैं। इसलिए भले ही कोरोना महामारी या बेरोज़गारी जैसी समस्याओं के चलते आपका जीवन थम सा गया हो, ज़रूरत है कि आप आगे आएं और एक नई राह तलाशें। इस काम में Knitter आपके साथ खड़ा है।

     

    आज ‘बिज़नेस और रोज़गार’ की हमारी श्रृंखला में हम आपको बताएंगे कि आप कैसे मोमबत्ती बनाने का बिज़नेस (Candle Making Business) शुरू कर इन मुश्किल हालातों से उबर सकते हैं। हम ये भी बताएंगे कि आपको ये बिज़नेस क्यों करना चाहिए और ये आपको अपनी आजीविका कमाने में किस तरह मदद करेगा? तो चलिए, ब्लॉग का ये सफर शुरू करते हैं। लेकिन पहले ये जान लेते हैं कि आपको इस ब्लॉग में मोमबत्ती बनाने के बिज़नेस (Candle Making Business) से जुड़ी कौन-कौन सी जानकारियां हासिल होंगी?

     

    ब्लॉग में हम कई पहलुओं पर प्रकाश डालेंगे, जैसे-

    · मोमबत्ती का बिज़नेस (Candle Making Business) क्या है?

    · इसमें स्कोप क्या है?

    · इसे कैसे शुरू किया जा सकता है?

    · लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया क्या है?

    · कौन सी मशीनरी लगेगी?

    · कितनी जगह चाहिए होगी? 

    · कौन से रॉ मटेरियल चाहिए होंगे?

    · लागत कितनी आएगी और मुनाफा कितना होगा?  

     

    मोमबत्ती के बिज़नेस (Candle Business) पर एक नज़र:

     

    इस बिज़नेस में मोमबत्तियां बनाई जाती हैं और उन्हें बाज़ार में बेचा जाता है। इस काम को आप मैनुअली कर सकते हैं। यदि आप चाहें, तो मशीन की मदद लेकर भी इस काम को अंजाम दिया जा सकता है। आपको बता दें कि इस कारोबार के तहत आप सामान्य मोमबत्तियों के अलावा डिज़ाइनर मोमबत्तियां भी बना सकते हैं।

     

    स्कोप (Scope):

     

    · घर से इस बिज़नेस की शुरुआत की जा सकती है।

    · निवेश भी बहुत कम है।

    · मार्केट में अच्छी मांग है।

    · मुनाफा अच्छा होता है।

    · पूंजी डूबने का खतरा भी न के बराबर है।

     

     

    मोमबत्ती के बिज़नेस से होगा आपका जीवन रोशन

     

    शुरुआत ऐसे करें:

     

    इस बिज़नेस को शुरू करना बहुत आसान है। आप अपने घर से इस बिज़नेस की शुरुआत कर सकते हैं। हालांकि आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा ताकि बिज़नेस करने में कोई परेशानी न हो। आइए, हम ये बताने का प्रयास करते हैं कि आपको इस बिज़नेस को शुरू करने से पहले क्या करना होगा?

     

    लाइसेंस/ रजिस्ट्रेशन (License & Registration):

     

    इस बिज़नेस को शुरू करने के लिए आपको ट्रेड लाइसेंस की ज़रूरत पड़ेगी। आप नगर निगम या नगर पालिका जैसे स्थानीय निकायों में इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा आपको उद्योग आधार रजिस्ट्रेशन भी कराना होगा। साथ ही ट्रेडमार्क लेना आपके बिज़नेस के लिए फायदेमंद साबित होगा।

     

    मशीनरी और उपकरण (Machinery & Equipment):

     

    यदि आप मशीनरी लगाना चाहते हैं तो आपको बाज़ार में मैनुअल, सेमी-ऑटोमैटिक और ऑटोमैटिक मशीनें आसानी से मिल जाएंगी। लेकिन यदि आपका बजट अत्यधिक कम है तो आप मशीन के बिना भी इस काम को शुरू कर सकते हैं। हालांकि आपको सांचे (Mould), मेल्टिंग पॉट (बर्तन), थर्मामीटर, तराजू जैसे छोटे-मोटे उपकरणों (equipment) की ज़रूरत पड़ेगी। मोम पिघलाने के लिए आप भट्टी या गैस के अलावा ओवन का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।

     

    जगह की आवश्यकता (Space Required):

     

    इस बिज़नेस को आप महज़ 500 स्क्वायर फीट की जगह में शुरू कर सकते हैं। घर का एक छोटा सा कमरा आपके इस काम के लिए काफी होगा।

     

    रॉ मटेरियल (Raw Material):

     

    ·सॉलिड पैराफिन वैक्स (Solid Wax)

    ·धागा (Thread)

    ·कलर (Colour)

    ·ऐसेंशियल ऑयल (Essential Oil)

    ·पैकेजिंग बॉक्स (Packaging Box)

     

    मैनपावर (Manpower):

     

    1-2 लोग इस बिज़नेस के लिए काफी हैं। इस तरह आप कैंडल मेकिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग जैसे सारे काम आसानी से कर सकेंगे।

     

     

        मोमबत्ती के बिज़नेस से होगा आपका जीवन रोशन

     

     

    मोमबत्ती बनाने की प्रक्रिया (Candle Making Process):

     

    सबसे पहले सॉलिड वैक्स यानी कि मोम के ठोस स्वरूप को तोड़कर एक बर्तन में डाला जाता है। अब उस बर्तन को गैस या भट्टी में गरम किया जाता है, जिससे मोम पिघल जाती है। बर्तन के तौर पर आप चाय की केतली का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। इसके बाद सांचे (candle mould) में बत्ती सेट की जाती है और उसमें पिघली हुई मोम डाली जाती है। अब मोम को ठंडा करने के लिए सांचे को पानी में डाला जाता है। अंत में सांचे का क्लैम्प हटाकर एक्सट्रा धागे को काट दिया जाता है। इस तरह मोमबत्ती तैयार हो जाती है। आप अलग-अलग सांचे (mould) का इस्तेमाल कर डिज़ाइनर मोमबत्तियां भी बना सकते हैं।  

     

    लागत (Cost):

     

    आप महज़ 10 हज़ार रुपये के निवेश से इस बिज़नेस को शुरू कर सकते हैं। यदि आप मशीनरी लगाकर ये काम शुरू करना चाहते हैं तो आपको बाज़ार में 35 हज़ार रुपये से लेकर लाखों तक की मशीनें मिल जाएंगी। आप अपनी सहूलियत और बजट को ध्यान में रखते हुए मैनुअल, सेमी-ऑटोमैटिक या ऑटोमैटिक मशीन का चुनाव कर सकते हैं।

     

    मुनाफा:

     

    इस बिज़नेस में 30 से 40 प्रतिशत का मुनाफा आसानी से कमाया जा सकता है। वहीं, डिज़ाइनर मोमबत्तियों के मामले में आपका फायदा और भी अधिक बढ़ सकता है।

     

    प्रशिक्षण (Training):

     

    हालांकि मोमबत्ती बनाने का काम बहुत ज़्यादा मुश्किल नहीं है। लेकिन इस बिज़नेस को शुरू करने से पहले यदि आप ट्रेनिंग लेते हैं, तो इसमें आपका ही फायदा है। इससे आप इस काम से जुड़ी सारी बारीकियां जान पाते हैं। वहीं अलग-अलग प्रकार की मोमबत्तियां बनाना भी सीख पाते हैं। देश में कुछ संस्थाओं द्वारा व्यावसायिक पाठ्यक्रम भी चलाए जाते हैं। आप चाहें, तो इसका हिस्सा बन सकते हैं। वहीं, समय-समय पर सरकारी एजेंसियां भी स्थानीय स्तर पर ट्रेनिंग मुहैया कराती हैं, जिसका लाभ आप ले सकते हैं।  

    हमें उम्मीद है कि आपको Knitter का यह ब्लॉग पसंद आया होगा। Knitter पर आपको बिज़नेस के अलावा कृषि एवं मशीनीकरण, एजुकेशन और करियर, सरकारी योजनाओं और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर भी कई महत्वपूर्ण ब्लॉग्स मिल जाएंगे। आप इन ब्लॉग्स को पढ़कर अपना ज्ञान बढ़ा सकते हैं और दूसरों को भी इन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।  

     

    लेखक- कुंदन भूत

     



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