झाड़ू के बिज़नेस में है अच्छी कमाई, ऐसे करें शुरुआत

झाड़ू के बिज़नेस में है अच्छी कमाई, ऐसे करें शुरुआत

भारत में सदियों से झाड़ू बनाने का काम (Broom Making) किया जा रहा है। बिज़नेस के लिहाज़ से भी ये एक अच्छा विकल्प है। आइए, इसे समझने का प्रयास करें।

30 January 2021

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  • एक पुरानी मान्यता के अनुसार, यदि कोई घर से बाहर निकल रहा हो, तो घर में झाड़ू नहीं लगाना चाहिए। ये बात कितनी लॉजिकल है, इस पर तो हम कुछ नहीं कह सकते, लेकिन हम ये ज़रूर बता सकते हैं कि यदि आप कम लागत में तगड़ा मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो झाड़ू बनाने का बिज़नेस (Broom Making Business ) एक अच्छा विकल्प है। 

     

    आज “बिज़नेस और रोज़गार” की हमारी श्रृंखला में हम आपको इसी विषय पर जानकारी देंगे। हम आपको बताएंगे कि ये बिज़नेस किस तरह आपकी आमदनी का एक बेहतर ज़रिया बनकर आपका जीवन बदल सकता है? इससे पहले कि हम इस ब्लॉग को आगे बढ़ाएं, हम आपको ये बता देते हैं कि इस ब्लॉग में आपको झाड़ू बनाने के बिज़नेस से जुड़ी कौन सी जानकारियां दी जाएंगी।

     

    हम आपको कई बातें बताएंगे, जैसे–

     

    • झाड़ू बनाने का बिज़नेस (Broom Making Business) क्या है?
    • इसमें स्कोप क्या है?
    • ये बिज़नेस कैसे शुरू किया जा सकता है?
    • लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया क्या है?
    • मशीनरी कौन सी लगेगी?
    • कितना मैनपावर चाहिए होगा?
    • कितनी जगह की आवश्यकता होगी?
    • कौन से रॉ मटेरियल चाहिए होंगे?
    • लागत कितनी आएगी और मुनाफा कितना होगा? 

     

    झाड़ू बनाने के बिज़नेस (Broom Making Business) पर एक नज़र:

     

    भारत में झाड़ू बनाने का काम सदियों से किया जा रहा है, लेकिन बीते कुछ सालों में ये एक अच्छा बिज़नेस ऑप्शन बनकर उभरा है। इस बिज़नेस में हाथों या फिर मशीन की मदद से झाड़ू बनाई जाती हैं और उन्हें बाज़ार में बेचा जाता है। भारत में फूल झाड़ू, नारियल झाड़ू और बांस से बनी झाड़ू सबसे ज़्यादा उपयोग में लाई जाती हैं।

     

    स्कोप (Scope):

     

    • हर घर में उपयोग
    • लागत कम, मुनाफा ज़्यादा
    • रोज़गार बढ़ाने में मददगार  

     

    अच्छी आमदनी के लिए चुन सकते हैं झाड़ू का बिज़नेस

     

     

    शुरुआत ऐसे करें:

     

    इस बिज़नेस को शुरू करना बहुत आसान है। यदि आप छोटे स्तर पर अपने घर पर हाथों से झाड़ू बनाने का काम शुरू करते हैं, तो आपको किसी विशेष लाइसेंस की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। यदि आप मशीनरी लगाकर बड़े पैमाने पर इस काम को करना चाहते हैं, तो आपको कुछ प्रक्रियाओं से गुज़रना होगा। आइए, उन्हें समझने का प्रयास करें।

     

    लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन (License & Registration): 

     

    आप स्थानीय प्रशासन से ट्रेड लाइसेंस लेकर इस बिज़नेस को शुरू कर सकते हैं। इसके लिए आप नगर निगम या नगर पालिका में आवेदन कर सकते हैं। वहीं, आपको MSME की वेबसाइट पर उद्योग आधार रजिस्ट्रेशन भी कराना होगा। यदि आप अपने उत्पाद को किसी ब्रांड के तौर पर बेचना चाहते हैं, तो ट्रेडमार्क लेना आपके बिज़नेस के लिए फायदेमंद होगा।

     

    मशीनरी (Machinery):

     

    बाज़ार में कई प्रकार की सेमी ऑटोमैटिक और ऑटोमैटिक मशीनें उपलब्ध हैं। आप अपने बजट को ध्यान में रखकर इनका चुनाव कर सकते हैं। यदि आप बांस (Bamboo Sticks) या फिर नारियल झाड़ू (Coconut Broom) का काम शुरू करना चाहते हैं, तो करीब 40 से 50 हज़ार रुपये में आपको एक सेमी ऑटोमैटिक मशीन मिल जाएगी। वहीं, ऑटोमैटिक मशीन के लिए आपको लाखों रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं।

     

    प्रशिक्षण (Training):

     

    झाड़ू बनाने के लिए किसी विशेष स्किल की ज़रूरत नहीं है। फिर भी यदि आप किसी झाड़ू बनाने वाले अनुभवी व्यक्ति से ट्रेनिंग लेते हैं, तो आपके लिए ये बिज़नेस करना आसान हो जाएगा। वैसे, समय-समय पर सरकार भी ऐसे स्किल्स सिखाने के लिए स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण शिविर या वर्कशॉप आयोजित करती है।

     

    रॉ मटेरियल:

    • टाइगर घास (Tiger Hill Grass)
    • बाइंडिंग वायर (Binding Wire)
    • रस्सी (Cane)
    • प्लास्टिक या स्टील हैंडल (Plastic/Steel Handle)

     

    स्पेस (Space):

     

    ये बिज़नेस आप घर से ही शुरू कर सकते हैं। 10x10 का एक छोटा सा कमरा इस काम के लिए काफी है। यदि भविष्य में आप कभी उत्पादन बढ़ाने पर विचार करते हैं, तो आपको एक बड़ी जगह की आवश्यकता पड़ेगी।

     

    मैनपावर (Manpower):

     

    छोटे स्तर पर 1 से 2 लोग इस बिज़नेस के लिए पर्याप्त हैं।

     

    प्रोसेस (Process):

     

    सबसे पहले रॉ मटेरियल इकट्ठा किया जाता है। आप चाहें, तो बाज़ार से रॉ मटेरियल खरीद भी सकते हैं। इसके बाद उसकी छंटनी की जाती है। अब रॉ मटेरियल को तराजू में तौला जाता है। कई अनुभवी लोग अंदाज़े से भी ये काम कर लेते हैं। अब एक बंडल तैयार किया जाता है और झाड़ू को पतली सी तार और रस्सी की मदद से बांधा जाता है। सभी झाड़ू एक साइज़ में बनाए जा सके, इसलिए एक्स्ट्रा लंबाई को काट दिया जाता है। अंत में प्लास्टिक या स्टील का हैंडल लगा दिया जाता है। इस तरह आपकी झाड़ू बनकर तैयार हो जाती है। आप एक किलो रॉ मटेरियल में औसतन 3-4 झाड़ू बना सकते हैं।

     

    लागत :

     

    इस बिज़नेस को महज 15 से 20 हज़ार रुपये की पूंजी के साथ शुरू किया जा सकता है। हालांकि, बड़े स्तर पर इस काम को शुरू करने के लिए आपको 5-7 लाख रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं। हाई प्रोडक्शन यूनिट्स में यह खर्च 25 लाख रुपये से ऊपर भी चला जाता है।

     

    मुनाफा :

     

    ये बिज़नेस मुनाफे की दृष्टि से काफी अच्छा है। आप इस काम में 20 से 25 प्रतिशत तक का मुनाफा आसानी से कमा सकते हैं।

     

     

    अच्छी आमदनी के लिए चुन सकते हैं झाड़ू का बिज़नेस

     

     

    ध्यान देने योग्य बातें:

     

    • स्थानीय बाज़ार पर रिसर्च करें
    • बिज़नेस प्लान तैयार करें
    • उत्पाद का चयन करें
    • उत्पादन के लिए स्थान सुनिश्चित करें
    • रॉ मटेरियल की व्यवस्था करें
    • मांग के अनुरूप ही उत्पादन करें
    • लागत पर विशेष ध्यान दें
    • उत्पाद को बेचने के लिए बाज़ार तक कनेक्शन बनाएं
    • समय-समय पर मुनाफे का आकलन करें

     

    हमें उम्मीद है कि आपको Knitter का यह ब्लॉग पसंद आया होगा। Knitter पर आपको बिज़नेस के अलावा कृषि एवं मशीनीकरण, एजुकेशन और करियर, सरकारी योजनाओं और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर भी कई महत्वपूर्ण ब्लॉग्स मिल जाएंगे। आप इन ब्लॉग्स को पढ़कर अपना ज्ञान बढ़ा सकते हैं और दूसरों को भी इन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

     

    लेखक- कुंदन भूत

     



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