जानें, कैसे लगाई जाती है आरटीआई (RTI)

आरटीआई एक्ट (RTI Act) क्या है, इस ब्लॉग में जानें

‘सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI Act) -2005’ भारतीय लोकतंत्र (indian democracy) को मज़बूत करता है। इससे नागरिक (citizen) सरकार (government) से सवाल पूछ सकते हैं।

16 December 2020

  • 1267 Views
  • 6 Min Read

  • ‘पारदर्शिता’ और ‘जवाबदेही’ लोकतंत्र के स्तम्भ हैं। जिस लोकतंत्र में इनका अभाव होता है, उस लोकतंत्र के मायने नहीं रह जाते हैं। भारत जैसे लोकतंत्र ने इस बात की अहमियत को समय रहते समझा है। यही वजह है कि हमारे देश में “सूचना का अधिकार अधिनियम-2005” लागू किया गया, जिसे आप आरटीआई एक्ट के नाम से भी जानते हैं। इसने भारतीय लोकतंत्र को न सिर्फ मज़बूती प्रदान की, बल्कि एक स्वस्थ लोकतंत्र की सच्ची भावना को परिभाषित भी किया है। 

     

    आज Knitter के इस ब्लॉग के ज़रिए हम इसी विषय पर बात करेंगे। साथ ही ये भी बताएंगे कि आप इस अधिनियम के तहत आरटीआई कैसे दायर कर सकते हैं। तो चलिए, ब्लॉग का ये सफर शुरू करते हैं। लेकिन पहले संक्षेप में जान लेते हैं कि आख़िर सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI Act) है क्या?

     

    सूचना का अधिकार अधिनियम क्या है?

     

    यह भारत सरकार द्वारा लागू किया गया एक कानून है, जो देश के नागरिकों को सवाल पूछने का विशेष अधिकार प्रदान करता है। इसके तहत आप आरटीआई दायर कर केंद्र या राज्य सरकार या उनसे संबंधित किसी विभाग के कार्यों और गतिविधियों की जानकारी ले सकते हैं। आप चाहें तो इससे जुड़े दस्तावेज़ भी मांग सकते हैं। 

     

    इसका उद्देश्य क्या है?

     

    भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में अधिक पारदर्शिता लाना और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाना इसका प्रमुख उद्देश्य है। यह देश के नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति अधिक सजग बनाता है, उनकी भागीदारी सुनिश्चित करता है और सिस्टम में लोगों की जवाबदेही तय करने में मदद करता है।  

     

     

    क्या होती है RTI ? कैसे उठाएं इसका लाभ

    इसके फायदे क्या हैं?

    • सरकार और सरकारी विभागों की जवाबदेही तय होती है।
    • प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता आती है।
    • समाज के हर तबके को अपने अधिकारों के बारे में जानने में सक्षम बनाता है।
    • भारतीय नागरिक होने के नाते आपको जो सेवाएं और लाभ मिलते हैं, उन्हें सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

     

    आरटीआई दायर करने की प्रक्रिया क्या है?

     

    आप ऑफलाइन और ऑनलाइन, दोनों तरीके से आरटीआई दायर कर सकते हैं। तो चलिए, सबसे पहले ऑफलाइन मोड से शुरुआत करते हैं।

     

    ऑफलाइन तरीके से आरटीआई कैसे दायर की जाती है?

     

    • सबसे पहले आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आप जिस विषय पर आरटीआई दायर कर रहे हैं, वो किस विभाग के तहत आता है। क्या वह विभाग केंद्र सरकार के तहत आता है? राज्य सरकार के अधीन आता है? या फिर किसी लोकल अथॉरिटी के अधीन?
    • जैसे ही इसकी पुष्टि हो जाए, आप अपना आरटीआई आवेदन लिख सकते हैं। अच्छी बात ये है कि आप हिंदी या अंग्रेज़ी के अलावा स्थानीय भाषा में भी अपनी आरटीआई दायर कर सकते हैं। यदि आपको इसमें किसी प्रकार की परेशानी हो रही है, तो आप जन सूचना अधिकारी (Public Information Officer) से भी आवेदन लिखने की रिक्वेस्ट कर सकते हैं।
    • आवेदन की शुरुआत में आपको संबंधित विभाग के जन सूचना अधिकारी को संबोधित करना होगा। साथ ही विषय (subject line) में आपको यह बताना पड़ेगा कि आप आरटीआई ऐक्ट-2005 के तहत सूचनाएं चाहते हैं।
    • इसके बाद आपको विस्तार से सारे सवाल लिखने होंगे, ताकि आपको सिलसिलेवार तरीके से जवाब मिल सके। आप चाहें, तो जानकारियों से संबंधित दस्तावेज़ भी मांग सकते हैं। हालांकि इसके लिए आप से 2 रुपये प्रति पेज के हिसाब से पैसे लिए जाएंगे।
    • आवेदन के साथ आपको निर्धारित राशि का भुगतान करना होगा। अलग-अलग राज्यों में यह राशि 10 से 50 रुपये के बीच हो सकती है। ये भुगतान कैश, बैंक ड्राफ्ट या मनी ऑर्डर के ज़रिए किया जा सकता है। 
    • यदि आप बीपीएल कैटेगरी में आते हैं, तो आपको ये भुगतान नहीं करना पड़ेगा। लेकिन आपको इस दौरान इसका प्रमाण भी देना होगा।
    • आवेदन करते समय अपना नाम, पता, ईमेल और कॉन्टैक्ट डीटेल्स ज़रूर भरें। साथ ही अपने शहर की जानकारी और आवेदन की तिथि डालनी ना भूलें।
    • आप चाहें, तो ईमेल के ज़रिए अपना आवेदन भेज सकते हैं या फिर संबंधित विभाग में जाकर व्यक्तिगत तौर पर भी इसे जमा कर सकते हैं। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि आपके पास आवेदन की एक फोटो कॉपी और जमा करने के बाद मिलने वाली रसीद ज़रूर हों।

    लीजिए, हो गई आपकी आरटीआई दायर।

     

    अब आरटीआई दायर करने की ऑनलाइन विधि को भी जान लेते हैं।

     

    ऑनलाइन आरटीआई कैसे दायर की जाती है?

    • सबसे पहले आपको www.rtionline.gov.in  पर जाना होगा। 
    • आपको "Submit Request" बटन पर क्लिक करना होगा।
    • क्लिक करने के बाद आपको मांगी गई जानकारियां भरनी होंगी।
    • वर्तमान में आवेदन के लिए 3000 कैरेक्टर्स निर्धारित किए गए हैं।
    • यदि आपके आवेदन का टेक्स्ट 3000 कैरेक्टर्स से अधिक है, तो आप “Supporting Document” कॉलम का उपयोग कर अपनी जानकारियों की फाइल अटैचमैंट के तौर पर अपलोड कर सकते हैं।  
    • पहले पेज पर सभी जानकारियां भरने के बाद आपको “Make Payment” विकल्प पर क्लिक कर तय राशि का भुगतान करना होगा।
    • आप नेट बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड के ज़रिए यह भुगतान कर सकते हैं।
    • भुगतान के बाद आप अपना आवेदन सब्मिट कर सकते हैं।
    • यदि आप बीपीएल कैटेगरी में आते हैं तो आपको ये भुगतान नहीं करना होगा। लेकिन इस दौरान आपको आवेदन के साथ इसके सर्टिफिकेट की कॉपी ज़रूर अपलोड करनी होगी।
    • जैसे ही आपका आवेदन सब्मिट होगा, आपको एसएमएस या ईमेल के ज़रिए एक रजिस्ट्रेशन नंबर प्राप्त होगा। इसकी मदद से आप भविष्य में अपने आवेदन की स्थिति जान सकेंगे।
    • वेब पोर्टल के ज़रिए आपका आवेदन इलेक्ट्रॉनिकली संबंधित विभाग या मंत्रालय के नोडल अधिकारी को पहुंच जाता है।

     

    है ना आसान?  बस इस तरह से आप बिना किसी परेशानी के अपनी आरटीआई दायर कर सकते हैं।

     

    इस ब्लॉग में हमने आपको सूचना का अधिकार अधिनियम से जुड़ी जानकारी प्रदान की और ये भी समझाने का प्रयास किया कि कैसे आप आरटीआई दायर कर अपने अधिकारों का सही इस्तेमाल कर सकते हैं।

     

    हमें उम्मीद है कि Knitter  का यह ब्लॉग आपको पसंद आया होगा। यदि आप ऐसे ही अन्य इंटरेस्टिंग ब्लॉग्स पढ़ना चाहते हैं, तो आप इस लिंक पर जाकर उन्हें पढ़ सकते हैं।

     

    आपको बता दें कि Knitter पर आपको कृषि एवं मशीनीकरण, सरकारी योजनाओं और ग्रामीण विकास जैसे अहम मुद्दों पर भी दिलचस्प ब्लॉग पढ़ने को मिल जाएंगे। इसलिए बने रहिए Knitter के साथ और जानकारियों के सागर में गोते लगाते रहिए। 



    यह भी पढ़ें



    सरकारी विभाग की अन्य ब्लॉग