जानें सेना में अफसर बनने के चुनिंदा तरीके

CDS एग्ज़ामः तैयारी, पैटर्न और पास करने के टिप्स

CDS एग्ज़ामः से युवाओं के पास देश की तीनों सेनाओं में अफसर बनने का मौका है। यह ब्लॉग इसी विषय पर है। बस इन बातों का ध्यान रखें।

31 January 2021

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  • इंडियन आर्मी, इंडियन नेवी या फिर इंडियन एयरफोर्स। यदि आप इन तीन में से किसी भी एक सेना में अफसर बनना चाहते हैं, तो CDS (combined defence services) Exam, एक बेहतर विकल्प है। इस परीक्षा को पास करने के बाद आप आर्मी ऑफिसर, नेवी ऑफिसर या एयरफोर्स ऑफिसर बन सकते हैं। Knitter के इस ब्लॉग में आज हम इसी बारे में बात करेंगे। और आपको मिलेंगे कुछ सवालों के जवाब। जैसेः 

     

    • कैसे करें CDS Exam की तैयारी?
    • इसके लिए आवश्यक योग्यताएं क्या हैं?
    • परीक्षा का पैटर्न कैसा होता है?
    • परीक्षा पास करने के तरीके क्या हैं?
    • इसके बाद कौन-कौन से अवसर मिलते हैं?

     

    ऐसे करें परीक्षा की तैयारी

     

    • परीक्षा का पैटर्न और सिलेबस समझें
    • पिछले कुछ सालों के पेपर सॉल्व करें
    • अपनी ताकत और कमज़ोरी को पहचानें
    • कटऑफ क्या रहा? यह ज़रूर देखें
    • गणित-अंग्रेज़ी और सामान्य ज्ञान पुख्ता रखें

     

    आवश्यक योग्यताएं

     

    • भारत के नागरिक हों
    • शारीरिक-मानसिक तौर पर फिट हों
    • CDS के लिए अविवाहित प्रतिभागी ही आवेदन कर सकते हैं
    • ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी के लिए विवाहित भी आवेदन कर सकते हैं

     

     न्यूनतम और अधिकतम आयु

     

    • इंडियन एयरफोर्स एकेडमी - 20 से 24 साल
    • इंडियन आर्मी एकेडमी    - 19 से 24 साल
    • इंडियन नेवी एकेडमी     - 19 से 24 साल
    • ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी  - 19 से 25 साल

     

    ज़रूरी शैक्षणिक योग्यताएं

     

    • इंडियन एयरफोर्स एकेडमी - 12वीं में गणित या फिजिक्स विषय के साथ मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय की डिग्री या इंजीनियरिंग की डिग्री
    • इंडियन आर्मी एकेडमी - मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन
    • इंडियन नेवी एकेडमी - मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से केमेस्ट्री, मैथ्स और फिजिक्स के साथ बीएससी या इंजीनियरिंग की डिग्री
    • ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी - मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में ग्रेजुएशन

     

    ऐसा है परीक्षा का पैटर्न

     

    CDS Exam साल में दो बार होती है। पहली बार फरवरी में और दूसरी बार नवंबर में। इसकी जानकारी UPSC अक्टूबर और जून में जारी करता है।

    इस परीक्षा को करवाने का दारोमदार UPSC पर ही होता है। यह परीक्षा दो भागों में होती है। पहला लिखित और दूसरा साक्षात्कार।

    हालांकि साक्षात्कार के लिए केवल उन्हीं उम्मीदवारों को बुलवाया जाता है जो लिखित में पास हो जाते हैं।

    इसके बाद लिखित और साक्षात्कार के अंकों के आधार पर सफल उम्मीदवार चुने जाते हैं।

     

    इंडियन आर्मी, इंडियन नेवी या फिर इंडियन एयरफोर्स। यदि आप इन तीन में से किसी भी एक सेना में अफसर बनना चाहते हैं, तो CDS (combined defence services) Exam, एक बेहतर विकल्प है। इस परीक्षा को पास करने के बाद आप आर्मी ऑफिसर, नेवी ऑफिसर या एयरफोर्स ऑफिसर बन सकते हैं। Knitter के इस ब्लॉग में आज हम इसी बारे में बात करेंगे। और आपको मिलेंगे कुछ सवालों के जवाब। जैसेः  ·        कैसे करें CDS Exam की तैयारी? ·        इसके लिए आवश्यक योग्यताएं क्या हैं? ·        परीक्षा का पैटर्न कैसा होता है? ·        परीक्षा पास करने के तरीके क्या हैं? ·        इसके बाद कौन-कौन से अवसर मिलते हैं?   ऐसे करें परीक्षा की तैयारी ·        परीक्षा का पैटर्न और सिलेबस समझें ·        पिछले कुछ सालों के पेपर सॉल्व करें ·        अपनी ताकत और कमज़ोरी को पहचानें ·        कटऑफ क्या रहा? यह ज़रूर देखें ·        गणित-अंग्रेज़ी और सामान्य ज्ञान पुख्ता रखें आवश्यक योग्यताएं ·        भारत के नागरिक हों ·        शारीरिक-मानसिक तौर पर फिट हों ·        CDS के लिए अविवाहित प्रतिभागी ही आवेदन कर सकते हैं ·        ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी के लिए विवाहित भी आवेदन कर सकते हैं  न्यूनतम और अधिकतम आयु ·        इंडियन एयरफोर्स एकेडमी 	- 20 से 24 साल ·        इंडियन आर्मी एकेडमी    	- 19 से 24 साल ·        इंडियन नेवी एकेडमी     	- 19 से 24 साल ·        ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी  	- 19 से 25 साल   ज़रूरी शैक्षणिक योग्यताएं ·        इंडियन एयरफोर्स एकेडमी 	- 12वीं में गणित या फिजिक्स विषय के साथ मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय की डिग्री या इंजीनियरिंग की डिग्री ·        इंडियन आर्मी एकेडमी    	- मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन ·        इंडियन नेवी एकेडमी     	- मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से केमेस्ट्री, मैथ्स और फिजिक्स के साथ बीएससी या इंजीनियरिंग की डिग्री ·        ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी  	- मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में ग्रेजुएशन ऐसा है परीक्षा का पैटर्न CDS Exam साल में दो बार होती है। पहली बार फरवरी में और दूसरी बार नवंबर में। इसकी जानकारी UPSC अक्टूबर और जून में जारी करता है। इस परीक्षा को करवाने का दारोमदार UPSC पर ही होता है। यह परीक्षा दो भागों में होती है। पहला लिखित और दूसरा साक्षात्कार। हालांकि साक्षात्कार के लिए केवल उन्हीं उम्मीदवारों को बुलवाया जाता है जो लिखित में पास हो जाते हैं। इसके बाद लिखित और साक्षात्कार के अंकों के आधार पर सफल उम्मीदवार चुने जाते हैं।     CONTENT IMAGE ·        एकेडमी- इंडियन आर्मी, इंडियन नेवी और इंडियन एयरफोर्स ·        तीन पेपर- गणित, अंग्रेजी और सामान्य ज्ञान ·        समयसीमा- 2 घंटे (प्रत्येक विषय के लिए) ·        अंक- 100 ·        एकेडमी- ऑफिसर ट्रेनिंग ·        दो पेपर- अंग्रेजी और सामान्य ज्ञान ·        समयसीमा- 2 घंटे (प्रत्येक विषय के लिए) ·        अंक- 100   गणित की तैयारी करने के कुछ आसान तरीके गणित ऐसा विषय माना जाता है, जिसका जितना ज़्यादा अभ्यास किया जाए, उतनी ज़्यादा पकड़ आपकी इस पर बनती जाती है। आपके लिए लेकर आए हैं ऐसे ही कुछ तरीके, इनके बूते आप भी गणित में अच्छे नंबर पा सकते हैं।   स्पीड बढ़ाइए, नंबर बढ़ेंगे गणित में पूरा मामला सवालों को जल्दी से हल करने का है। आपके नंबर इसी से जुड़े हैं। यह एक दिन में होने वाली बात नहीं है। इसके लिए लंबा अभ्यास चाहिए। जितना ज़्यादा अभ्यास, उतने ज्यादा नंबर आने की उम्मीद।   सूची बनाएं, याददाश्त बढ़ाएं गणित में बहुत सारे सूत्र होते हैं। कठिन से कठिन सवाल हल करने में यह मददगार भी होते हैं। आपको करना यह है कि पढ़ाई के साथ-साथ फॉर्मूलों  की भी सूची बनाते जाएं, इससे परीक्षा में इन्हें याद करने में आपको सहूलियत होगी।    टाइम मैनेजमेंट में फायदा कई बार यह सुनने में आता है कि हमें तो सबकुछ आता था मगर समय ही कम पड़ गया। इससे बचने का बेहतरीन उपाय है टाइम मैनेजमेंट। अभ्यास कीजिए। इसे ठीक कीजिए। हर परीक्षा में इसका फायदा मिलेगा। पुराने पेपर देखें, सॉल्व करें वैसे तो हर विषय की परीक्षा में पुराने सालों के पेपर्स को सॉल्व करने की तकनीक कारगर है। मगर गणित के मामले में तो ज़्यादा फायदेमंद है। वह इसलिए कि सवालों के पैटर्न समझने में इससे बहुत मदद मिलती है। सामान्य ज्ञान को बेहतर बनाएं सामान्य ज्ञान के मामले में कोई जुगाड़ नहीं चलती। किसी प्रकार का फॉर्मूला  भी नहीं चलता। जैसा गणित में होता है। मगर हां। यहां आपके फैक्ट्स जितने मज़बूत होंगे, अच्छे नंबर आने के मौके उतने ही बढ़ेंगे। इयर बुक बनेगी मज़बूत मददगार NCERT की किताबों से सामान्य ज्ञान की तैयारी अच्छे से कर सकते हैं। राजधानी, भाषा, करंसी, लोकगीत, लोकनृत्य जैसी बातें नियमित पढ़ें। फायदा मिलेगा। इयर बुक, सामान्य ज्ञान बेहतर करने में सबसे मज़बूत हथियार है। अखबार और पत्रिकाएं बेहतर साधन हर परीक्षा की तैयारी के लिए अखबार और पत्रिकाएं विद्यार्थियों के लिए बेहतर विकल्प साबित होते हैं। सीडीएस के लिए प्रतियोगिता दर्पण, कॉम्पिटिशन सक्सेस रिव्यु जैसी पत्रिकाओं के साथ द हिंदू, द टेलीग्राफ जैसे अखबार पढ़ें। अंग्रेज़ी की तैयारी, सफलता की गारंटी अंग्रेज़ी का नाम सुनकर अधिकांश विद्यार्थी डर जाते हैं। मगर यदि आपकी तैयारी मज़बूत है तो इसे इन तीनों में सबसे सरल पेपर माना जाता है। सफलता का मंत्र यहां भी अभ्यास है। जितना ज़्यादा अभ्यास, उतने नंबर। अंग्रेज़ी पढ़ने की आदत डालिए प्रतियोगी को चाहिए कि परीक्षा की तैयारियों के साथ-साथ अंग्रेज़ी पढ़ने की आदत डाले। फिर इंग्लिश मैगज़ीन हो या न्यूज़ पेपर्स। इसके अलावा लिखने और बोलने की स्किल्स को भी मज़बूत बनाएं। परीक्षा में काम आएगा। शब्दकोष और व्याकरण सीखें अंग्रेज़ी में व्याकरण और शब्दकोष का सबसे ज़्यादा महत्व है। जिस विद्यार्थी ने इस पर पकड़ बना ली, उसके लिए परीक्षा में बेहतर अंक हासिल करना आसान हो जाता है। हाई स्कूल की व्याकरण की किताब बेहतर विकल्प है।

     

    गणित की तैयारी करने के कुछ आसान तरीके

     

    गणित ऐसा विषय माना जाता है, जिसका जितना ज़्यादा अभ्यास किया जाए, उतनी ज़्यादा पकड़ आपकी इस पर बनती जाती है। आपके लिए लेकर आए हैं ऐसे ही कुछ तरीके, इनके बूते आप भी गणित में अच्छे नंबर पा सकते हैं।

     

    स्पीड बढ़ाइए, नंबर बढ़ेंगे

     

    गणित में पूरा मामला सवालों को जल्दी से हल करने का है। आपके नंबर इसी से जुड़े हैं। यह एक दिन में होने वाली बात नहीं है। इसके लिए लंबा अभ्यास चाहिए। जितना ज़्यादा अभ्यास, उतने ज्यादा नंबर आने की उम्मीद।

     

    सूची बनाएं, याददाश्त बढ़ाएं

     

    गणित में बहुत सारे सूत्र होते हैं। कठिन से कठिन सवाल हल करने में यह मददगार भी होते हैं। आपको करना यह है कि पढ़ाई के साथ-साथ फॉर्मूलों  की भी सूची बनाते जाएं, इससे परीक्षा में इन्हें याद करने में आपको सहूलियत होगी।

      

    टाइम मैनेजमेंट में फायदा

     

    कई बार यह सुनने में आता है कि हमें तो सबकुछ आता था मगर समय ही कम पड़ गया। इससे बचने का बेहतरीन उपाय है टाइम मैनेजमेंट। अभ्यास कीजिए। इसे ठीक कीजिए। हर परीक्षा में इसका फायदा मिलेगा।

     

    पुराने पेपर देखें, सॉल्व करें

     

    वैसे तो हर विषय की परीक्षा में पुराने सालों के पेपर्स को सॉल्व करने की तकनीक कारगर है। मगर गणित के मामले में तो ज़्यादा फायदेमंद है। वह इसलिए कि सवालों के पैटर्न समझने में इससे बहुत मदद मिलती है।

     

    सामान्य ज्ञान को बेहतर बनाएं

     

    सामान्य ज्ञान के मामले में कोई जुगाड़ नहीं चलती। किसी प्रकार का फॉर्मूला  भी नहीं चलता। जैसा गणित में होता है। मगर हां। यहां आपके फैक्ट्स जितने मज़बूत होंगे, अच्छे नंबर आने के मौके उतने ही बढ़ेंगे।

     

    इयर बुक बनेगी मज़बूत मददगार

     

    NCERT की किताबों से सामान्य ज्ञान की तैयारी अच्छे से कर सकते हैं। राजधानी, भाषा, करंसी, लोकगीत, लोकनृत्य जैसी बातें नियमित पढ़ें। फायदा मिलेगा। इयर बुक, सामान्य ज्ञान बेहतर करने में सबसे मज़बूत हथियार है।

     

    अखबार और पत्रिकाएं बेहतर साधन

     

    हर परीक्षा की तैयारी के लिए अखबार और पत्रिकाएं विद्यार्थियों के लिए बेहतर विकल्प साबित होते हैं। सीडीएस के लिए प्रतियोगिता दर्पण, कॉम्पिटिशन सक्सेस रिव्यु जैसी पत्रिकाओं के साथ द हिंदू, द टेलीग्राफ जैसे अखबार पढ़ें।

     

    अंग्रेज़ी की तैयारी, सफलता की गारंटी

     

    अंग्रेज़ी का नाम सुनकर अधिकांश विद्यार्थी डर जाते हैं। मगर यदि आपकी तैयारी मज़बूत है तो इसे इन तीनों में सबसे सरल पेपर माना जाता है। सफलता का मंत्र यहां भी अभ्यास है। जितना ज़्यादा अभ्यास, उतने नंबर।

     

    अंग्रेज़ी पढ़ने की आदत डालिए

     

    प्रतियोगी को चाहिए कि परीक्षा की तैयारियों के साथ-साथ अंग्रेज़ी पढ़ने की आदत डाले। फिर इंग्लिश मैगज़ीन हो या न्यूज़ पेपर्स। इसके अलावा लिखने और बोलने की स्किल्स को भी मज़बूत बनाएं। परीक्षा में काम आएगा।

     

    शब्दकोष और व्याकरण सीखें

     

    अंग्रेज़ी में व्याकरण और शब्दकोष का सबसे ज़्यादा महत्व है। जिस विद्यार्थी ने इस पर पकड़ बना ली, उसके लिए परीक्षा में बेहतर अंक हासिल करना आसान हो जाता है। हाई स्कूल की व्याकरण की किताब बेहतर विकल्प है।

     

    इंडियन आर्मी, इंडियन नेवी या फिर इंडियन एयरफोर्स। यदि आप इन तीन में से किसी भी एक सेना में अफसर बनना चाहते हैं, तो CDS (combined defence services) Exam, एक बेहतर विकल्प है। इस परीक्षा को पास करने के बाद आप आर्मी ऑफिसर, नेवी ऑफिसर या एयरफोर्स ऑफिसर बन सकते हैं। Knitter के इस ब्लॉग में आज हम इसी बारे में बात करेंगे। और आपको मिलेंगे कुछ सवालों के जवाब। जैसेः  ·        कैसे करें CDS Exam की तैयारी? ·        इसके लिए आवश्यक योग्यताएं क्या हैं? ·        परीक्षा का पैटर्न कैसा होता है? ·        परीक्षा पास करने के तरीके क्या हैं? ·        इसके बाद कौन-कौन से अवसर मिलते हैं?   ऐसे करें परीक्षा की तैयारी ·        परीक्षा का पैटर्न और सिलेबस समझें ·        पिछले कुछ सालों के पेपर सॉल्व करें ·        अपनी ताकत और कमज़ोरी को पहचानें ·        कटऑफ क्या रहा? यह ज़रूर देखें ·        गणित-अंग्रेज़ी और सामान्य ज्ञान पुख्ता रखें आवश्यक योग्यताएं ·        भारत के नागरिक हों ·        शारीरिक-मानसिक तौर पर फिट हों ·        CDS के लिए अविवाहित प्रतिभागी ही आवेदन कर सकते हैं ·        ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी के लिए विवाहित भी आवेदन कर सकते हैं  न्यूनतम और अधिकतम आयु ·        इंडियन एयरफोर्स एकेडमी 	- 20 से 24 साल ·        इंडियन आर्मी एकेडमी    	- 19 से 24 साल ·        इंडियन नेवी एकेडमी     	- 19 से 24 साल ·        ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी  	- 19 से 25 साल   ज़रूरी शैक्षणिक योग्यताएं ·        इंडियन एयरफोर्स एकेडमी 	- 12वीं में गणित या फिजिक्स विषय के साथ मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय की डिग्री या इंजीनियरिंग की डिग्री ·        इंडियन आर्मी एकेडमी    	- मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन ·        इंडियन नेवी एकेडमी     	- मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से केमेस्ट्री, मैथ्स और फिजिक्स के साथ बीएससी या इंजीनियरिंग की डिग्री ·        ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी  	- मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में ग्रेजुएशन ऐसा है परीक्षा का पैटर्न CDS Exam साल में दो बार होती है। पहली बार फरवरी में और दूसरी बार नवंबर में। इसकी जानकारी UPSC अक्टूबर और जून में जारी करता है। इस परीक्षा को करवाने का दारोमदार UPSC पर ही होता है। यह परीक्षा दो भागों में होती है। पहला लिखित और दूसरा साक्षात्कार। हालांकि साक्षात्कार के लिए केवल उन्हीं उम्मीदवारों को बुलवाया जाता है जो लिखित में पास हो जाते हैं। इसके बाद लिखित और साक्षात्कार के अंकों के आधार पर सफल उम्मीदवार चुने जाते हैं।     CONTENT IMAGE ·        एकेडमी- इंडियन आर्मी, इंडियन नेवी और इंडियन एयरफोर्स ·        तीन पेपर- गणित, अंग्रेजी और सामान्य ज्ञान ·        समयसीमा- 2 घंटे (प्रत्येक विषय के लिए) ·        अंक- 100 ·        एकेडमी- ऑफिसर ट्रेनिंग ·        दो पेपर- अंग्रेजी और सामान्य ज्ञान ·        समयसीमा- 2 घंटे (प्रत्येक विषय के लिए) ·        अंक- 100   गणित की तैयारी करने के कुछ आसान तरीके गणित ऐसा विषय माना जाता है, जिसका जितना ज़्यादा अभ्यास किया जाए, उतनी ज़्यादा पकड़ आपकी इस पर बनती जाती है। आपके लिए लेकर आए हैं ऐसे ही कुछ तरीके, इनके बूते आप भी गणित में अच्छे नंबर पा सकते हैं।   स्पीड बढ़ाइए, नंबर बढ़ेंगे गणित में पूरा मामला सवालों को जल्दी से हल करने का है। आपके नंबर इसी से जुड़े हैं। यह एक दिन में होने वाली बात नहीं है। इसके लिए लंबा अभ्यास चाहिए। जितना ज़्यादा अभ्यास, उतने ज्यादा नंबर आने की उम्मीद।   सूची बनाएं, याददाश्त बढ़ाएं गणित में बहुत सारे सूत्र होते हैं। कठिन से कठिन सवाल हल करने में यह मददगार भी होते हैं। आपको करना यह है कि पढ़ाई के साथ-साथ फॉर्मूलों  की भी सूची बनाते जाएं, इससे परीक्षा में इन्हें याद करने में आपको सहूलियत होगी।    टाइम मैनेजमेंट में फायदा कई बार यह सुनने में आता है कि हमें तो सबकुछ आता था मगर समय ही कम पड़ गया। इससे बचने का बेहतरीन उपाय है टाइम मैनेजमेंट। अभ्यास कीजिए। इसे ठीक कीजिए। हर परीक्षा में इसका फायदा मिलेगा। पुराने पेपर देखें, सॉल्व करें वैसे तो हर विषय की परीक्षा में पुराने सालों के पेपर्स को सॉल्व करने की तकनीक कारगर है। मगर गणित के मामले में तो ज़्यादा फायदेमंद है। वह इसलिए कि सवालों के पैटर्न समझने में इससे बहुत मदद मिलती है। सामान्य ज्ञान को बेहतर बनाएं सामान्य ज्ञान के मामले में कोई जुगाड़ नहीं चलती। किसी प्रकार का फॉर्मूला  भी नहीं चलता। जैसा गणित में होता है। मगर हां। यहां आपके फैक्ट्स जितने मज़बूत होंगे, अच्छे नंबर आने के मौके उतने ही बढ़ेंगे। इयर बुक बनेगी मज़बूत मददगार NCERT की किताबों से सामान्य ज्ञान की तैयारी अच्छे से कर सकते हैं। राजधानी, भाषा, करंसी, लोकगीत, लोकनृत्य जैसी बातें नियमित पढ़ें। फायदा मिलेगा। इयर बुक, सामान्य ज्ञान बेहतर करने में सबसे मज़बूत हथियार है। अखबार और पत्रिकाएं बेहतर साधन हर परीक्षा की तैयारी के लिए अखबार और पत्रिकाएं विद्यार्थियों के लिए बेहतर विकल्प साबित होते हैं। सीडीएस के लिए प्रतियोगिता दर्पण, कॉम्पिटिशन सक्सेस रिव्यु जैसी पत्रिकाओं के साथ द हिंदू, द टेलीग्राफ जैसे अखबार पढ़ें। अंग्रेज़ी की तैयारी, सफलता की गारंटी अंग्रेज़ी का नाम सुनकर अधिकांश विद्यार्थी डर जाते हैं। मगर यदि आपकी तैयारी मज़बूत है तो इसे इन तीनों में सबसे सरल पेपर माना जाता है। सफलता का मंत्र यहां भी अभ्यास है। जितना ज़्यादा अभ्यास, उतने नंबर। अंग्रेज़ी पढ़ने की आदत डालिए प्रतियोगी को चाहिए कि परीक्षा की तैयारियों के साथ-साथ अंग्रेज़ी पढ़ने की आदत डाले। फिर इंग्लिश मैगज़ीन हो या न्यूज़ पेपर्स। इसके अलावा लिखने और बोलने की स्किल्स को भी मज़बूत बनाएं। परीक्षा में काम आएगा। शब्दकोष और व्याकरण सीखें अंग्रेज़ी में व्याकरण और शब्दकोष का सबसे ज़्यादा महत्व है। जिस विद्यार्थी ने इस पर पकड़ बना ली, उसके लिए परीक्षा में बेहतर अंक हासिल करना आसान हो जाता है। हाई स्कूल की व्याकरण की किताब बेहतर विकल्प है।

     

    लेखक- हिमांशु दुबे     

     



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