ऐसे बन सकते हैं आप प्रोफेसर

ऐसे बन सकते हैं आप प्रोफेसर

शिक्षा जगत में प्रोफेसर के पद को बहुत ही सम्मान की नज़र से देखा जाता है। आज इस ब्लॉग में हम यही बताएंगे कि इस पद तक कैसे पहुंचा जा सकता है? आइए जानें।

19 December 2020

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  • शिक्षा के क्षेत्र में काम करना अपने आप में एक बड़ी ज़िम्मेदारी है। यदि बात उच्च शिक्षा की हो, तो इन ज़िम्मेदारियों का भार और भी बढ़ जाता है। लेकिन लेक्चरर, असिस्टेंट प्रोफेसर और प्रोफेसर जैसे पदों पर काम करने वाले लोग न सिर्फ इन ज़िम्मेदारियों का निर्वाह करते हैं, बल्कि मान-सम्मान और पैसे कमाने के साथ-साथ अपना एक सुरक्षित भविष्य भी सुनिश्चित करते हैं।

     

    आज का हमारा ब्लॉग इसी विषय पर केंद्रित है जहां हम आपको ये बताएंगे कि आप किस तरह इन पदों पर काबिज़ हो सकते हैं। तो चलिए, Knitter के इस ब्लॉग के ज़रिए जानकारियों का ये सफर शुरू करते हैं।

     

    प्रोफेसर के प्रोफेशन पर एक नज़र:

     

    प्रोफेसर, शिक्षा क्षेत्र से जुड़ा एक पद है। इस पद पर कार्य करने वाला व्यक्ति विश्वविद्यालय या कॉलेज में स्टूडेंट्स को पढ़ाता है। भारत में प्रोफेसर का पद बहुत ही सम्मानजनक माना जाता है। साथ ही यह करियर विकल्प के तौर पर भी एक उम्दा प्रोफेशन है।

     

    प्रोफेसर क्या काम करते हैं?

    • पाठ्यक्रम और सिलेबस डेवलप करना
    • रिसर्च पर काम करना
    • प्रोजेक्ट बनाने में विद्यार्थियों की मदद करना
    • स्टूडेंट्स के स्किल्स को सही दिशा देना
    • एग्ज़ाम पेपर्स तैयार करना
    • उनका मूल्यांकन करना
    • स्टूडेंट्स को पढ़ाना

     

    इसके अलावा और भी कई महत्वपूर्ण काम होते हैं।

     

    प्रोफेसर कैसे बना जा सकता है?

    • सबसे पहले आप अपनी मनचाही स्ट्रीम से 12वीं का एग्ज़ाम पास करें।
    • इसके बाद अच्छे अंकों के साथ बैचलर डिग्री हासिल करें।
    • फिर संबंधित विषय में अपना पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा करें। लेकिन ध्यान रहे कि आप कम से कम 55 प्रतिशत अंक ज़रूर हासिल करें। इससे कम अंक मिलने पर आपकी सारी मेहनत बेकार हो सकती है।  
    • पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद आप नैशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (NET) का एग्ज़ाम दे सकते हैं, या फिर आप पीएचडी की डिग्री भी हासिल कर सकते हैं। आपको बता दें कि असिस्टेंट प्रोफेसर के पद के लिए पीएचडी करने वालों को अधिक तरजीह दी जाती है।

     

    योग्यता:

     

    NET

    योग्यता की बात की जाए, तो इसके लिए आपको नैशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (NET) क्लियर करना होगा। यूजीसी द्वारा साल में दो बार इसकी परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं। लेकिन जैसा कि हमने पहले भी बताया है कि NET की परीक्षा वही दे सकते हैं, जिन्होंने अपने पोस्ट ग्रेजुएशन में कम से कम 55 प्रतिशत अंक हासिल किए हों। यदि आप NET की परीक्षा पास करते हैं, तो आप देश में किसी भी केंद्रीय विश्वविद्यालय और राज्य के अधीन चलने वाले विश्वविद्यालयों या कॉलेजों में पढ़ा सकते हैं।

     

    SET

    इस प्रोफेशन की ओर बढ़ने के लिए आपके पास स्टेट एंट्रेंस टेस्ट (SET) का विकल्प भी है। SET क्लियर करने के बाद आप इस प्रोफेशन को चुन सकते हैं। हालांकि इसकी कुछ लिमिटेशन्स भी हैं। SET करने के बाद आप असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर महज़ राज्य स्तरीय विश्वविद्यालयों या कॉलेजों में ही पढ़ा सकते हैं।

     

     

    GATE

    यदि आप IITs और NITs जैसे संस्थानों में पढ़ाने के बारे में सोच रहे हैं, तो ग्रेजुएट ऐप्टिट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) आपकी मदद कर सकता है। भारत की GATE  कमेटी द्वारा यह टेस्ट आयोजित किया जाता है। इस टेस्ट में अच्छा स्कोर कर आप पीएचडी कर सकते हैं। जैसी ही आपकी पीएचडी पूरी हो जाएगी, आप लेक्चरर या असिस्टेंट प्रोफेसर के पद के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

     

    CSIR NET

    यह भी एक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है। भारत की राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (National Testing Agency) इस परीक्षा का आयोजन करती है। साइंस स्ट्रीम से जुड़े लोगों के लिए यह एक महत्वपूर्ण परीक्षा है। 

     

    PhD का महत्व:

    आपको बता दें कि अब PhD के बिना आप प्रोफेसर के पद तक नहीं पहुंच सकते हैं। यूजीसी के नए नियमों के मुताबिक 1 जुलाई 2021 से विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर सीधी भर्ती के लिए PhD अनिवार्य होगी। वहीं, कॉलेजों में इस पद पर प्रमोशन हासिल करने के लिए भी आपको PhD करनी होगी। मतलब, अगर आप चाहते हैं कि प्रोफेसर बनने के आपके सपने के बीच कोई अड़चन ना आए, तो आपको PhD ज़रूर करनी चाहिए।

     

    प्रोफेसर के पद तक कैसे पहुंचते हैं?

     

    आप प्रोफेसर बनने का सफर 3 चरणों में पूरा कर सकते हैं।

    • असिस्टेंट प्रोफेसर
    • एसोसिएट प्रोफेसर
    • प्रोफेसर

     

    आप अपने टीचिंग करियर की शुरुआत असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर कर सकते हैं। इसके बाद काम करते हुए आप एसोसिएट प्रोफेसर के तौर पर प्रमोशन हासिल कर सकते हैं। सामान्यतः 6-8 सालों में यह प्रमोशन मिलता है। यदि समान संस्था में आपको प्रमोशन ना मिल रहा हो, तो आप किसी नई संस्था में उस संभावित प्रमोटेड पोस्ट के लिए अप्लाई कर सकते हैं। बस ध्यान रहे कि आप उस पद के मिनिमम क्राइटेरिया को फुलफिल करते हो।

     

    मान लीजिए यदि आप एसोसिएट प्रोफेसर बन जाते हैं, तो पद पर बने रहने के दौरान आप प्रोफेसर बनने के लिए ज़रूरी कदम उठा सकते हैं। आप यह सुनिश्चित कर लें कि आपके पास मिनिमम टीचिंग एक्सपीरिएंस, रिसर्च एक्सपीरिएंस, पब्लिश्ड रिसर्च या जर्नल्स व बुक्स आदि हों। इस तरह आप प्रोफेसर के पद तक पहुंच सकते हैं। इस पद तक पहुंचने में करीब 10-12 साल का वक्त लग जाता है।

     

    आप कहां-कहां अपनी सेवाएं दे सकते हैं?

    • विश्वविद्यालयों में
    • कॉलेजों में
    • रिसर्च इंस्टीट्यूशंस में
    • स्वायत्तशासी संस्थाओं में

     

    सैलरी कितनी मिलती है?

    ये आपकी काबिलियत, अनुभव और काम करने की जगह पर निर्भर करता है। सामान्य तौर पर इस प्रोफेशन में करीब 30 हज़ार से लेकर 2.5 लाख रुपये तक का वेतन मिल जाता है। वहीं, कुछ संस्थानों में वेतन का दायरा इससे भी कहीं ज़्यादा होता है। लिहाज़ा आप खुद ही सोच लीजिए कि ये क्षेत्र सम्मान के साथ-साथ आर्थिक दृष्टि से भी कितना महत्वपूर्ण है।

     

    हमें उम्मीद है कि आपको Knitter का यह ब्लॉग पसंद आया होगा। इस ब्लॉग में हमने आपको बताया कि आप किस तरह प्रोफेसर जैसे पद पर काबिज़ हो सकते हैं। इस दौरान हमने इस प्रोफेशन से जुड़े कई पहलुओं को टटोलने का प्रयास किया, ताकि आपकी जिज्ञासा को शांत किया जा सके। 

     

    हम आशा करते हैं कि आप Knitter के साथ ऐसे ही बने रहेंगे और ऐसे ही इंटरेस्टिंग ब्लॉग्स पढ़ते रहेंगे। यदि आप अन्य विषयों पर भी हमारे ब्लॉग्स पढ़ना चाहते हैं, तो आप इस (Link) पर जाकर उन्हें पढ़ सकते हैं।  

     

    आपको बता दें कि Knitter पर आपको कृषि एवं मशीनीकरण, सरकारी योजनाओं और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर भी कई महत्वपूर्ण ब्लॉग्स मिल जाएंगे। आप इन ब्लॉग्स को पढ़कर अलग-अलग क्षेत्रों में अपना ज्ञान बढ़ा सकते हैं।



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