फूलों का बिज़नेस दिला सकता है दोगुना मुनाफा

मुनाफे की महक के लिए करें फूलों का बिज़नेस

नए बिज़नेस ऑप्शन्स की तलाश कर रहे लोगों के लिए फूलों का बिज़नेस एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इस बिज़नेस में मुनाफा भी अच्छा है। आइए, इसे जानें।

01 February 2021

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  • “हींग लगे न फिटकरी, रंग चोखा”...हम सालों से अपने बड़े और बुज़ुर्गों से ये कहावत सुनते आ रहे हैं। लेकिन, कुछ ही क्षेत्र ऐसे हैं, जहां ये कहावत व्यावहारिक नज़र आती है। फूलों का बिज़नेस भी उन्हीं में से एक है, जहां एक छोटा सा निवेश आपको बड़ा मुनाफा दिला सकता है। आज Knitter के इस ब्लॉग में हम आपको इसी बिज़नेस आइडिया पर जानकारी देंगे।

     

    “बिज़नेस और रोज़गार” की हमारी श्रृंखला में हम आपको बताएंगे कि आप कैसे फूलों का बिज़नेस (Flower Business) शुरू कर अपने उज्ज्वल भविष्य की नींव रख सकते हैं। तो चलिए, जानकारियों का ये सफर शुरू करते हैं, मगर इस बीच ये भी जान लेते हैं कि इस ब्लॉग में आपको फूलों के बिज़नेस पर कौन सी अहम जानकारियां दी जाएंगी।

     

    इस ब्लॉग में हम आपको बताएंगे- 

     

    • फूलों का बिज़नेस क्या है?
    • इसमें स्कोप क्या है?
    • पॉपुलर फूल कौन से हैं?
    • लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया क्या है?
    • जगह कितनी चाहिए होगी?
    • लागत कितनी आएगी?
    • मुनाफा कितना होगा? 
    • लोन और सब्सिडी का प्रावधान क्या है?
    • एक्सपर्ट की राय क्या है?

     

    फूलों के बिज़नेस पर एक नज़र 

     

    मौजूदा समय में फूलों का बिज़नेस एक अच्छा आइडिया है। इस बिज़नेस में फूलों के अलावा फूलों से बनी मालाएं और गुलदस्ते आदि बनाकर बेचे जाते हैं। सामान्य तौर पर हमारे देश में गेंदा, गुलाब, रजनीगंधा, मोगरा और उस जैसे दूसरे फूल पॉपुलर हैं। आमदनी और मुनाफे के लिहाज़ से ये एक अच्छा विकल्प है।

     

    रोज़गार की चिंता सता रही है, तो करें फूलों का बिज़नेस

     

     

    फूलों का उपयोग

     

    • मांगलिक कार्यक्रम 
    • धार्मिक अनुष्ठान
    • सामाजिक आयोजन
    • सरकारी कार्यक्रम 
    • जन्मदिन व सालगिरह जैसे अन्य आयोजन

     

    स्कोप

    • साल भर डिमांड
    • कम निवेश में ज़्यादा मुनाफा
    • लगभग सभी आयोजनों में ज़रूरत

     

    रोज़गार की चिंता सता रही है, तो करें फूलों का बिज़नेस

     

     

    पॉपुलर  फूल

     

    भारत में फूलों की ढेरों प्रजातियां हैं। लेकिन, इस बिज़नेस में कुछ चुनिंदा फूलों की भारी मांग है। इनमें गुलाब, गेंदा, मोगरा, दहेलिया, रजनीगंधा, लिली, गोल्डन रॉड, ऑर्किड और गेरबेरा जैसे फूल अहम हैं।  

     

    लाइसेंस/ रजिस्ट्रेशन

     

    किसी अन्य बिज़नेस की तरह फूलों का बिज़नेस शुरू करने के लिए भी आपको स्थानीय प्रशासन से अनुमति लेनी पड़ेगी। आप नगर निगम, नगर पंचायत या ग्राम पंचायत जैसे स्थानीय निकायों में इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। फूलों की दुकान करने के लिए ट्रेड लाइसेंस लेना उचित रहेगा।

     

    जगह की आवश्यकता

     

    महज़ 150 से 300 स्क्वायर फीट की जगह में आप इस बिज़नेस को शुरू कर सकते हैं। आप चाहें, तो ऑनलाइन ऑर्डर लेकर घर से भी इस बिज़नेस को चला सकते हैं।

     

    प्रशिक्षण

     

    वैसे तो फूलों और फूलों की मालाएं बनाने व बेचने के लिए किसी विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं है। लेकिन, यदि आप गुलदस्ते आदि बेचने के बारे में सोच रहे हैं, तो किसी फ्लॉरिस्ट के यहां कुछ समय काम करना आपके बिज़नेस के लिए फायदेमंद साबित होगा। इसे आप अपने बिज़नेस की छोटी सी ट्रेनिंग के रूप में देख सकते हैं।

     

    लागत

     

    जानकारों की मानें, तो केवल 15 से 20 हज़ार की छोटी सी पूंजी के साथ इस बिज़नेस को शुरू किया जा सकता है। हालांकि, यदि आप कोई दुकान किराए पर लेते हैं और फर्नीचर तैयार करते हैं, तो आपको करीब 1.5 से 2 लाख रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं। वहीं, बड़े स्तर पर फूलों का शोरूम खोलने के लिए आपको 10 लाख से भी ज़्यादा इन्वेस्ट करने होंगे।

     

    मुनाफा

     

    मुनाफे के लिहाज़ से ये बिज़नेस काफी अच्छा है। आप इस काम में 50 प्रतिशत या उससे ज़्यादा का मुनाफा कमा सकते हैं। जानकारों के मुताबिक, ये उन चुनिंदा व्यवसायों में से एक है, जिसमें दोगुना मुनाफा भी संभव है। यदि आप खुद फूलों की खेती कर इस व्यवसाय को अंजाम देते हैं, तो आपका प्रॉफिट मार्जिन और भी बेहतर हो सकता है।

     

    लोन और सब्सिडी

     

    भारत सरकार फूलों की खेती और उससे जुड़े व्यवसाय को बढ़ावा देने पर विशेष ज़ोर दे रही है। आपको बता दें कि इस इंडस्ट्री को 100 प्रतिशत एक्सपोर्ट ओरिएन्टेड स्टेटस भी दिया गया है। यदि सब्सिडी की बात की जाए, तो राष्ट्रीय बागवानी मिशन (NHM) के तहत छोटे व सीमांत किसानों के लिए फूलों की खेती पर 40 प्रतिशत तक की सब्सिडी का प्रावधान है। वहीं सामान्य किसानों को 25 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाती है।

     

     

    रोज़गार की चिंता सता रही है, तो करें फूलों का बिज़नेस

     

     

    हमें उम्मीद है कि आपको Knitter का यह ब्लॉग पसंद आया होगा। Knitter पर आपको बिज़नेस के अलावा कृषि एवं मशीनीकरण, एजुकेशन और करियर, सरकारी योजनाओं और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर भी कई महत्वपूर्ण ब्लॉग्स मिल जाएंगे। आप इन ब्लॉग्स को पढ़कर अपना ज्ञान बढ़ा सकते हैं और दूसरों को भी इन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

     

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