‘पुलिस क्लीनिक’ का कमाल, कम हो रहे हैं तलाक के केस

‘पुलिस क्लीनिक’ जहां सजा के रूप में मिलती है रिलेशनशिप टिप्स

आपने कभी पुलिस स्टेशन पर किसी को केक खिलाते हुए देखा है? नहीं, तो फिर आपको नोएडा के ‘पुलिस क्लीनिक’ के बारे में जानना चाहिए।

07 April 2021

  • 670 Views
  • 2 Min Read

  • आमतौर पर पुलिस स्टेशन में  लोग अलग-अलग फरियाद लेकर जाते हैं। रिश्तों के टूटने की कहानियां तो अक्सर ही पुलिस के पहरे से बाहर रहती हैं। लेकिन, अब वक्त बदल गया है। टूटते रिश्तों को बचाने का जिम्मा भी पुलिस को मिल गया है। आपने ऐसे पुलिस स्टेशन के बारे में अब तक सुना या नहीं? गौतम बुद्ध नगर यानी नोएडा में खुला पुलिस क्लीनिक ऐसा ही काम कर रहा है। 

     

    ऐसा है 'पुलिस क्लीनिक'

     

    नोएडा में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम आते ही कई नए काम शुरू हुए हैं। इनमें सबसे ज़्यादा सुर्खियां बटोर रहा है गौतमबुद्ध नगर का ये 'पुलिस क्लीनिक'...जहां पुलिस वाले डॉक्टर हैं और मरीज़ वो लोग हैं, जो तलाक की स्थिति आ जाने  के बाद यहां आते हैं। हालांकि, सबसे अच्छी बात ये है कि इस क्लीनिक से ज़्यादातर मरीज़ ठीक होकर ही अपने घर जाते हैं। मतलब काउंसलिंग के ज़रिए यहां टूटते रिश्तों को बचाकर उनमें फिर से जान फूंकने का काम किया जाता है।  

     

    ग्रेटर नोएडा में 'पुलिस क्लीनिक'

     

    रिश्तों में दरार भरने वाला ये पुलिस क्लीनिक ग्रेटर नोएडा के थाना नॉलेज पार्क में है। दरअसल, पारिवारिक रिश्तों के विवाद को सुलझाने के लिए फैमिली डिस्प्यूट रिसोल्यूशन क्लीनिक (Family Dispute Resolution Clinic) यहां बनाया गया है। इस क्लीनिक में गौतमबुद्ध नगर पुलिस पारिवारिक विवाद का निस्तारण करती  है। 

     

    ‘पुलिस क्लीनिक’ की दवा है केक, जानिए कौन हैं मरीज

     

    सबसे बड़ी बात ये कि पुलिस वालों के व्यवहार से यहां लोग काफी खुश हैं। यह क्लीनिक लगातार नई मिसाल कायम कर रहा है। यहां पति-पत्नी के बीच विवाद का निपटारा काउंसलिंग के ज़रिए किया जाता है। सफलता मिलने पर केक काटकर और मिठाइयां खिलाकर खुशियां मनाई जाती हैं।

     

    सैकड़ों रिश्तों को टूटने से बचाया

     

    जानकारी के मुताबिक, 8 महीने में करीब साढ़े 4 सौ से ज़्यादा परिवारों के झगड़ों का यहां समाधान किया गया है। कई रिश्तों को टूटने से बचाया गया है। इससे दहेज और पारिवारिक विवाद से जुड़े मामलों में अचानक कमी देखने को मिली है। 8 महीने में महज 15 एफआईआर दर्ज करने की जरूरत पड़ी है।

     

    फैमिली डिस्प्यूट रिसोल्यूशन क्लीनिक की निगरानी पुलिस उपायुक्त महिला एवं बाल सुरक्षा वृंदा शुक्ला कर रही हैं। गौतमबुद्ध नगर में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद महिला सुरक्षा के लिए इसे बनाया गया है। गौतमबुद्ध नगर पुलिस के इस क्लीनिक में पुलिस अफसरों के अलावा मनोचिकित्सक, मनोवैज्ञानिक, डॉक्टर और समाजशास्त्री भी शामिल हैं।

     

    तो ये थी अनोखे पुलिस क्लीनिक की बात। लेकिन, बता दें कि Knitter पर आपको कृषि एवं मशीनीकरण, एजुकेशन और करियर, सरकारी योजनाओं और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर भी कई महत्वपूर्ण ब्लॉग्स मिलेंगे, जिनको पढ़कर अपना ज्ञान बढ़ा सकते हैं और दूसरों को भी इन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।   

     

     

     

    ✍️ लेखक- नितिन गुप्ता

     



    यह भी पढ़ें



    ट्रेंडिंग टॉपिक की अन्य ब्लॉग