जानें, क्या है दिल्ली की फैमिली बेनिफिट स्कीम?

जानें, क्या है दिल्ली की फैमिली बेनिफिट स्कीम?

दिल्ली की फैमिली बेनिफिट स्कीम कमज़ोर आय वर्ग वाले लोगों के लिए मुसीबत की घड़ी में मिलने वाली सबसे बड़ी मदद है। आइए, इस पर एक नज़र डालें।


अपने परिवार का पालन-पोषण करना इस दुनिया के सबसे मुश्किल कामों में से एक है। यदि परिवार में एक ही व्यक्ति कमाता हो, तो उसके लिए मुश्किलें और भी बढ़ जाती हैं और अगर किसी कारण अनचाही परिस्थितियों में उसकी मौत हो जाए, तो सोचिए कि उस परिवार पर क्या बीतती होगी? ये बात सच है कि किसी भी तरह की भरपाई इस दुख को कम नहीं कर सकती है। लेकिन दिल्ली सरकार की फैमिली बेनिफिट स्कीम उस दुख से उबरने में आपकी थोड़ी मदद ज़रूर कर सकती है।

 

आज Knitter के इस नए ब्लॉग में हम आपको दिल्ली सरकार की इसी योजना के बारे में बताएंगे, जो दुख की घड़ी में आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों की मदद करती है। तो चलिए, थोड़ा सा वक्त निकालकर इस योजना को समझ लेते हैं।

 

योजना क्या है?

 

दिल्ली सरकार द्वारा चलाई जा रही यह योजना आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसके तहत कम आय वाले परिवारों को उनके बुरे वक्त में आर्थिक मदद मुहैया की जाती है। यदि किसी परिवार के एक मात्र कमाने वाले सदस्य की मृत्यु हो जाती है, तो ऐसी स्थिति में सरकार उसके परिवार को 20 हज़ार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करती है।

 

दिल्ली सरकार की योजना

उद्देश्य क्या है?

 

आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों की मदद करना ही इस योजना का प्रमुख उद्देश्य है। यह योजना मृतक के परिजनों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के साथ-साथ उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति बेहतर करने में भी मदद करती है।

 

इसके लाभ क्या हैं?

  • मृतक के परिजनों को 20 हज़ार रुपये की आर्थिक मदद मिलती है।
  • परिवार को पुन: अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर मिलता है।

 

पात्रता क्या है?

  • मरने वाले की उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • वह परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य होना चाहिए।
  • परिवार की सालाना आय 1 लाख रुपये से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए।
  • आवेदक दिल्ली का स्थाई निवासी होना चाहिए।
  • बैंक या पोस्ट ऑफिस में उसका अकाउंट होना भी अनिवार्य होगा और यह भी ज़रूरी होगा कि वह अकाउंट सिर्फ वही ऑपरेट करता हो। नाबालिग और मानसिक रूप से कमज़ोर आवेदकों के मामले में नियमों में छूट दी जा सकती है।
  • आवेदक के पास आधार कार्ड होना भी ज़रूरी होगा।

 

कौन से कागज़ातों की ज़रूरत पड़ेगी?                                         

 

1.ऐड्रेस प्रूफ:

राशन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, बिजली का बिल, पानी का बिल, गैस कनेक्शन की रसीद, बैंक पासबुक आदि में से कोई एक दस्तावेज़, जो ये दर्शाता हो कि आप दिल्ली के निवासी हैं।

 

2.मृतक की उम्र से जुड़े दस्तावेज़:

जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट, मेडिकल सर्टिफिकेट आदि।

 

3. मृत्यु से जुड़े प्रमाण पत्र:

मृत्यु प्रमाण पत्र, श्मशान घाट से मिली रसीद, अस्पताल द्वारा दिया गया डेथ सर्टिफिकेट, पोस्ट-मॉर्टेम रिपोर्ट।

 

4. सेल्फ डिक्लेरेशन:

आवेदक को पारिवारिक आय से जुड़ा एक सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म भी भरना होगा। याद रहे कि फॉर्म किसी गैज़ेटेड अधिकारी/MLA या सांसद द्वारा अटेस्ट किया गया हो।

 

5. यदि आवेदक के पास कोई दस्तावेज़ी प्रमाण नहीं होंगे, तो ऐसी स्थिति में उसे निम्नलिखित में से किसी दो गवाहों के स्टेटमेंट पेश करने होंगे ताकि आवेदक के दिल्ली में रहने की अवधि साबित हो सके।

 

a) जनप्रतिनिधि जैसे कि MLA या सांसद

b) रेसिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशन (RWA)के अध्यक्ष या सचिव

c) कोई दो पड़ोसी जो आपको जानते हों 

d) स्व सहायता समूह/महिला मंडल की अध्यक्ष या सचिव

e) दिल्ली सरकार के गैज़ेटेड अधिकारी

 

इन गवाहों के स्टेटमेंट के अलावा उनकी फोटो आईडी और उनके दिल्ली में रहने की अवधि से जुड़े प्रमाण भी पेश करने होंगे। MLA या सांसद को इस तरह के किसी प्रमाण को पेश करने की आवश्यकता नहीं होगी।

 

आवेदन की प्रक्रिया क्या है?

  • आप www.e-district.delhigovt.nic.in  पर जाकर इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
  • यहां आपको सिटिज़न लॉग इन का इस्तेमाल करना होगा।
  • आवेदन के दौरान आधार नंबर की आवश्यकता पड़ेगी, इसलिए अपना आधार कार्ड अवश्य साथ रखें। आधार के बिना पोर्टल पर रजिस्टर नहीं किया जा सकेगा।
  • आपको अपने सेल्फ अटेस्टेड डॉक्यूमेंट्स जैसे कि आयु से जुड़े प्रमाण पत्र, ऐड्रेस प्रूफ तथा बैंक खाते की स्कैन की गई कॉपी भी अपलोड करनी पड़ेगी।
  • इसके अतिरिक्त आपको कमाने वाले व्यक्ति का मृत्यु प्रमाण पत्र भी अपलोड करना होगा।
  • साथ ही आवेदक को अपनी पासपोर्ट साइज़ फोटो और पारिवारिक आय से जुड़ा सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म भी अपलोड करना होगा।
  • इसके बाद आपको सब्मिट बटन पर क्लिक करना होगा। इस तरह आप आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।

 

आवेदक चाहे, तो अपने नज़दीकी ज़िला समाज कल्याण कार्यालय जाकर भी आवेदन कर सकता है।

 

आवेदन को स्वीकृति किस तरह मिलेगी?

आवेदन जमा करने के बाद ज़िला समाज कल्याण कार्यालय आपके आवेदन पर विचार करेगा। यदि आवश्यकता पड़ी, तो आवेदक को ज़रूरी दस्तावेज़ों के साथ वेरिफिकेशन के लिए बुलाया जाएगा। सब कुछ सही रहा तो 45 दिनों के अंदर आपके आवेदन को स्वीकृति मिल जाएगी।

 

पैसे कैसे मिलेंगे?

वेरिफिकेशन आदि के बाद जब विभाग द्वारा वित्तीय सहायता की अनुमति मिल जाएगी, तब ये पैसे सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांस्फर कर दिए जाएंगे। PMFS पोर्टल के ज़रिए 20 हज़ार रुपये की एकमुश्त राशि आपके अकाउंट में आ जाएगी।

 

हमें उम्मीद है कि आपको दिल्ली फैमिली बेनिफिट स्कीम पर लिखा Knitter का यह ब्लॉग पसंद आया होगा। इस ब्लॉग में हमने इस स्कीम से जुड़ी कई बातें बताने की कोशिश की है। हमने आपको बताया कि ये योजना क्या है? और ये किस तरह से बुरे वक्त में आपके परिवार को आर्थिक मज़बूती प्रदान कर सकती है। 

 

हम आशा करते हैं कि आप इसी तरह Knitter के साथ बने रहेंगे और हमारे ब्लॉग्स पढ़ते रहेंगे।  

 

आपको बता दें कि Knitter पर आपको कृषि एवं मशीनीकरण, सरकारी योजनाओं और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर भी कई महत्वपूर्ण ब्लॉग्स मिल जाएंगे। आप इन ब्लॉग्स के ज़रिए अपना ज्ञानवर्धन कर सकते हैं और दूसरों को भी इन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। 

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