CID की मंज़ूरी के बिना इस राज्य के कर्मचारियों को नहीं मिले

CID की मंज़ूरी के बिना नए कर्मियों को नहीं मिलेंगे वेतन-भत्ते

जम्मू-कश्मीर में कर्मचारियों को वेतन-भत्तों के भुगतान से पहले, अपराध जांच विभाग (CID) की मंज़ूरी लेनी होगी। मगर ऐसा क्यों?, जानिए पूरी बात...

05 March 2021

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  • अगर आप जम्मू-कश्मीर राज्य के कर्मचारी हैं, तो सरकार के इस नए सर्कुलर को गौर से पढ़ लीजिए। इसमें आपकी सैलरी से संबंधित कुछ बदलाव किए गए हैं। जम्मू-कश्मीर देश का इकलौता ऐसा राज्य बन गया है, जहां सैलरी पाने के लिए कर्मचारियों को CID की मंज़ूरी लेनी होगी।

     

    जम्मू-कश्मीर सरकार ने प्रदेश में काम करने वाले सरकारी कर्मचारियों के वेतन-भत्तों के भुगतान से संबंधित  नया नियम बनाया है। इसके तहत प्रदेश के सभी नए कर्मचारियों को सरकारी वेतन और भत्तों का लाभ लेने से पहले CID की मंज़ूरी लेनी पड़ेगी। 

     

     

    संदिग्धों पर है सरकार की नज़र

     

    जम्मू-कश्मीर में सरकार की नज़र संदिग्धों पर है। पिछले दिनों देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने वाले कई संदिग्ध सरकारी विभागों में कार्यरत मिले  थे। शिकायतें मिलने के बाद अब सरकार ने सरकारी विभाग में तैनात संदिग्ध कर्मचारियों पर सख्ती बढ़ा  दी है। सरकार अब पिछले दो साल में नियुक्त हुए कर्मचारियों का CID वेरिफिकेशन भी करवा रही है। 

     

    मंज़ूरी नहीं तो सैलरी नहीं

     

    संदिग्धों को लेकर प्रशासन बेहद सख्त है। अगर CID ने कर्मचारी को क्लीयरेंस नहीं दी, तो उसको सैलरी नहीं मिलेगी। सरकार ने आदेश दिए हैं कि जिन कर्मचारियों के पास CID की क्लीयरेंस नहीं है, उनकी  सैलरी तत्काल प्रभाव से बंद कर दी जाए। इसके साथ ही भविष्य में केवल उन्हीं सरकारी कर्मचारियों की तैनाती की जाए, जिनके पास CID की मंज़ूरी हो।

     

     

    इस फॉर्मेट में देनी होगी जानकारी

     

    इस आदेश में कहा गया है कि सभी अधिकारियों को विभागों में तैनात नए कर्मचारियों का ब्योरा नए फॉर्मेट में देना होगा। नए फॉर्मेट में कर्मचारी का नाम, पता, माता-पिता के नाम, जन्म प्रमाण पत्र, स्थाई पता आदि की सही जानकारी देनी होगी।

     

    सोशल मीडिया अकाउंट भी खंगाले जाएंगे

     

    3 मार्च को जारी हुए इस सर्कुलर में कर्मचारियों के सोशल अकाउंट जैसे ट्विटर, फेसबुक, ईमेल की जानकारी भी मांगी गई है। ये जानकारी कर्मचारियों को ईमेल से ही साझा करने को कहा गया है। साथ ही मैनेजर का नाम और फोन नंबर की जानकारी भी देनी होगी। 

     

    तो यह तो हुई  जम्मू-कश्मीर राज्य में CID की नई भूमिका की बात। 

     

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    ✍️ लेखक- नितिन गुप्ता

     



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