एक्स्ट्रा इनकम के लिहाज़ से गोबर हो सकता है बेहतरीन विकल्प

गोबर में छिपे हैं कई बिज़नेस आइडियाज़, आइए जानें

गोबर से कई उत्पाद बनाए जाते हैं। ऐसे कई बिज़नेस आइडियाज़ हैं, जो गोबर की उपलब्धता पर निर्भर हैं। आइए, ऐसे ही कुछ बिज़नेस ऑप्शन्स पर नज़र डालें।

14 February 2021

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  • भले ही लोग गोबर को मवेशियों के वेस्ट के रूप में देखते हों, मगर इसके अद्वीतीय गुण इसे बेहद खास बनाते हैं। गोबर का उपयोग कई क्षेत्रों में किया जा सकता है। ये किसानों की अतिरिक्त आय का ज़रिया भी बन सकता है। बीते कुछ सालों में जिस अनुपात में गोबर का उपयोग बढ़ा है, ये कहना गलत नहीं होगा कि आने वाले समय में यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नई आधारशिला बन सकता है। आज Knitter के इस ब्लॉग में हम गोबर के महत्व पर प्रकाश डालेंगे और कुछ नए आयामों को तलाशने का प्रयास करेंगे।  

     

    बिज़नेस और रोज़गार की हमारी श्रृंखला में हम आपको बताएंगे कि गोबर किस तरह आपकी आमदनी का ज़रिया हो सकता है? हम ये भी जानने का प्रयास करेंगे कि गोबर से बनने वाले उत्पाद किस तरह आपके लिए बिज़नेस आइडिया पैदा  कर सकते हैं? तो चलिए, जानकारियों का सफर शुरू करते हैं और जानते हैं कि इस दौरान आपको इस विषय पर क्या-क्या जानकारियां दी जाएंगी।

     

    यहां आप जानेंगे-

     

    • भारत में गोबर का महत्व क्या है?
    • गोबर उत्पादन की स्थिति क्या है?
    • गोबर किस तरह से आमदनी का ज़रिया बन सकता है?
    • गोबर की खरीद में सरकार की क्या भूमिका है?
    • एक्सपर्ट की राय क्या है?

     

    भारत में गोबर का महत्व:

     

    प्राचीन समय से ही भारत में गोबर का विशेष महत्व रहा है। कई लोग इसे पवित्रता के प्रतीक के रूप में भी देखते हैं। यही वजह है कि ग्रामीण इलाकों में आज भी अपने घर और आंगन को गोबर से ही लीपा जाता है। इसके अलावा कृषि क्षेत्र की उन्नति में भी गोबर का विशेष योगदान रहा है। देखा जाए, तो यह जैविक खेती के सबसे बड़े स्तंभों में से एक है। मौजूदा दौर की बात की जाए, तो गोबर का इस्तेमाल किसी एक या दो क्षेत्र तक सीमित नहीं है। इसके अद्वितीय गुणों के चलते आज यह कई बिज़नेस मॉडल्स का हिस्सा बन चुका है।

     

     जानें, गोबर कैसे बन सकता है आमदनी का ज़रिया?

     

    गोबर को ऐसे बनाएं आय का ज़रिया:

     

    कंडे/उपले:

     

    हमारे देश में कंडे/उपले बनाने का काम सदियों से किया जा रहा है। लेकिन, इसे व्यावसायिक आधार पर लोकप्रियता कुछ साल पहले ही मिली है। कई कामों में कंडे का इस्तेमाल किया जाता है। इस पर खाना पकाया जाता है और हवन की अग्नि में भी इसका इस्तेमाल होता है। इसके अलावा मिट्टी के बर्तन आदि को पकाने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। लिहाज़ा, कंडे खरीदने वालों की कमी नहीं है। इसलिए आपके पास कंडों से पैसे कमाने का एक अच्छा विकल्प है। 

     

    गोबर से बने गमले:

     

    क्या आपने कभी गोबर से बने गमलों के बारे में सुना है? अगर सुना है, तो बहुत अच्छी बात है और यदि नहीं भी सुना है, तो हम सुना देते हैं। आपको बता दें कि इन दिनों गोबर से बने गमलों की मार्केट में काफी डिमांड है। इसे नर्सरी आदि में पौधों पर लिपटी प्लास्टिक की थैलियों की जगह लेते देखा जा सकता है। जैसा कि आपको पता है कि नर्सरी में अक्सर प्लास्टिक की थैलियों में रखे पौधे ही बेचे जाते हैं। इन्हें बहुत ही एहतियात से रखना होता है। यदि थोड़ी सी चूक हो जाए तो कई बार पौधों की जड़ें भी प्रभावित हो जाती हैं।

     

    वहीं गोबर के गमलों में पौधे पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं। सबसे अच्छी बात ये है कि आप इन गमलों के साथ ही ज़मीन में पौधे लगा सकते हैं। इनसे पर्यावरण को भी कोई नुकसान नहीं होता और गमले का गोबर पौधों के लिए खाद का काम करता है। यहां बताना ज़रूरी है कि आप मशीन की मदद से ये गमले तैयार कर सकते हैं। 

     

    मच्छर मारने की अगरबत्ती

     

    देश का शायद ही ऐसा कोई कोना हो, जहां लोग मच्छरों से परेशान न हो। इसलिए मच्छर मारने की अगरबत्ती लगभग हर जगह इस्तेमाल की जाती है। खास बात ये है कि गोबर से आप मच्छर मारने की अगरबत्ती भी बना सकते हैं। आपको बता दें कि गोबर के जलने से जो गंध उठती है, उससे कीड़े-मकोड़े और मच्छर दूर रहते हैं। लिहाज़ा, आप गोबर में लकड़ी का बुरादा, चंदन पाउडर, कपूर और नीम का रस आदि मिलाकर एक अच्छा प्रोडक्ट तैयार कर सकते हैं। इस तरह आप अतिरिक्त आय भी हासिल कर सकेंगे। इस काम के लिए मशीन का उपयोग किया जा सकता है।  

     

    देवी-देवताओं की मूर्तियां:

     

    हमारे देश में गोबर को सबसे पवित्र माना जाता है। लोग पूजा-अर्चना आदि में भी गोबर का उपयोग करते हैं। इसके अतिरिक्त इन दिनों गोबर से बनी देवी-देवताओं की मूर्तियां भी बाज़ार में उपलब्ध हैं। आप चाहें तो मूर्तियों के सांचे की मदद से गोबर, बुरादा, मैदा लकड़ी और फेविकोल का मिश्रण तैयार कर ये काम कर सकते हैं। हालांकि, ये काम बहुत ज़्यादा कठिन नहीं है। लेकिन, यदि आप किसी माहिर व्यक्ति से इसके लिए छोटी सी ट्रेनिंग ले सकें, तो बहुत अच्छा रहेगा।

     

    गोबर की लकड़ी:

     

    जिस तर्ज पर गोबर के कंडे बनाए जाते हैं, उसी तरह मशीन की मदद से गोबर की लकड़ियां भी तैयार की जा सकती हैं। जहां एक ओर गोबर के कंडे/उपले हवन कुंड में आग जलाने के काम आते हैं, वहीं दूसरी ओर गोबर से बनी लकड़ियां दाह संस्कार के काम आती हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि इन दिनों दाह संस्कार के लिए पेड़ों की लकड़ियों की बजाय गोबर से बनी लकड़ियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे पर्यावरण को क्षति भी नहीं पहुंचती है। 

     

    गोबर का फर्नीचर:

     

    सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है कि भला गोबर से फर्नीचर कैसे तैयार किया जा सकता है? लेकिन, सच्चाई यही है कि इन दिनों गोबर के फर्नीचर भी बनने लगे हैं। आप चाहें तो इसका प्रशिक्षण प्राप्त कर इस काम को शुरू कर सकते हैं। गोबर से बने फर्नीचरों की संख्या अब भी बाज़ार में काफी कम है। लेकिन, आने वाले दिनों में इसमें बढ़ोतरी की पूरी संभावना है। 

     

    लिहाज़ा, ये आपके लिए एक उभरता हुआ बिज़नेस आइडिया बन सकता है, जिससे आप अच्छी कमाई भी कर सकते हैं। अच्छी बात ये है कि इन्हें बनाने में लागत बहुत कम आती है। महज़ 50 से 100 रुपये की लागत में एक छोटी सी कुर्सी तैयार की जा सकती है। वहीं, यदि इसके टिकाऊ होने की बात करें, तो करीब 2-3 साल तक ये आपके घर की शोभा बढ़ा सकता है।

     

    कागज़ और वेजिटेबल डाई:

     

    ये एक लेटेस्ट बिज़नेस आइडिया है, जिसे सरकार भी बढ़ावा दे रही है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्रालय द्वाारा इसे देश भर के लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। आपको बता दें कि एक छोटा सा यूनिट लगाकर आप गोबर से कागज़ बनाने का बिज़नेस शुरू कर सकते हैं। ध्यान रहे कि गोबर का करीब 7-8 प्रतिशत मटेरियल ही कागज़ बनाने के काम आता है। बाकी बचे 92-93 फीसदी मटेरियल से आप वेजिटेबल डाई बना सकते हैं। एक ही यूनिट लगाकर ये दोनों काम किए जा सकते हैं।  

     

    गोबर से बनी राखियां:

     

    राखी जैसे सीज़नल त्यौहार में भी गोबर आपकी आमदनी का स्रोत बन सकता है। बीते कुछ समय से गोबर से बनी राखियां भी बाज़ार में मिलने लगी हैं। इन्हें बनाने में बहुत कम लागत आती है और मुनाफा भी अच्छा खासा हो जाता है। इसलिए आप इस सीज़नल बिज़नेस आइडिया पर भी विचार कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए आपको ट्रेनिंग लेने की ज़रूरत पड़ेगी।

     

    काउ डंग पेंट:

    देश के ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी घर की दीवारों और आंगन को गोबर से ही लीपा जाता है। लेकिन, अब गोबर से बने पेंट भी मिलने लगे हैं। सरकार ने हाल ही में खादी ब्रांड के तहत गोबर से बने प्राकृतिक पेंट बाज़ार में लॉन्च किए हैं। आपको बता दें कि आप भी गोबर से पेंट बनाकर अच्छा लाभ कमा सकते हैं। इसके लिए सरकार ट्रेनिंग भी देती है। 

    इसके अलावा आमदनी के लिहाज़ से देखें तो बायो-फर्टिलाइज़र और बायो-सीएनजी जैसे अन्य विकल्प भी हैं, जिनके सहारे आप अच्छी-खासी इनकम हासिल कर सकते हैं।

     

     जानें, गोबर कैसे बन सकता है आमदनी का ज़रिया?

     

    सरकारी पहल:

     

    1. गोधन न्याय योजना

     

    छत्तीसगढ़ सरकार ने कुछ समय पहले गोधन न्याय योजना की शुरुआत कर अन्य राज्यों के लिए एक मिसाल पेश की है। इस योजना के तहत सरकार पशु पालकों से 2 रुपये प्रति किलो की दर से गोबर खरीदती है। इस योजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए हज़ारों की संख्या में गोठान गठित किए गए हैं, ताकि गोबर की खरीद में किसी प्रकार की बाधा न आए।  

     

    2. गोबर धन योजना

     

    केंद्र सरकार की इस योजना के तहत पशुओं के गोबर और एग्रीकल्चरल वेस्ट को कंपोस्ट, बायो गैस/बायो-सीएनजी में तब्दील किया जाता है। 2018-19 के बजट में इस योजना की घोषणा की गई थी। अब सरकार द्वारा हर ज़िले में क्लस्टर निर्माण कर इस योजना को अमलीजामा पहनाने की कोशिश की जा रही है। योजना के तहत किसानों और पशु पालकों से एक निश्चित दाम पर गोबर और फसलों के अवशेष खरीदे जाएंगे। इसमें स्व-सहायता समूहों (SGHs) की विशेष भागीदारी होगी। ऐसा माना जा रहा है कि इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और पशु पालकों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार देखने को मिलेगा। 

     

     जानें, गोबर कैसे बन सकता है आमदनी का ज़रिया?

     

    हमें उम्मीद है कि आपको Knitter का यह ब्लॉग पसंद आया होगा। Knitter पर आपको बिज़नेस के अलावा कृषि एवं मशीनीकरण, एजुकेशन और करियर, सरकारी योजनाओं और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर भी कई महत्वपूर्ण ब्लॉग्स मिलेंगे। आप इनको पढ़कर अपना ज्ञान बढ़ा सकते हैं और दूसरों को भी इन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।  

     

    ✍️    

    लेखक- कुंदन भूत     

     

     



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