विज्ञान में 12वीं करने के बाद इन क्षेत्रों में बनाएं करियर

विज्ञान में 12वीं करने के बाद इन क्षेत्रों में बनाएं करियर

12वीं के बाद साइंस के क्षेत्र में ढेरों करियर ऑप्शन्स हैं। इस ब्लॉग में 10 बेहतरीन क्षेत्रों पर चर्चा की गई है जिनमें आप अपना भविष्य बना सकते हैं।

02 January 2021

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  • 12वीं के बाद छात्रों की पढ़ाई का अहम पड़ाव शुरू होता है। इसके बाद छात्र जिस कोर्स में भी एडमिशन लेते हैं उसी पर निर्भर होता है कि वो भविष्य में क्या करेंगे। इसलिए 12वीं के बाद अपनी रुचि और क्षमता के मुताबिक ही अपने करियर का चुनाव करना चाहिए। 

    अधिकतर लोगों को लगता है कि 12वीं में साइंस पढ़ने के बाद छात्रों के पास डॉक्टर या इंजीनियर बनना ही विकल्प होते हैं।

     

    बल्कि साइंस में 12वीं करने का बाद आपके सामने संभावनाओं का एक समुद्र है। क्योंकि साइंस स्ट्रीम के कोर्सेज के साथ-साथ आप आर्ट्स, कॉमर्स से संबंधित कोर्सेज में भी एडमिशन ले सकते हैं। निटर के इस ब्लॉग में हम जानेंगे ऐसे कौन-कौन से क्षेत्र हैं जिसमें सिर्फ विज्ञान विषय में 12वीं करने वाले छात्र ही अपना करियर बना सकते हैं।

     

    विज्ञान में 12वीं करने के बाद इन क्षेत्रों में बनाएं करियर

     

    विज्ञान विषय से पढ़ाई करने वाले छात्रों को दो वर्गों में बांटा जाता है। मेडिकल ग्रुप के छात्र फिजिक्स(भौतिक विज्ञान), केमिस्ट्री(रसायन विज्ञान) के साथ बायोलॉजी (जीव विज्ञान) की पढ़ाई करते हैं। वहीं नॉन-मेडिकल ग्रुप के छात्र फिजिक्स, केमिस्ट्री के साथ मैथ्स (गणित) विषय की पढ़ाई करते हैं।


     

    12वीं के बाद हर विद्यार्थी को इस दौर से गुजरना होता है जब वो अपने भविष्य को लेकर चिंतित रहता है। ऐसे में कई बार छात्रों को सही मार्गदर्शन नहीं मिल पाता और वो अपनी रुचि के अनुसार फील्ड नहीं चुन पाते और अपना जीवन बर्बाद कर देते हैं। ऐसे में हम इस ब्लॉग के माध्यम से कोशिश करेंगे कि विज्ञान विषय पढ़ रहे छात्रों का मार्गदर्शन किया जा सके। आइये अब 10 बेहतरीन करियर ऑप्शन्स के बारे में जानते हैं जिनमें साइंस स्ट्रीम के छात्र अपना भविष्य देख सकते हैं। 

     

    इंजीनियरिंग

     

    12वीं में नॉन मेडिकल की पढ़ाई करने के बाद आप इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपना भविष्य देख सकते हैं। ये काफी ज्यादा पॉपुलर फील्ड है। नॉन मेडिकल में पढ़ाई करने वाले अधिकतर बच्चों की पहली पसंद इंजीनियरिंग होती है। इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भी आपके सामने बहुत सारे विकल्प होते हैं जैसे कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रोनिक्स, केमिकल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल, सिविल, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग। 

     

    वहीं इनके अलावा एग्रीकल्चर, बायोमेडिकल, एनर्जी, पावर, टेक्सटाइल जैसी कई और ट्रेड होती हैं जो इंजीनियरिंग कॉलेजों में पढ़ाई जाती हैं. इसके लिए जेईई (जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम) की परीक्षा देनी होती है जिसमें आए अंकों के आधार पर आपको आईआईटी, एनआईटी या फिर प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन मिलता है। वहीं पॉलिटेक्निक कॉलेजों में इंजीनियरिंग के डिप्लोमा कोर्स भी करवाए जाते हैं।

     

    मेडिकल

     

    डॉक्टरी को एक महान पेशा कहा जाता है। 12वीं तक मेडिकल यानी फिजिक्स केमिस्ट्री के साथ बायोलॉजी पढ़ने वाले बहुत से छात्रों का सपना डॉक्टर बनने का होता है। डॉक्टर बनने के लिए कई तरह के कोर्स होते हैं जैसे एमबीबीएस (बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी), बीडीएस (बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी), बीएएमएस (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी), बीएचएमएस (बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी) आदि। मेडिकल स्ट्रीम के छात्रों को डॉक्टर बनने के लिए 12वीं पास करने के बाद NEET (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) एग्जाम देना होता है। जिसे उत्तीर्ण करने के बाद वे मेरिट के आधार पर सरकारी और गैर सरकारी कॉलेजों में एडमिशन ले सकते हैं।

     

    बायोटेक्नोलॉजी 

     

    बायोटेक्नोलॉजी को हिंदी में जैव प्रौद्योगिकी कहा जाता है। बायोटेक्नोलॉजी में किसी विशेष उत्पादों या पदार्थों को विकसित करने या बनाने के लिए जीवित प्रणालियों और जीवों का उपयोग किया जाता है। मुख्य रूप से चिकित्सा और खेती में बायोटेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होता है। 12वीं में बायोलॉजी पढ़ने वाले छात्र बायो टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा या फिर डिग्री कोर्सेज के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

     

    फॉरेंसिक साइंस

     

    फॉरेंसिक जांच के बिना किसी भी अपराध की जांच को पूरा नहीं माना जाता। अगर आपकी रुचि इन्वेस्टिगेशन करने और अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में है तो आप फोरेंसिक विज्ञान की दुनिया में कदम रख सकते हैं। 12वीं में साइंस पढ़ने के बाद आप फॉरेंसिक साइंस में बीएससी करने के लिए आप फॉरेंसिक साइंस एंड क्रिमिनोलॉजी के कई कॉलेजों में आवेदन कर सकते हैं।

     

    एनवायर्नमेंटल साइंस

     

    ऊर्जा संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण आदि का अध्ययन किया जाता है। वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग के सिद्धांतों का इस्तेमाल करके इसका हल निकाला जाता है। इसके लिए आप एनवायर्नमेंटल साइंस में सामान्य ग्रेजुएशन, इंजीनियरिंग या फिर डिप्लोमा कोर्स भी कर सकते हैं। जिसके बाद आप सरकारी और गैर सरकारी क्षेत्र में पर्यावरण वैज्ञानिक के तौर पर नौकरी कर सकते हैं।

     

    रोबोटिक साइंस

     

    आधुनिक दौर में लगभग हर क्षेत्र में रोबोट की मदद से काम होने लगा है। ऐसे में रोबोटिक्स में अच्छा करियर और सैलरी मिलने की उम्मीद है। रोबोटिक साइंस की फील्ड में जाने के लिए 12वीं विज्ञान विषय में उत्तीर्ण करना जरूरी है।  इसके बाद छात्र को  मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर साइंस जैसे कोर्स लेकर रोबोटिक्स विषय की पढ़ाई करनी होती है और बैचलर डिग्री हासिल करने के बाद रोबोटिक साइंस में मास्टर कर सकते हैं.

     

    फूड टेक्नोलॉजी

     

    फूड यानी भोजन हमारी मूलभूत सुविधा है। समय के साथ हमारी खानपान की आदतों में काफी बदलाव आया है और अब बाजार में प्रोसेस्ड फूड की मांग बढ़ रही है। प्रोसेसिंग प्लांट में खाने की वस्तुओं के स्वाद और रंग से लेकर गुणवत्ता का ख्याल प्रोफेशनल्स द्वारा ही रखा जाता है। 

     

    इसलिए अब फूड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में करियर की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं।  मेडिकल और नॉन मेडिकल दोनों ही स्ट्रीम के छात्र फूड टेक्नोलॉजी में ग्रेजुएशन कर सकते हैं। इसके बाद आप फूड प्रोसेसिंग की फील्ड में रिसर्च कर सकते हैं या फिर खाने के उत्पाद बनाने वाली कंपनी, रिटेल यूनिट, प्रोसेसिंग प्लांट में अच्छी सैलरी पर नौकरी पा सकते हैं।

     

    वायु सेना या एविएशन सेक्टर 

    अगर आप भी आसमान में उड़ने का शौक रखते हैं और आपने 12वीं नॉन मेडिकल(फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स) के साथ उत्तीर्ण की है तो आप कमर्शियल पायलट या फिर वायुसेना में पायलट बन सकते हैं। कमर्शियल पायलट बनने के लिए आप 12वीं के बाद किसी भी मान्यता प्राप्त फ्लाइंग कॉलेज में लिखित परीक्षा और मेडिकल जांच के बाद एडमिशन ले सकते हैं और डिग्री के बाद अपना लाइसेंस पा सकते हैं। एक कमर्शियल पायलट सभी तरह के एयरक्राफ्ट जैसे विशाल पैसेंजर जेट, कार्गो और चार्टर्ड विमान उड़ाता है।

     

    वहीं वायु सेना में भर्ती के लिए 12वीं के बाद आप एनडीए(नेशनल डिफेंस एकेडमी) का एग्जाम दे सकते हैं। वहीं साइंस स्ट्रीम में ग्रेजुएशन या इंजीनियरिंग करने के बाद आप सीडीएस(कंबाइंड डिफेंस सर्विस) एग्जाम के माध्यम से भी वायु सेना में जा सकते हैं और फाइटर प्लेन या और सेना के दूसरे जहाज उड़ा सकते हैं।


     

    स्पेस साइंस

    अंतरिक्ष विज्ञान यानि स्पेस साइंस में अंतरिक्ष से जुड़े सभी पहलुओं पर रिसर्च की जाती है। इसमे ब्रह्मांड, तारे, ग्रहों आदि का गहन अध्यन किया जाता है। इससे आप इसरो, नासा जैसी संगठनों में नौकरी पा सकते हैं और एक शानदार करियर बना सकते हैं। इसके लिए 12वीं में फिजिक्स कैमिस्ट्री और मैथ पढ़ा होना जरूरी है। इसके बाद आप स्पेस साइंस में बीटेक या बीएससी कर सकते हैं।

     

    फार्मेसी

    अगर आपको दवाएं बनाने में रुचि है तो ये फील्ड आपके लिए है। फार्मेसी में डिग्री या डिप्लोमा करने के बाद दवाइयों से संबंधित फील्ड में अच्छी नौकरी मिल जाती है। इसमें दवाएं बनाने से लेकर उसकी पैकेजिंग और उन्हें बेचना भी शामिल है। 12वीं कक्षा में मेडिकल और नॉन मेडिकल दोनों स्ट्रीम के छात्र फार्मेसी में ग्रेजुएशन या डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं।

     

    तो दोस्तों 12वीं विज्ञान विषय में उत्तीर्ण करने के बाद आप भी अगर करियर चुनने को लेकर दुविधा में हैं तो अपनी पसंद और क्षमता के मुताबिक ऊपर लिखे टॉप-टेन करियर ऑप्शन में से एक चुन सकते हैं। ऐसे ही यदि आपके पास कॉमर्स या आर्ट्स विषय है तो Knitter पर उससे संबंधित करियर ऑप्शन्स की जानकारी भी आसान भाषा में उपलब्ध है।

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