टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में कैसे बनाएं करियर?

टेक्सटाइल सेक्टर में इंजीनियरिंग और रोज़गार

टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में करियर की अपार संभावनाएं हैं। आइए जानते हैं कि आप इसमें भविष्य कैसे बना सकते हैं।

03 March 2021

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  • कपड़े हमारी मूलभूत ज़रूरतों में से एक है। वैश्विक बाज़ार में फैशनेबल कपड़ों के अलावा भी कपड़े के उत्पाद जैसे बेडशीट्स, मैट्स, पर्दे, टॉवल आदि की भी काफी डिमांड रहती है। इस क्षेत्र में रोज़गार की अथाह संभावनाएं हैं। क्योंकि, टेक्सटाइल सेक्टर में भारत दुनिया में कपड़ों का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादन और निर्यात करने वाला देश है। 

     

    टेक्सटाइल सेक्टर में कपड़े के रेशों से निर्माण से लेकर उसका फाइनल प्रोडक्ट बनने की प्रक्रिया में योग्य टेक्सटाइल इंजीनियर्स की ज़रूरत होती है। कपड़ों की बढ़ती मांग और नए-नए उद्योगों को देखते हुए टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में करियर के सुनहरे मौके हैं। अगर आप टेक्सटाइल डिज़ाइनिंग या प्रोडक्शन में दिलचस्पी रखते हैं, तो टेक्सटाइल इंजीनियरिग में अपना करियर बना सकते हैं। 

     

    टेक्सटाइल इंजीनियरिंग

     

    टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में कपड़ों के फाइबर, कलर, मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस आदि से संबंधित बातों का अध्ययन किया जाता है। नए फैब्रिक के निर्माण के लिए रिसर्च एंड डेवलपमेंट, डिज़ाइनिंग, सॉफ्टवेयर ऑपरेशन और नई मशीनरी निर्माण भी इस फील्ड के ज़रूरी हिस्से हैं। टेक्सटाइल इंजीनियर में इनोवेशन, रिसर्च और क्रिएटिविटी जैसी स्किल्स होना ज़रूरी है। 

     

    टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में कोर्सेज

     

    टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा, ग्रेजुएशन (B.Tech., B.E.) और पोस्ट ग्रेजुएशन (M.Tech.) कोर्सेज किए जा सकते हैं। रिसर्च और टीचिंग के क्षेत्र में जाने के लिए आप इस विषय में पीएचडी की पढ़ाई भी कर सकते हैं। 

     

    योग्यता और प्रवेश परीक्षाएं

     

    • टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कोर्स के लिए 10वीं के बाद अप्लाई किया जा सकता है। अलग-अलग सरकारी और निजी संस्थानों में 10वीं के अंकों या प्रवेश परीक्षा के आधार पर चयन होता है।
    • बी.टेक. (B.Tech.) कोर्स के लिए 12वीं में मैथ्स और फिजिक्स विषय में उत्तीर्ण करना ज़रूरी है।
    • बी.टेक. (B.Tech.) कोर्स में दाखिला लेने के लिए जॉइंट एंट्रेंस एग्ज़ाम (JEE) की तैयारियां करें।
    • कई यूनिवर्सिटीज द्वारा अपने स्तर पर या फिर स्टेट लेवल कॉमन प्रवेश परीक्षाएं करवाई जाती हैं।
    • टेक्सटाइल इंजीनियरिंगं में मास्टर्स डिग्री (M.Tech.) करने के लिए इसी ब्रांच में बी.टेक.(B.Tech.) डिग्री होना अनिवार्य है।

     

     

     

    टेक्सटाइल इंजीनियरिंग के बाद स्कोप

     

    भारत में टेक्सटाइल सेक्टर अभी ग्रोथ की बिल्कुल शुरुआती चरण में है। बड़े-बड़े विदेशी ब्रांड भारत में अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगा रहे हैं। वहीं, सरकार द्वारा इस सेक्टर में छोटे उद्योगों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। 

     

    इंजीनियरिंग की ये ब्रांच अभी भारत में बहुत ज्यादा पॉपुलर नहीं है। इसको देखते हुए आने वाले समय में इस फील्ड में करियर की अच्छी संभावनाएं नजर आती हैं। टेक्सटाइल की सरकारी और प्राइवेट कंपनियों में इंजीनियर्स को कई पदों पर आसानी से नौकरी मिल जाती है। आप इंजीनियरिंग के बाद अपना उद्योग स्थापित करके भी अच्छा नाम और पैसा कमा सकते हैं।

     

    कपड़ा उद्योग में टेक्सटाइल इंजीनियर के काम

     

    • रिसर्च एंड डेवलपमेंट
    • डिज़ाइनिंग
    • मैन्युफैक्चरिंग
    • प्रोडक्शन कंट्रोल 
    • डायिंग और प्रिंटिंग

     

    सैलरी और संभावनाएं

     

    टेक्सटाइल इंजीनियरिंग की डिग्री या डिप्लोमा करने वाले स्टूडेंट्स को 3 से 6 लाख रुपये तक शुरुआती सैलरी मिल जाती है। इस फील्ड के इंजीनियर अच्छा काम करने पर किसी टेक्सटाइल कंपनी में जनरल मैनेजर के पद तक पहुंच सकते हैं। इस पद पर आमदनी का अंदाजा आप खुद ही लगा सकते हैं।

     

    टेक्सटाइल सेक्टर में इंजीनियरिंग और रोज़गार

     

    इंजीनियरिंग के क्षेत्र में जा रहे अधिकतर छात्र गिनी-चुनी पॉपुलर फील्ड्स को ही चुनते हैं। जबकि उन्हें अपनी रुचि के हिसाब से ट्रेड चुनना चाहिए। अपने शौक को ही यदि अपना पेशा बना लिया जाए तो तो निश्चित तौर पर करियर काफी शानदार हो सकता है। इसके लिए आपको हर फील्ड के बारे में जानकारी हासिल होनी चाहिए। निटर करियर की ऐसी ही कई फील्ड्स के बारे में जानकारियां आप तक पहुंचा रहा है, ताकि आप सफलता प्राप्त कर सकें।

     

     

    लेखक- मोहित वर्मा

     



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