उज्जवल भविष्य के लिए जरूरी है करियर काउंसलिंग, जानिए क्यों?

उज्जवल भविष्य के लिए ज़रूरी है करियर काउंसलिंग, जानिए क्यों?

करियर काउंसलिंग किसी भी छात्र के भविष्य का रोड-मैप तैयार करने में मदद करती है। इससे अभ्यर्थी की रियल लाइफ में काम करने की क्षमता को जांचा जाता है।

15 January 2021

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  • आज के दौर में युवाओं के पास करियर(Career) विकल्पों की कमी नहीं है। नये-नये क्षेत्रों में संभावनाओं के नए द्वार खुल रहे हैं। लेकिन ज़िंदगी को मुकाम देने के लिए अक्सर देखने में आता है कि युवा सही करियर चुनाव नहीं कर पाते। 

     

    आमतौर पर देखा गया है कि छात्र इस बात को लेकर सबसे ज्यादा परेशान होते हैं कि आखिर हम किस क्षेत्र में अपना करियर चुनें जो हमारे लिए बेहतर भविष्य बनाने में हमारी मदद करे। इस तरह की दुविधा के समय छात्रों के लिए इसका सीधा और आसान समाधान है करियर काउंसलिंग।

     

    तो आइए इस ब्लॉग में जानते हैं कि करियर काउंसलिंग (What is Career counseling) क्या है? और इससे युवाओं को क्या-क्या फायदे हैं। 

     

    सबसे पहले जानते हैं करियर काउंसलिंग क्या है?

     

    करियर काउंसलिंग 

     

    काउंसलिंग का अर्थ है- सलाह लेना या परामर्श लेना। करियर काउंसलिंग के माध्यम से किसी भी छात्र की रुचि और योग्यता के अनुरूप बेहतर विकल्पों को तलाशा जाता है।  

     

    काउंसलिंग की ज़रूरत न सिर्फ करियर का चुनाव करने में, बल्कि जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए खुद को तैयार करने के दौरान भी पड़ती है। 

     

    आसान भाषा में कहें तो काउंसलिंग का मतलब किसी के अंदर की प्रतिभा को तलाशना है, जिससे युवा अपने क्षेत्र में बेहतर परिणाम दे सके। 

     

    काउंसलिंग किसी भी छात्र के भविष्य का रोड-मैप तैयार करने में सबसे ज़्यादा असरदार होती है। वह छात्र को उधेड़बुन से बाहर निकालती है और सोच को सटीक बनाती है।

     

    करियर काउंसलिंग आवश्यक है। यह आपके दिमाग को फिल्टर करने का काम करती है। प्रमुख बात यह है कि एक बार आप करियर चुनने में भटक गए तो ताउम्र तनाव आप पर हावी रहेगा। 

     

     करियर काउंसलिंग से मिलती है सही दिशा

     

    काउंसलिंग कैसे और कहां से लें

     

    ग्रामीण ही नहीं अपितु शहरी क्षेत्रों में भी यही समस्या रहती है कि वे करियर के लिए कैसे और कहां से काउंसलिंग लें। तो आपको बता दें कि आजकल लगभग सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में काउंसलिंग सेंटर खोले जा रहे हैं। जहां से आप अपने करियर के परामर्श ले सकते हैं। इसके अलावा आप इन केंद्रों से भी संपर्क कर सकते हैं। 

     

    प्रोफेशनल काउंसलिंग कोच

     

    पिछले कुछ दशकों से इस क्षेत्र में काम करने वाले प्रोफेशनल की संख्या बढ़ी है। करियर काउंसलिंग के लिए आजकल कई प्रोफेशनल इंस्टीट्यूट भी खुल गए हैं, जहां इस फील्ड के प्रोफेशनल आपकी मदद करने को तैयार हैं। ये प्रोफेशनल आपके करियर के उलझनों को सुलझाते हैं। इनके पास करियर काउंसलिंग करने का अनुभव होता है। आप इन प्रोफेशनलों से संपर्क कर अपने लिए करियर सलाह ले सकते हैं। 

     

    मनोविज्ञान शाला 

     

    मनोविज्ञान काफी पुरानी विधा है जिसके माध्यम से हज़ारों सालों तक मनोरोगियों का इलाज किया जाता रहा है। लेकिन पिछले कुछ दशकों से यह विधा करियर काउंसलिंग के लिए भी बहुत कारगर साबित हो रही है।

     

    अतःआप इन मनोविज्ञानशालाओं के मनोचिकित्सकों से मिलकर, अपने इंटरेस्ट को बता कर कारगर करियर ऑप्शन चुन सकते हैं। 

     

    ऑनलाइन काउंसलिंग

     

    करियर काउंसलिंग के लिए आजकल ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध है। ये काफी सस्ती और आसान विधि है। इसमें समय की भी बचत होती है। 

     

    काउंसलिंग के फायदे

    • छात्रों को काउंसलिंग के माध्यम से सही दिशा और प्रेरणा मिलती है।
    • छात्रों में नई ऊर्जा का संचार होता है और वे अपने करियर लक्ष्य को पाने का प्रयास करते हैं। 
    • छात्रों में काउंसलिंग से आत्मविश्वास विकसित होता है, साथ ही सकारात्मक सोच भी आती है।
    • काउंसलिंग से करियर से जुड़ी सभी संभावनाओं को जांचने-परखने का मौका मिलता है।
    • करियर काउंसलिंग से छात्रों को एक दिशा आसानी से मिल जाती है, जिससे उनके समय की बचत होती है। 
    • काउंसलिंग छात्रों के लक्ष्य को दीर्घकालिक बनाने में मदद करती है। 
    • काउंसलिंग की मदद से उनके भविष्य का रोड-मैप तैयार किया जा सकता है।
    • काउंसलिंग करियर की असमंजस को दूर करने में मदद करती है।

     

    कैसे करते हैं काउंसलिंग 

     

    काउंसलिंग के दौरान छात्र-छात्रा के रुझान और रुचि को देखा जाता है। जैसे- कोई छात्र सेना में अफसर बनना चाहता है मगर गणित नहीं पढ़ना चाहता है तो फिर उसके लिए वैसे ही अवसर तलाश करने के प्रयास किए जाते हैं।

     

    आपको बता दें, काउंसलिंग के लिए छात्र का एप्टीट्यूट टेस्ट लिया जाता है। इसके द्वारा छात्र की इंटरव्यू के आधार पर रुचि और विषय पर पकड़ आदि का पता लगाया जाता है। 

     

    इसके अलावा अभ्यर्थी का मनोवैज्ञानिक टेस्ट भी किया जाता है। जिसके आधार पर काउंसलर छात्र को करियर गाइडेंस करते हैं।

     

    संक्षेप में कहें तो काउंसलिंग के माध्यम से छात्र की रुचि और योग्यता के अनुरूप उसके बेहतर विकल्पों को तलाशा जाता है।

     

    हम यही आशा करते हैं कि आप इसी तरह Knitter के साथ बने रहेंगे और आगे भी हमारे ब्लॉग्स पढ़ते रहेंगे।  

     

    आपको बता दें कि Knitter पर आपको एजुकेशन और करियर के अलावा कृषि, सरकारी योजनाओं और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर भी कई महत्वपूर्ण ब्लॉग्स मिल जाएंगे। आप इन ब्लॉग्स को पढ़कर अपना ज्ञान बढ़ा सकते हैं और दूसरों को भी इन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। 



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