गांव में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएंगे ये 10 Business Idea

Self reliant: महिलाएं स्वरोज़गार से बना सकती हैं अपनी पहचान

स्वरोज़गार (Self-employment) गांव में महिलाओं के लिए पैसे कमाने का एक अच्छा ज़रिया हो सकता है लेकिन कैसे? इस ब्लॉग में इसी विषय पर संपूर्ण में बात करेंगे।

29 January 2021

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  • शहरों में तो महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं। मगर ग्रामीण इलाकों (Rural areas) में हालात कुछ अलग हैं। यहां महिलाएं (Women) पहले अपने पिता पर, शादी के बाद पति पर और बुढ़ापे में अपने बच्चों पर निर्भर होती हैं। कारण है उनके लिए स्वरोज़गार (Self-employed) के कोई अवसर न होना।

     

    कोरोना महामारी के सामने आने के बाद आत्मनिर्भर भारत (Self-reliant india) के नारे को एक बार फिर बल जरूर मिला है। मगर इसे ग्रामीण महिलाओं तक पहुंचने की जरूरत है। इसके बाद ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भर भारत का सपना पूरा हो पाएगा। हमें महिलाओं के लिए रोज़गार (Employment) के अवसर पैदा करने होंगे।

     

    इस ब्लॉग में हम कुछ बिज़नेस आइडियाज़ (Business Ideas) पर बात करेंगे, जिनसे ग्रामीण इलाकों (Rural areas) और छोटे शहरों की महिलाएं आत्मनिर्भर (Self-reliant) बनने की ओर एक कदम बढ़ा पाएंगी। इस ब्लॉग में आप जानेंगे-

     

    • ग्रामीण भारत (Rural India) में महिलाओं के रोज़गार की स्थिति क्या है?
    • महिलाएं गांव में रोज़गार (Employment) के अवसर कैसे तलाश सकती हैं?
    • बिज़नेस (Business) शुरू करने से पहले किन बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है?
    • ग्रामीण इलाकों (Rural areas) में महिलाओं के लिए बिज़नेस आइडियाज (Business Ideas) क्या हैं?

     

    ग्रामीण भारत और महिला रोज़गार (Rural India and Women Employment)

     

    बेरोज़गारी (Unemployment) पूरे भारत (India) के लिए एक बड़ी समस्या है। वहीं ग्रामीण भारत (Rural India) में रोज़गार के बेहद कम अवसर उपलब्ध हैं, जिसकी वजह से गांव के युवा शहरों की तरफ पलायन (Migration) करने के लिए मजबूर हैं। रोज़गार के मामले में ग्रामीण महिलाओं की स्थिति और भी खराब है। जागरूकता (Awarness) के अभाव में वे घरेलू काम करना ही अपनी किस्मत समझती हैं। इससे न तो उनके जीवन स्तर में कोई सुधार हो पाता है और न वे समाज में अपनी जगह बना पाती हैं।

     

    महिलाएं गांव में ही पैदा करें रोज़गार के अवसर (Create employment opportunities in your village itself)

     

    जब हम ग्रामीण विकास (Rural Development) की बात करते हैं तो इसके लिए महिलाओं और पुरुषों की बराबर भागीदारी होना जरूरी है। महिलाओं का आत्मनिर्भर (Self-reliant) होना जरूरी है। हम जानते हैं कि गांव में रोज़गार के बेहतर अवसर नहीं हैं, लेकिन स्वरोज़गार (Self-employed) के माध्यम से गांव में रहकर भी पैसा कमाया जा सकता है। ग्रामीण इलाकों में महिलाओं के लिए ऐसे कई मौके हैं, जिनसे कम लागत और कम समय देकर अच्छी कमाई की जा सकती है।

     

     
     

    महिलाएं इन व्यवसायों से घर बैठे कर सकती हैं कमाई

     

     

    ग्रामीण इलाकों में महिलाओं के लिए बिज़नेस आइडियाज (Business ideas for women in rural areas)

     

    किसी भी नए कारोबार को शुरू करने के लिए आपको निवेश और समय की जरूरत होती है। लेकिन ग्रामीण महिलाओं की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए हम यहां उन कारोबार की बात करेंगे जो शून्य या फिर बिल्कुल कम लागत में शुरू किए जा सकते हैं और गांव में रहकर ही किए जा सकते हैं। अपनी रुचि और इलाके की जरूरत को ध्यान में रखते हुए महिलाएं इनमें से किसी भी बिज़नेस में हाथ आज़मा सकती हैं।

     

    ट्यूशन पढ़ाने का काम

     

    यदि आप पढ़ी लिखी हैं तो अपने विषय से संबंधित छात्रों को ट्यूशन (Tution) पढ़ा सकती हैं। ये काम ज़ीरो लागत पर शुरू किया जा सकता है। इन दिनों होम ट्यूशन के साथ-साथ ऑनलाइन ट्यूशन (Online Tution) का भी चलन है। इस काम को पार्ट टाइम (Part time) करने पर भी महीने में कम से कम 10 हजार रुपये की कमाई आराम से की जा सकती है। धीरे-धीरे काम बढ़ने पर आप गांव में ही ट्यूशन इंस्टिट्यूट भी खोल सकती हैं।

     

    होम बेकरी

     

    महिलाओं के लिए होम बेकरी (Home Bakery) का बिज़नेस बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है। छोटे स्केल पर इस बिज़नेस को बहुत कम लागत से शुरू किया जा सकता है। यदि आपकी रुचि बेकरी प्रोडक्ट्स बनाने में हैं तो आप बिस्किट, ब्रेड, केक, पेस्ट्री आदि घर पर ही तैयार करके उन्हें नज़दीकी बाज़ार में बेच सकती हैं। वहीं, जन्मदिन और पार्टियों के लिए केक आदि के ऑर्डर भी ले सकती हैं।

     

    सिलाई-कढ़ाई का काम

     

    सिलाई कढ़ाई के काम की ग्रामीण इलाकों में ज्यादा मांग रहती है, क्योंकि यहां रेडीमेड कपड़े कम मिलते हैं। आप चाहें तो गांव में टेलरिंग या बुटीक शॉप खोल सकती हैं या फिर घर पर ही कपड़े सिलकर तैयार कर सकती हैं। अधिकतम 5 हजार की लागत से आप एक अच्छी सिलाई मशीन खरीद सकती हैं। इस बिज़नेस में मुनाफा आपके स्किल्स (Skills) और काम पर निर्भर करता है। आप जितना बेहतर काम करेंगी, उतना ही अच्छा मुनाफा मिलेगा। इसके अलावा आप गांव में महिलाओं का एक ग्रुप बनाकर सिलाई के बड़े प्रोजेक्ट्स ले सकती हैं।

     

    ब्यूटी पार्लर

     

    फैशन करना और सुंदर दिखना किसे नहीं पसंद? यदि गांव में भी महिलाओं को ब्यूटी पार्लर (Beauty Parlor) की सुविधा मिलेगी तो वे ज़रूर इसका लाभ उठाएंगी। यदि आपको ये काम आता है तो थोड़ा सा पैसा लगाकर गांव में आप एक ब्यूटी पार्लर खोल सकती हैं। यदि आप ये काम सीखना चाहती हैं तो पहले इसके लिए आप दो महीने का कोर्स कर सकती हैं। ब्यूटी पार्लर के साथ-साथ कॉस्मेटिक्स शॉप भी चला सकती हैं, जिससे आपकी आय में ज्यादा बढ़ोतरी होगी।

     

    रुईं की बत्ती बनाने का व्यवसाय

     

    पूजा पाठ में इस्तेमाल होने वाली रुईं की बत्तियों को घर पर आसानी से बनाया जाता है। इसके लिए मशीन का इस्तेमाल भी किया जाता है, लेकिन शुरुआत में आप इसे हाथ से भी बना सकती हैं। आप आसपास के दुकानदारों को तैयार किया गया माल बेच सकती हैं। बहुत कम लागत में इससे ठीक-ठाक आमदनी हो जाती है।

     

    हैंडीक्राफ्ट बिज़नेस

     

    यदि आप हैंडीक्राफ्ट प्रोडक्ट्स (Handicraft products) जैसे गुड़िया, मूर्तियां, बास्केट्स, फैशन प्रोडक्ट्स आदि बनाने में माहिर हैं तो इस बिज़नेस से कम लागत में अच्छी कमाई कर सकती हैं। इस बिज़नेस में ऑनलाइन प्रोडक्ट बेचना सबसे अच्छा तरीका है। इसके अलावा मेलों और प्रदर्शनियों में जाकर भी अपने उत्पाद को प्रदर्शित कर सकती हैं।

     

    ब्लॉगिंग और यूट्यूब

     

    इंटरनेट के दौर में यूट्यूब (Youtube) और ब्लॉगिंग (Blogging) पैसा कमाने का अच्छा ज़रिया हो सकता है। यहां आप सिर्फ एक स्मार्टफोन (SmartPhone) के माध्यम से शुरूआत कर सकती हैं। यदि लेखन में आपकी रुचि है तो ऑनलाइन ब्लॉग लिखना शुरू करें। वहीं, यूट्यूब के लिए वीडियो बनाकर भी अच्छा पैसा कमाया जा सकता है। इसमें आप अपना टैलेंट जैसे कॉमेडी, कुकिंग, सिंगिंग आदि दिखा सकती हैं।

     

    प्लांट नर्सरी

     

    इस बिजनेस को आप घर के गार्डन से शुरू कर बड़े स्केल पर खेतों में भी कर सकती हैं। आप फलों, फूलों और सब्ज़ियों की नर्सरी तैयार कर बाजार में इनके पौधे बेच सकती हैं। फल-फूल उगाने वाले बागवान, किसान और आम लोग आपके ग्राहक हो सकते हैं। इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए आपको स्थानीय प्रशासन से अनुमति लेनी होगी और साथ सरकार से इसके लिए सब्सिडी भी दी जाती है।

     

    डेयरी प्रोडक्ट्स

     

    गांव में दूध तो बहुतायत में होता है लेकिन महिलाओं को इसकी मार्केटिंग की जानकारी नहीं होती। यदि आप गांव में पशुपालन (Animal husbandry) करती हैं तो बाजार की डिमांड के हिसाब से डेयरी प्रोडक्ट्स तैयार कर सकती हैं जैसे पनीर, घी, खोया आदि। यदि आप खुद पशु नहीं पाल रही तो अपने गांव के पशुपालकों से दूध खरीद कर उनके उत्पाद तैयार कर सकती हैं। 

     

    अचार और पापड़ का बिज़नेस

     

    खान-पान संबंधी कई बिज़नेस घर से शुरू किए जा सकते हैं। इसमें सबसे आसान है पापड़ और अचार का बिज़नेस। इसके लिए आपको कोई खास ट्रेनिंग (Training) नहीं लेनी है। यूट्यूब पर वीडियो देख कर आप आसानी से इस काम को सीख सकती हैं और बाजार में अपने घर में बनाए अचार और पापड़ स्थानीय दुकानदारों को बेच सकती हैं, वहीं ऑनलाइन बेचने की सुविधा तो है ही।

     

     

    महिलाएं इन व्यवसायों से घर बैठे कर सकती हैं कमाई

     

     

    उम्मीद है इस ब्लॉग से आपको गांव में रहकर स्वरोज़गार शुरू करने की प्रेरणा और आइडिया ज़रूर मिले होंगे।

     

    ✍️

    लेखक- मोहित वर्मा         

     



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