बालिका समृद्धि योजना से मिलेगी हजारों रुपये की आर्थिक मदद

बालिका समृद्धि योजना से मिलेगी हजारों रुपये की आर्थिक मदद

बालिका समृद्धि योजना के तहत गरीब परिवार में बेटी के जन्म पर प्रोत्साहन राशि और उसकी पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप मिलती है।

13 January 2021

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  • भारत के कई इलाकों में आज भी लड़की के जन्म को अभिशाप समझा जाता है। लड़कियों के जन्म को प्रोत्साहन देने के लिए भारत सरकार द्वारा बालिका समृद्धि योजना की शुरूआत की गई है। इसके तहत लड़की के जन्म पर प्रोत्साहन राशि मिलती है। वहीं, उसकी 10वीं तक की स्कूली शिक्षा के लिए हर साल अधिकतम 1000 रुपये तक की स्कॉरशिप मुहैया करवाई जाती है। इस योजना के तहत बीपीएल परिवार की दो लड़कियों को लाभ मिल पाता है। आइए इस ब्लॉग में योजना से जुड़े तमाम पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करते हैं।

     

    क्या है योजना?

     

    महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित इस योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे आने वाले परिवार में बेटी का जन्म होने पर उसके खाते में 500 रुपये जमा किए जाते हैं। वहीं, पहली से दसवीं तक की पढ़ाई के दौरान हर साल छात्रवृति दी जाती है। इस योजना की शुरुआत भारत सरकार द्वारा 1997 को की गई थी।

     

    बालिका समृद्धि योजना का उद्देश्य

    • लड़की का जन्म होने पर समाज में नकारात्मक सोच को बदलना।
    • लड़कियों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करना।
    • बाल विवाह को रोकना।
    • समाज निर्माण में लड़कियों की भागीदारी सुनिश्चित करना।

     

    योजना के तहत मिलने वाले लाभ

    • बच्ची का जन्म होने पर 500 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
    • लड़की का स्कूल में एडमिशन हो जाने के बाद उसे हर साल दी जाने वाली छात्रवृति इस प्रकार है-

     

    इस तरह से बालिका समृद्धि योजना के तहत कुल 6700 रुपये की आर्थिक मदद मिलती है। जिसे पात्र लड़की के बैंक खाते में जमा किया जाता है। लड़की 18 साल की होने पर ही बैंक से ये राशि निकाल पाएगी, जिसके लिए उसका अविवाहित होना जरूरी होगा।

     

    पात्रता और शर्तें

    • परिवार बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) की श्रेणी में आता हो।
    • योजना का लाभ परिवार की दो ही लड़कियों को मिलेगा।
    • योजना के तहत मिलने वाली राशि लड़की के 18 साल के होने के बाद ही निकाली जा सकेगी और इसके लिए लड़की का अविवाहित होना अनिवार्य होगा।

     

    ऐसे मिलेगा योजना का लाभ

    • महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा हर साल राज्यों को इस योजना के तहत बजट मुहैया करवाया जाता है।
    • स्थानीय पंचायत/नगर निकायों द्वारा आंगनवाड़ी वर्करों/आशा वर्करों की मदद से योजना के पात्रों की पहचान की जाएगी।
    • स्थानीय अथॉरिटी द्वारा ही पात्रों से योजना के तहत फॉर्म भरवाए जाते हैं और हर महीने की ग्राम सभा में लाभार्थियों के नाम सार्वजनिक करने के बाद आवेदन पत्र सरकार को भेजे जाते हैं।
    • राज्य में योजना का क्रियान्वन करने वाले विभाग द्वारा विभाग और लड़की के नाम पर नज़दीकी बैंक या पोस्ट ऑफिस में जॉइंट अकाउंट खोला जाएगा।
    • पास बुक लड़की की मां को सौंपी जाएगी। भविष्य में मिलने वाली छात्रवृति के लिए इसी पास बुक के माध्यम से योजना के पात्रों की पहचान की जाएगी।
    • लड़की के स्कूल में एडमिशन लेने पर स्कूल के हेडमास्टर/प्रिंसिपल द्वारा योजना के पात्रों के नाम हर साल विभाग को भेजे जाएंगे।
    • सरकार द्वारा पात्र लड़की के खाते में हर साल स्कॉलरशिप की राशि जमा करवाई जाएगी।
    • लड़की के 18 साल के होने पर उसे पंचायत से अविवाहित होने का प्रमाण पत्र जमा करवाना होगा, जिसके बाद विभाग द्वारा पात्र को बैंक खाते से राशि निकालने के लिए अधिकृत किया जाएगा।
    • लड़की की शादी हो जाने की स्थिति में वो पैसा नहीं निकाल पाएगी। वहीं, लड़की की मृत्यु होने पर लड़की के परिवार वाले राशि को निकाल पाएंगे।

     

    योजना के तहत जहां 6,700 रुपयों की आर्थिक मदद सरकार द्वारा दी जाती है वहीं 18 साल तक राशि पर लगने वाला ब्याज भी मिलता है। उम्मीद है इस ब्लॉग में आपको योजना से जुड़े सभी महत्वपूर्ण सवालों के जवाब मिल पाए होंगे। इसके अलावा भी knitter चैनल पर कई सरकारी योजनाओं की जानकारी आसान भाषा में उपलब्ध है।



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