बागवानी को बनाएं कमाई का जरिया, जानें राष्ट्रीय बागवानी मिशन

बागवानी से बढ़ेगी किसानों की आय, जानें राष्ट्रीय बागवानी मिशन

यदि आपको पेड़-पौधों से प्यार है और खेती में कुछ अलग करना चाहते हैं, तो बागवानी आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। इससे आप अच्छी आमदनी कर सकते है

19 January 2021

  • 2035 Views
  • 5 Min Read

  • पिछले कुछ सालों में लोगों का रुझान बागवानी(Horticlutre) की ओर तेजी से बढ़ा है। हमारे देश में किसान बागवानी से अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। किसानों की आय में बागवानी की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। 

     

    इसमें कोई दो राय नहीं है कि खाद्यान्न फसलों की तुलना में बागवानी (Gardening benefits) करने के कई फायदे हैं। खाद्यान्न फसलों की तुलना में बागवानी का काम छोटे भू-भाग यानी कम ज़मीन पर आसानी से किया जा सकता है। ऐसे में छोटे और सीमांत किसान भी बागवानी फसलों (Horticultural crops) की मदद से कम ज़मीन पर ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं। यही कारण है कि देश में बागवानी तेजी से उभरते हुए कृषि व्यवसाय के रूप में अपनी पहचान बना रही है। 

     

    आज हम आपको Knitter के इस ब्लॉग में बागवानी (Horticlutre) की पूरी जानकारी देंगे। इस ब्लॉग में हम आपको बताएंगे- 

    • बागवानी क्या है 
    • बागवानी शुरू करने से पहले क्या करें
    • बागवानी के लाभ
    • राष्ट्रीय बागवानी मिशन
    • बागवानी का भविष्य
    • बागवानी की चुनौतियां
    • एक्सपर्ट देंगे अपनी सलाह

    जिससे बागवानी फसलों की खेती करके आप अपनी आय में बढ़ोतरी कर सकते हैं।

     

    बागवानी (Horticulture) क्या है 

     

    बागवानी खेती का ही एक दूसरा स्वरूप है जिसमें बागानी फसलों की खेती की जाती है। बाग (उद्यान) में वाणिज्यिक पौधों को उगाना बागवानी (horticulture) कहलाता है। 

     

    आसान भाषा में कहें तो बागवानी फूलों, फलों, सब्जियों, औषधीय पौधे, मसालों की खेती है। 

     

    बागवानी शुरू करने से पहले क्या करें

     

    बागवानी लगाने से पहले किसानों को अपने क्षेत्र की जलवायु और फसल के बारे में पूरी जानकारी लेनी चाहिए, क्योंकि हर जगह की जलवायु, हर जगह की ज़मीन अलग होती है। किसान अपनी फसल के मार्केट को भी समझ लें। 

     

    • इसके लिए किसान अपने नज़दीकी जिला उद्यान अधिकारी या कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों से राय ज़रूर ले लें।
    • बागवानी शुरू करने से पहले किसान इसका प्रशिक्षण लेकर शुरूआत करें तो चुनौतियों को काफी कम किया जा सकता है। 
    • बागवानी की हर एक एक्टिवटी का रिकॉर्ड बनाकर रखें, जिससे हर जरूरत को समझा जा सकता है। 

     

    बागवानी के लाभ (Benefits of Horticulture)

    1. कम क्षेत्रफल से ज्यादा उत्पादन और लाभ
    2. सिंचाई की कम आवश्यकता
    3. वर्षभर बाज़ार की उपलब्धता
    4. कई सालों तक ले सकते हैं फसल
    5. खाद्यानिक फसलों से अधिक पोषण
    6. रोज़गार की अपार संभावनाएं

     

    राष्ट्रीय बागवानी मिशन (National Horticulture Mission)

     

    राष्ट्रीय बागवानी मिशन फसल लगाने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन योजना (आर्थिक रूप से मदद) है। इस योजना की शुरूआत 2005-06 में की गई थी, योजना को राज्य सरकारें चलाती हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश में किसानों की आय बढ़ाने के लिए बागवानी फसलों को बढ़ावा देना है जिससे किसान पारंपरिक खेती से आधुनिक खेती की ओर बढ़ सकें। 

     

    इस योजना में लाभार्थी को बागवानी की ज़रूरतों के लिए (तार-बंदी, सिंचाई, नर्सरी, भंडारण, पॉलीहाउस, नेट हाउस आदि के लिए) आर्थिक मदद दी जाती है। 

     

    आपको बता दें, इस मिशन में राज्य सरकारें  किसानों को 35 से 50 प्रतिशत तक अनुदान देती हैं।  

     

    राष्ट्रीय बागवानी मिशन का उद्देश्य

    • बागवानी क्षेत्र का व्यापक विस्तार करना
    • फल-बागीचों की स्थापना करना
    • बागवानी उत्पादों को बढ़ावा देना
    • उच्च गुणवत्ता के पौधे उपलब्ध कराना
    • क्षेत्र विषय के अनुसार फल, फूल, मसालों की खेती को बढ़ावा देना
    • भंडारण के लिए उच्च गुणवत्ता के कोल्ड स्टोरेज  की स्थापना करना
    • ताज़े बागवानी उत्पादों को बढ़ावा देना तथा बाजार का विकास करना
    • फसलों की कटाई, सफाई, ग्रेडिंग और प्रसंस्करण के लिए आधुनिक तकनीकी को बढ़ावा देना

     

    योजनाओं का लाभ कैसे लें

     

    किसान भाई, जो भारत सरकार या राज्य सरकार की राष्ट्रीय बागवानी योजनाओं का लाभ लेना चाहते हैं, वे अपने जिले के जिला उद्यान या नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। 

     

    आप इन योजनाओं की जानकारी ब्लॉक स्तर के उद्यान अधिकारी से भी ले सकते हैं। क्योंकि बागवानी की बहुत सी योजनाएं क्षेत्र विशेष के आधार पर भी चलाई जा रही हैं। जिसकी विस्तृत जानकारी आप इन स्थानीय अधिकारियों से प्राप्त कर सकते हैं।

    इस मिशन को और ज्यादा विस्तार से जानने के लिए आप राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड की बेवसाइट पर भी विजिट कर सकते हैं।  

     

    बागवानी का भविष्य 

     

    बागवानी का विकल्प किसानों की आय को बढ़ाने के लिए एक उभरते क्षेत्र के रूप में आया है। आपको बता दें, कृषि जीडीपी में बागवानी का योगदान 30.4 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

    पटना स्थित क्षेत्रीय राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के निदेशक डॉ. एस. के. सिंह बागवानी के भविष्य को लेकर बताते हैं,

    बागवानी में अपार संभावनाएं हैं। यह बहुत ही प्रोफिटेबल कृषि व्यवसाय है। युवाओं के लिए यह रोज़गार का साधन बन सकता है। बागवानी में युवा अपने इंटरेस्ट के अनुसार फल, फूल, सब्जी, शहद(हनी) मसाला, और मशरूम का उत्पादन कर अच्छी आमदनी कर सकते हैं। 

     

    बागवानी की चुनौतियां 

     

    बागवानी में स्कोप के साथ-साथ इस क्षेत्र में चुनौतियां भी है। किसानों को हम फसलों का टेक्निकल ज्ञान नहीं हो पाता है जिससे वे इस क्षेत्र में असफल हो सकते हैं।

    बागवानी में नए किसानों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। जैसे-

    • उचित बाजार का अभाव 
    • कोल्ड स्टोर  की कमी
    • ट्रांसपोर्ट की समस्या
    • उत्पाद का उचित दाम नहीं मिलना
    • उन्नत किस्मों का अभाव

     

    राष्ट्रीय बागवानी मिशन

     

    संक्षेप में कहें तो राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत किसान बागवानी फसलों की खेती के ज़रिए अपनी आय में बढ़ोतरी कर सकते हैं। 

     

    राष्ट्रीय बागवानी मिशन से जुड़ा यह ब्लॉग आपको कैसा लगा? कमेंट करके जरूर बताएं। खेती से जुड़ी और भी जानकारियां हम आपको देते रहेंगे। इसके लिए आप हमारे फेसबुक, ट्विटर और लिंकडिन पेज से भी जुड़ सकते हैं। यदि आप इस तरह के ज्ञानवर्धक ब्लॉग पढ़ना चाहते हैं, तो आप हमारे अन्य ब्लॉग ज़रूर पढ़ें। अगर जानकारी अच्छी लगी हो तो ब्लॉग को शेयर करना बिल्कुल भी न भूलें।

    ✍️

    लेखक- दीपक गुप्ता  



    यह भी पढ़ें



    कृषि की अन्य ब्लॉग