क्या है आंगनबाड़ी योजना, कैसे उठाएं इसका लाभ? आइए जानें

क्या है आंगनबाड़ी योजना, कैसे उठाएं इसका लाभ? आइए जानें

आंगनबाड़ी योजना मुख्य रूप से मां और बच्चे की देखभाल के लिए चलाई गई योजना है, जो समेकित बाल विकास योजना के तहत आती है। आइए जानें, इस योजना के बारे में...


भारत में महिलाओं का स्वास्थ्य एक चिंता का विषय है। अक्सर सही पोषण नहीं मिलने की वजह से उन्हें कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझना पड़ता है। महिलाओं और बच्चों को सही पोषण मिले और उनका स्वास्थ्य अच्छा हो, इसके लिए केंद्र सरकार 1975 में आंगनबाड़ी केंद्र की स्थापना की है। जिसे आंगनबाड़ी योजना (Anganwadi yojana) के नाम से जाना जाता है। 

 

Knitter के इस लेख में हम आंगनबाड़ी योजना (Anganwadi yojana) के बारे में विस्तार से जानेंगे।

 

तो आइए सबसे पहले जानते हैं, आंगनबाड़ी योजना क्या है?

 

आंगनबाड़ी योजना क्या है

 

आसान भाषा में कहें तो आंगनबाड़ी योजना मुख्य रूप से मां और बच्चे की देखभाल के लिए चलाई गई सरकारी योजना है, जो समेकित बाल विकास योजना के तहत आती है। यह योजना महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित की जाती है। इस योजना का 90 फीसदी खर्च केंद्र सरकार और बाकी का 10 फीसदी राज्य सरकार वहन करती है। 

 

इन योजनाओं को संचालन आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से किया जाता है। इन केंद्रों पर महिलाओं और बच्चों की स्वास्थ्य जांच के अलावा पुष्टाहार(पौष्टिक खाना) भी वितरित की जाती है। 

 

आंगनबाड़ी योजना का उद्देश्य

 

  • 0-6 साल के बच्चों की पोषण और स्वास्थ्य स्थिति में सुधार करना।
  • बच्चे के शारीरिक और सामाजिक विकास के लिए नींव रखना।
  • मृत्यु दर, रोग, कुपोषण को कम करना।
  • बाल विकास को बढ़ावा देना।
  • मां को उचित पोषण और स्वास्थ्य की शिक्षा देना।

 

आंगनबाड़ी योजनाओं का कैसे लें लाभ 

 

आंगनबाड़ी केंद्र पर किसी भी प्रकार का लाभ उठाने के लिए महिलाओं को खुद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/आशा/एएनएम से संपर्क कर अपना नाम दर्ज करना होगा। 

आपको बता दें,  समय-समय पर आंगनबाड़ी केंद्रों पर निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन होता है। स्वास्थ्य सुविधा केंद्रों पर भी इस योजना के लिए पंजीकरण कराया जा सकता है। इसमें आशा कार्यकर्ता मदद करती हैं। 

 

आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम चलने वाली कुछ प्रमुख योजनाएं

 

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) 

आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से समय-समय पर सरकार नई-नई योजनाएं चलाती रहती है। इसी क्रम में महिलाओं के लिए आंगनबाड़ी योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की शुरुआत 1 जनवरी, 2017 को देश भर में गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं के कल्याण के लिए की गई है।

 

इस योजना के तहत लाभार्थियों को 5,000 रुपए दिए जाने का प्रावधान है। इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को सीधे उनके बैंक खाते में नकद लाभ प्रदान किया जाता है ताकि वे पोषक तत्व जैसे फल, साग सब्जी और दवाइयां को खरीद सकें। 

 

जननी सुरक्षा योजना

जननी सुरक्षा योजना राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत एक सुरक्षित मातृत्व कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य गरीब गर्भवती महिलाओं की अस्तपताल में सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देना है। 

 

इस योजना के तहत ग्रामीण इलाके की गर्भवती महिलाओं को 1,400 रुपये और शहरी क्षेत्र की महिलाओं 1,000 रुपये दिए जाते हैं। 

 

मिशन इंद्रधनुष 

भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 25 दिसंबर 2014 को ‘मिशन इंद्रधनुष’ की शुरुआत की थी। इन योजनाओं का लाभ भी आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य उपकेंद्रों के माध्यम से मिलता है। 

 

इस योजना का उद्देश्य उन बच्चों का टीकाकरण करना है, जो टीकाकरण से वंचित रह जाते हैं। इस टीकाकरण योजना में डिफ्थेरिया, बलगम, टिटनस, पोलियो, तपेदिक, खसरा तथा हेपेटाइटिस-बी रोकने जैसे सात टीके लगाए जाते हैं। 

 

 

इन योजनाओं के लिए जरूरी डाक्यूमेंट्स

 

  1. आधार कार्ड
  2. सरकारी अस्पताल द्वारा जारी डिलीवरी सर्टिफिकेट
  3. महिला का बैंक अकाउंट नंबर
  4. एमसीपी कार्ड (जच्चा-बच्चा कार्ड)
  5. बच्चे की जन्म प्रमाणपत्र
  6. प्रसव के दौरान अस्पताल द्वारा जारी दस्तावेज

 

नोट- मिशन इंद्रधनुष योजना के लिए किसी कागजात की जरूरत नहीं होती है, लेकिन अभिभावकों को जच्चा-बच्चा कार्ड जरूर बनवा लेना चाहिए। जिससे टीकाकरण का रिकॉर्ड रखा जा सके। 

 

संक्षेप में कहें तो आंगनबाड़ी केंद्र गांवों में बुनियादी स्वास्थ्य प्रदान करते हैं। इन केंद्रों पर महिलाओं और बच्चों की नियमित रूप से स्वास्थ्य की जांच, टीकाकरण, सफाई और स्वास्थ्य, बच्चों को प्री-स्कूल एजुकेशन की जानकारी दी जाती है। 

 

यदि आप ऐसी ही और जानकारी  चाहते हैं, तो हमारे अन्य ब्लॉग ज़रूर पढ़ें। ब्लॉग को शेयर करना न भूलें।  

✍️

लेखक- दीपक गुप्ता



यह भी पढ़ें



केन्द्र सरकार की योजनाएं की अन्य ब्लॉग