जानें, जैविक कृषि (organic farming) क्यों है ज़रूरी?

जानें, जैविक कृषि (organic farming) क्यों है ज़रूरी?

जैविक कृषि (organic farming) किसानों की आय और उनकी स्थिति को बेहतर बनाने में मदद करती है। इससे कृषि क्षेत्र को भी बल मिलता है। आइए, इस पर प्रकाश डालते हैं।

21 October 2020

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  • जैविक कृषि आज समय की मांग बन चुकी है। इसलिए हमारे किसान भाइयों को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। क्यों लेना चाहिए? तो इसका जवाब आपको इस ब्लॉग में मिल जाएगा। तो चलिए आप और हम मिलकर ये जानने का प्रयास करते हैं कि जैविक कृषि हमारे लिए क्यों ज़रूरी है और हमें इसे क्यों अपनाना चाहिए? 

     

    जैविक कृषि क्यों ज़रूरी है (Why organic farming is important)?

    हमारे देश में लंबे समय से कन्वेंशनल फार्मिंग की जा रही है। मतलब, एक ही तरीके से खेती-किसानी के कामों को अंजाम दिया जा रहा है। हमारे किसान भाई सालों से एक ही तरह की फसल ले रहे हैं। फसलों में केमिकल वाले फर्टिलाइज़र और पेस्टिसाइड्स का उपयोग कर रहे हैं। साथ ही जाने-अनजाने वे ये बात भी भूल चुके हैं कि इसका मानव स्वास्थ्य और मिट्टी के स्वास्थ्य पर कितना बुरा असर पड़ रहा है। कहीं न कहीं पूरे कृषि क्षेत्र को इससे नुकसान पहुंचा है। आज, हालात ऐसे हैं कि हमारे सामने कृषि से जुड़ी कई समस्याएं खड़ी हो चुकीं हैं। 

     

    • केमिकल फर्टिलाइज़र और पेस्टिसाइड्स ने खेतों को नुकसान पहुंचाया है।
    • मिट्टी का स्वास्थ्य बिगड़ा है और उसकी उपजाऊ क्षमता भी कम हुई है।
    • कृषि उत्पादकता में लगातार गिरावट आ रही है।
    • खाने वाली चीज़ों से पोषण गायब हो चुका है।
    • जैव विविधता पर बुरा असर पड़ा है।
    • हमारे खेतों का भविष्य खतरे में है।

     

    किसानों को जैविक कृषि (organic farming) को क्यों अपनाना चाहिए?

    मौजूदा समय में कृषि क्षेत्र में जो समस्याएं देखी जा रहीं हैं, जैविक कृषि के ज़रिए उनका हल निकाला जा सकता है। इसलिए किसानों को जैविक कृषि को अपनाना चाहिए। वहीं, इसके ढेरों लाभ भी हैं। 

    •  इससे लागत में कमी आती है।
    •  किसानों की आय बढ़ती है।
    •  बेहतर उत्पाद प्राप्त होते हैं।
    •  मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बढ़ती है।
    •  साथ ही किसान पर्यावरण संरक्षण में भी अपना योगदान दे पाते हैं।

     

     

    यही तो हमारे किसान भाई चाहते हैं। अब एक बड़ा दृष्टिकोण अपनाते हैं और किसानों के जीवन में जैविक कृषि के प्रभावों को समझने का प्रयास करते हैं।

    जैविक कृषि के लिहाज़ से तीन आयाम बेहद अहम हैं। पहला सामाजिक, दूसरा आर्थिक और तीसरा पर्यावरणीय। आइए सिलसिलेवार तरीके से इन्हें समझते हैं।

     

    सामाजिक लाभ :

    जैविक कृषि में स्थानीय संसाधन बहुत मायने रखते हैं। यदि हम ग्रामीण इलाकों में रोज़गार की दृष्टि से इसे देखें, तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। सबसे बड़ी बात, वहां मज़दूर आसानी से मिल जाते हैं। साथ ही जिस गति से उद्यमिता (entrepreneurship) को बढ़ावा मिल रहा है, उसका सीधा फ़ायदा ग्रामीणों को ही मिलता है। स्थानीय लोग गांवों में रहकर ही काम कर सकते हैं और उन्हें पलायन भी नहीं करना पड़ता है। इससे ग्रामीण रोज़गार को बल मिलता है और गांवों की सामाजिक स्थिति भी सुधरती है।

     

    आर्थिक लाभ :

    आर्थिक दृष्टि से भी जैविक कृषि बहुत महत्वपूर्ण है। चूंकि यह लंबे समय तक की जा सकती है, छोटे किसानों के लिए यह एक बेहतर विकल्प है। उन्हें फर्टिलाइज़र और पेस्टिसाइड्स आदि पर खर्च नहीं करना पड़ता है। ईंधन व अन्य महंगे आदानों (inputs) पर भी निर्भरता नहीं रहती है, जिसके चलते लागत में स्वतः कमी आ जाती है। इसके अतिरिक्त जैविक उत्पादों की उपभोक्ताओं के बीच बढ़ती मांग के चलते किसान अपने उत्पाद बेहतर दामों में बेच सकते हैं। क्यों, है ना फ़ायदे का सौदा?

     

    पर्यावरणीय लाभ:

    जैविक कृषि से पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है, बल्कि पर्यावरण को इसका लाभ मिलता है। मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर होती है और जीवों के प्राकृतिक आवास बने रहते हैं। खेतों में किसी भी प्रकार के केमिकल का उपयोग नहीं होता है, जिसके चलते पर्यावरण प्रदूषित नहीं होता। इससे जैव विविधता को भी बल मिलता है।

     

    उम्मीद है कि इस ब्लॉग ने जैविक कृषि को लेकर आपके मन में उठने वाले कई सवालों के जवाब दिए होंगे। यदि आप जैविक कृषि पर अधिक जानकारी चाहते हैं, तो आप हमारे ब्लॉग “जानें, जैविक कृषि की तकनीकों (organic farming techniques) को” अवश्य पढ़ें। 



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