मृदा परीक्षण से बदलेगी खेतों की तस्वीर

मृदा परीक्षण से बदलेगी खेतों की तस्वीर

इस ब्लॉग को पढ़ने के बाद आप जानेंगे, मृदा परीक्षण से पता चलता है भूमि में कौन से तत्वों की कमी है और इस अवगुण को कैसे दूर करें।


जैसा कि हम सभी जानते हैं कि मिट्टी की उत्पादन क्षमता उसकी उर्वराशक्ति पर निर्भर करती है। पौधे अपने विकास के लिए आवश्यक पोषक तत्वों को मिट्टी से ही प्राप्त करते हैं। पौधों में इन पोषक तत्वों की आवश्यकता फसल की किस्मों पर निर्भर करती है। इन तत्वों की सही मात्रा होने पर ही अच्छी उपज मिल सकती है। 

 

अतः किसानों को मिट्टी की उर्वराशक्ति के प्रबंधन के लिए उपलब्ध पोषक तत्वों के प्रकार एवं मात्रा की जानकारी होनी चाहिए। 

 

आइए इस ब्लॉग में जानें कि मृदा परीक्षण क्या है और यह क्यों जरूरी है। 

 

मृदा परीक्षण क्या है? (What is soil testing)

 

साधारण भाषा में कहें तो मृदा परिक्षण किसी मिट्टी की रासायनिक जाँच होती है। इससे भूमि में मौजूद पोषक तत्वों की मात्रा के बारे में जानकारी प्रदान की जाती है।

 

मृदा परीक्षण कराने से भूमि में कौन से तत्वों की कमी है इसका आसानी से पता चल जाता है। फसलों के सही विकास के लिए मृदा परिक्षण करना जरुरी होता हैं। 

 

मृदा को पोषक तत्वों का भंडार माना जाता है। यह पौधों को सीधे खड़ा रहने में मदद करती है। आमतौर पर मृदा में कार्बन, हाइड्रोजन, आक्सीजन, नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटॉश, कैल्सियम, मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। 

 

मृदा परीक्षण क्यों जरुरी हैं? (Why are soil tests necessary)

 

  • उर्वरा शक्ति की जांच करके फसलों को पोषक तत्व प्रदान करना।
  • उर्वरक व खाद का प्रयोग कब और कैसे करें इस बात की जानकारी प्रदान करता है।
  • यह भूमि को कृषि योग्य बनाने में मदद करता है। 
  • खासतौर पर फलों के बागान के लिए मृदा परीक्षण जरुरी माना जाता है। 

 

मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना क्या हैॽ (What is soil health card scheme)

 

19 फरवरी, 2015 को राजस्थान के श्रीगंगानगर में मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड योजना की शुरुआत की गई थी। 

 

इस योजना की टैगलाइन है "स्वस्थ धरा, खेत हरा - स्वस्थ पृथ्वी, हरा खेत"

 

मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड के अंतर्गत 12 पैरामीटर होती है। जिसमें pH, EC, जीवांश कार्बन, नाइट्रोजन, फास्फेट, पोटाश, गंधक, जस्ता, लोहा, ताँबा, मैगनीज एवं बोरॉन की जाँच की जाती है।

 

मृदा स्वास्थ्य कार्ड का उपयोग मृदा स्वास्थ्य की वर्तमान स्थिति का आकलन करने के लिए किया जाता है। 

 

मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना (Soil Health Card Scheme)

 

मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना (SHC) कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के तहत कृषि और सहकारिता विभाग द्वारा प्रवर्तित भारत सरकार की एक योजना है। यह सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के कृषि विभाग के माध्यम से कार्यान्वित किया जा रहा है।

 

मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना किसानों के लिए बहुत ही लाभकारी योजना है। भारत में कई किसान हैं, जो यह नहीं जान पाते कि उन्हें किस प्रकार की फसलें उगानी चाहिए ताकि अधिकतम उपज प्राप्त हो सके। मूल रूप से, वे अपनी मिट्टी की गुणवत्ता और प्रकार नहीं जान पाते हैं।  

 

इस जाँच के माध्यम से किसान जान सकते हैं कि कौन सी फसलें उगती हैं और कौन सी फसलें खराब होती हैं। लेकिन वे नहीं जानते कि मिट्टी की स्थिति को सुधारने के लिए वे क्या कर सकते हैं।

 

मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड योजना संबंधित महत्वपूर्ण बिन्दु (Important points related to soil health card scheme)

 

  • मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना (Soil Health Card scheme) के अंतर्गत सभी ग्रामीण युवा एवं किसान जिनकी आयु 40 वर्ष तक है, मृदा परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना एवं नमूना परीक्षण कर सकते हैं।
  • मिट्टी के स्वास्थ्य की जांच के लिए इस योजना का लाभ उठाया जा सकता है।
  • इस योजना के अनुसार किसानों को उनकी फसल और मिट्टी के बारे में बताया जाता है।
  • आप हर 3 वर्ष में यह कार्ड बनवा सकते हैं।
  • अच्छी फसल की पैदावार के लिए यह योजना बहुत फायदेमंद है और यह देश की उन्नति के लिए भी कारगर है।
  • साल 2015 में फरवरी महीने में करीबन 84 लाख किसानों ने इस योजना का लाभ उठाया था।
  • मृदा परीक्षण योजना पोषक प्रबंधन परंपराओं को बढ़ावा देने के लिए जिला और राज्य स्तरीय कर्मचारियों के साथ-साथ प्रगतिशील किसानों की क्षमता निर्माण करता है।

 

मृदा नमूना एकत्र करने की विधि क्या हैॽ (What is the method of collecting soil sample)

 

मृदा नमूना एकत्र करने की विधि निम्न हैं।

  1.  मृदा के ऊपर की घास-फूस साफ करें।
  2.  भूमि की नीचे की मिट्टी खोदकर एकत्रित कर लें।
  3.  अब दो नमूनों को लें, फिर उन पर किसान का नाम, गाँव का नाम, खेत की पहचान, खसरा संख्या, आधार नम्बर, मोबाइल नम्बर, क्षेत्रफल, विकास खण्ड का नाम, तहसील का नाम, जनपद का नाम आदि अवश्य लिखें। एक लैबिल थैली के अन्दर एवं एक थैली के ऊपर बाँध दें।
  4.  कृषि विभाग को मृदा नमूना भेजते समय यह भी अंकित करना आवश्यक है कि खेत में कौन-सी फसल ली जानी है, ताकि उसी के अनुसार उर्वरक की संस्तुति की जा सकें।

 

किसान मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड का उपयोग कैसे करें? (How to use Kisan Soil Health Card)

 

स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड में मिट्टी की पोषक तत्वों की कमी या अधिकता का उल्लेख होता है। कार्ड आवश्यक विभिन्न पोषक तत्वों की कमियों को बताता है। इसके अलावा, यह किसान को उर्वरकों और उनकी मात्रा को लागू करने की सलाह देता है।

 

मृदा स्वास्थ्य कार्ड में किसान के खेत की मृदा जांच करने के बाद पोषक तत्वों की स्थिति के आधार पर रसायनिक उर्वरक, कार्बनिक खाद एवं जैव उर्वरक प्रयोग करने की सलाह दी जाती है।  इससे फसलों की सही ग्रोथ में मदद मिलती है।  इसके अलावा कार्ड में किसानों को उर्वरकों और उसकी मात्रा के बारे में जानकारी दी जाती है। 

सॉइल हेल्थ कार्ड कैसे बनवाएं (How to get a Soil Health Card)

 

सॉइल हेल्थ कार्ड बनवाने के लिए नीचे दिए गए नियमों का पालन करें।

 

  1. सॉइल हेल्थ कार्ड बनवाने के लिए https://soilhealth.dac.gov.in/ लिंक पर जाएँ।
  2. होम पेज पर आपको Login के ऑप्शन पर क्लिक करें।
  3. क्लिक करने के बाद आपके सामने जो पेज खुलेगा उसमें अपना राज्य चुनें।
  4. उसके बाद Continue के बटन पर क्लिक करें। 
  5. क्लिक करते ही लॉगिन फॉर्म खुल जायेगा इसमें आपको नीचे New Registration के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।
  6. जिसके बाद आपको रजिस्ट्रेशन फॉर्म में आपको अपनी सभी जानकारी भरें। 
  7. जानकारी भरने के बाद आपको Submit के बटन पर क्लिक करें।

 

किसानों के लिए क्यों फ़ायदेमंद है मृदा परीक्षण? (Why soil testing is beneficial for farmers)

 

मृदा हेल्थ कार्ड से खेतों में पोषक तत्वों की कमी के बारे में किसानों को सही जानकारी मिलती है।

 

इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि अगर मिट्टी में बदलाव होते हैं तो किसानों को उसके बारे में जानकारी दी जाती है जिससे वे इसके लिए समय रहते काम कर सकें। सही गुणवत्ता मालूम होने से किसानों को सही फसल उगाने में मदद मिलती है। 

 

वैज्ञानिकों का भी मानना है कि आने वाले अगले 10 सालों में भोजन की कमी हो सकती है जिसके लिए मृदा परीक्षण योजना बहुत फायदेमंद है।

 

मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना एक दृष्टि में

 

मुख्य बिन्दु

स्कीम

    योजना का नाम

    मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना

    किसके द्वारा शुभारंभ किया गया

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

    शुभारंभ की तिथि

    19 फरवरी 2015

   किस मंत्रालय के अंतर्गत है यह         योजना

    कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय

    लक्षित समूह

    किसान

    उद्देश्य

    इस योजना का उद्देश्य मृदा परीक्षण आधारित और उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देना है ताकि किसानों को कम लागत पर अधिक पैदावार का एहसास हो सके। इसके अलावा, मुख्य उद्देश्य उत्पादकों को मिट्टी की गुणवत्ता के आधार पर संबंधित फसल के लिए उचित मात्रा में पोषक तत्वों की जानकारी देना है।

योजना का टैगलाइन

"स्वस्था धरा, खेत हरा" - "स्वस्थ पृथ्वी, हरा खेत"

आधिकारिक बेवसाईट

 soilhealth.dac.gov.in

 

 

संक्षेप में कहें तो इस योजना से किसान मिट्टी प्रबंधन की गुणवत्ता का अध्ययन कर सकते हैं। जिसके अनुसार वे अपनी फसलों और भूमि के भविष्य की योजना भी बना सकते हैं।



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