कृषि मशीनरी से लाभ : सामाजिक जीवन भी बेहतर

कृषि मशीनरी से लाभ : सामाजिक जीवन बेहतर

हमारे देश में खेती और सामाजिक व्यवस्था का तानाबाना परम्परागत रहा है। लेकिन अब आधुनिक मशीनों से किसानों का जीवन स्तर पहले की तुलना में काफी बेहतर हो रही है।

08 October 2020

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  • क्या आपने कभी यह सोचा है, गाँवों में समृद्धि लाने के लिए क्या-क्या जरूरी है? गाँव में सड़कों का होना, पेयजल, बिजली और स्वास्थ्य सुविधाओं की समुचित व्यवस्था होना। इन मूलभूत चीजों के अलावा भी कुछ चीजें होती हैं, जिससे हमारा गाँव समृद्धि और खुशहाल होता है। वो है किसानों को अच्छी बीज, खाद, सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता। 

     

    लेकिन आधुनिक दौर में इस समृद्धि और खुशहाली लाने में कृषि मशीनीकरण (farm mechanisation) का भी महत्वपूर्ण योगदान है। 

     

    आधुनिक कृषि मशीनों के उपयोग से किसानों के जीवन में बदलाव आ रहा है। उनका जीवन स्तर पहले की तुलना में खुशहाल और बेहतर हो रहा है।

     

    तो आइए इस ब्लॉग में जानें कि मशीनीकरण से किसानों के जीवन में क्या बदलाव आ रहा है।

     

    महिलाओं की स्थिति में सुधार (Improvement in the status of women)

     

    जैसा कि हम सभी जानते हैं कृषि के कामों में महिलाएं पुरूषों के साथ कंधा से कंधा मिलाकर चौबीसों घंंटे काम कर रही हैं। लेकिन अभी तक खेती-बाड़ी में उपयोग होने वाले ज्यादातर औज़ार और मशीनें पुरुषों के ही अनुकूल थे। अधिकतर मशीन महिलाओं की कार्य क्षमता के अनुकूल नहीं थी।

     

    लेकिन महिलाओं की सहभागिता को देखते हुए कृषि उपकरण अब महिलाओं के अनुकूल बनाई जा रही है। जिससे उन्हें खेती के कामों को करने में आसानी हो रही है। 

     

    एक समय था जब महिलाएं हल, ट्रैक्टर इत्यादि चलाने में झिंझकती थी। परन्तु अब आधुनिक कृषि उपकरणों का निर्माण महिला श्रमिकों की कार्य क्षमता के आधार पर किया जा रहा है। जिनका उपयोग महिलाएं सरलता और सहजता से कर रही हैं।

     

    एक आँकड़े के मुताबिक देश के कुल कृषि श्रमिकों में करीब 37 प्रतिशत महिलाएं हैं। जो 2022 तक महिला श्रमिकों की भागीदारी बढ़कर 45 प्रतिशत होने की संभावना है, क्योंकि ज्यादातर पुरुष खेती के कामों को छोड़कर शहरों की तरफ पलायन कर रहे हैं। ऐसे में भविष्य में महिलाएं ही कृषि में प्रमुख भूमिका निभाएंगी।


    किसानों के आर्थिक और सामाजिक जीवन में सुधार (Improvement in economic and social life of farmers)

     

    फार्म मशीनीकरण से किसानों को आर्थिक और सामाजिक लाभ मिल रहा है। जैसा कि हम सभी जानते हैं, 1960 से पहले हमारे देश की कृषि पिछड़ी अवस्था में थी। खेती-किसानी पुराने उपकरणों से की जाती थी। 

     

    परन्तु 1960 के बाद कृषि में मशीनीकरण का प्रयोग तेजी से होने लगा है। उत्पादन में वृद्धि हुई है। आप भी जानते हैं जब किसानों के पास पसीने की कमाई का पैसा उनके घर आता है तो उन्हें कितनी खुशी मिलती है। जैसे-जैसे आय में बढ़ोत्तरी होती है, वैसे-वैसे आर्थिक हालत सुधारते हैं और सामाजिक जीवन बेहतर होता है।  

     

    जीडीपी में कृषि की हिस्सेदारी बढ़ाने में योगदान (Contribution to increase agriculture's share in GDP)

     

    मौजूदा समय में कृषि राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 14 प्रतिशत से अधिक का योगदान है। लगभग 40 प्रतिशत श्रमिकों को आजीविका कृषि क्षेत्र से मिलता है। मशीनों का कृषि जीडीपी को बढ़ाने में अहम योगदान है। 

     

    कृषि बन रही है युवाओं की पसंद (Agriculture is becoming the choice of youth)

     

    आज के इस आधुनिक दौर में किसानों के लिए खेती करना आसान और सरल है। अभी तक कृषि को एक मेहनत वाला काम समझा जाता था। चाहे वह खेत की जुताई हो या कटाई या सिंचाई। लेकिन खेती के सभी काम में अब विभिन्न प्रकार के आधुनिक मशीनों का उपयोग हो रहा है। 

     

    एक दौर था जब कृषि उपकरण का इस्तेमाल करना तो दूर किसान इसके बारे में जानते भी नहीं थे। लेकिन अब किसान हर मौसम में आधुनिक मशीन का उपयोग कर रहे हैं। 

     

    यही कारण है कि आज युवाओं का भी रुझान खेती की ओर है। अब ऐसा लगता है कि वह दिन दूर नहीं जब खेती एक आकर्षक व्यवसाय होगी। 

     

    ग्रामीण जीवन में सुधार (Improve rural life)

     

    खेती में मशीनों का उपयोग होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आमूलचूल परिवर्तन आया है। खेती में किसानों को पहले ज्यादा समय लगता था। एक समय में एक ही काम कर पाते थे, लेकिन अब मशीनीकरण के बाद काफी सहुलियत है। 

     

    किसान सही समय पर खेती कर पाने में सक्षम हैं। अब वे अपने फसल को उपयुक्त जलवायु और समय के अनुसार खेती कर पाते हैं। 

     

    मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा (Protection of human health)

     

    पहले किसानों को ठंडी, गर्मी और बरसात में नहीं चाहते हुए भी खेती का काम करना पड़ता था। लेकिन अब ऐसा नहीं है, आजकल बाजार में ऐसे किट आ चुके हैं जिसका उपयोग कर किसान कृषि कार्य आसानी से कर सकते हैं। अब उन्हें रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग करने के लिए कई मशीनें उपलब्ध हैं जिससे उन्हें सीधे हाथों से छिड़काव नहीं करना पड़ता।

     

    ज्यादातर किसान खतरनाक कामों को मशीनों की सहायता से कर रहे हैं। जिससे उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर नहीं होता। अतः हम लोग कह सकते हैं कि मशीन के उपयोग से लोगों की स्वास्थ्य में भी सुधार हुआ है। 

     

    आधुनिकता की ओर कृषक समाज (Peasant society towards modernity)

     

    मशीनीकरण से आधुनिकता गाँवों में भी देखने को मिल रही है। ग्रामीण परिवेश में बदलाव आ रहा है। अब गाँवों में पर्याप्त संख्या में कृषि उपकरण उपलब्ध हैं।  ग्रामवासियों के जीवन स्तर बढ़ाने में आधुनिक मशीनें काफी मददगार साबित हो रही हैं। 


    संक्षेप में कहें तो नई तकनीक द्वारा कृषि उत्पादकता में अत्यधिक वृद्धि हुई है जिससे आज का भारत खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर है। जिससे भारत हर गाँव समृद्ध और किसान हो खुशहाल हो रहा है।

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