जैविक खेती (organic farming): एक परिचय

जैविक कृषि (organic farming): एक परिचय

जैविक कृषि (organic farming) भारतीय कृषि क्षेत्र को नए सिरे से परिभाषित कर रही है। आज इस ब्लॉग के ज़रिए हम जैविक कृषि और उसकी स्थिति पर प्रकाश डालेंगे।

17 October 2020

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  • भारतीय कृषि ने कई दौर देखे हैं। खाद्यान्न संकट की चुनौतियां देखी हैं, तो कृषि क्रांति का सुनहरा दौर भी। समय और परिस्थितियों के अनुरूप हमारी कृषि में कई बदलाव आए हैं और इसके सार्थक परिणाम भी हासिल हुए हैं। लेकिन आज भारतीय कृषि के सामने कई अन्य चुनौतियां हैं, जिनका जवाब मात्र जैविक कृषि (organic farming) ही दे सकती है। मौजूदा हालातों पर गौर करें, तो जैविक कृषि (organic farming) आज भारत की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है। तो आइए, इस ब्लॉग के ज़रिए जैविक कृषि (organic farming) पर प्रकाश डालते हैं। लेकिन उससे पहले संक्षेप में यह जान लेते हैं कि जैविक कृषि आख़िर है क्या? 


    क्या है जैविक कृषि (what is organic farming):


    यह कृषि की एक ऐसी तकनीक है जिसमें महज़ जैविक तत्वों का ही उपयोग किया जाता है। इस तरह की कृषि में केमिकल आधारित फर्टिलाइज़र और कीटनाशकों की बिल्कुल जगह नहीं होती है। इसमें गोबर के खाद, कम्पोस्ट, जैविक कीटनाशकों आदि का उपयोग किया जाता है। साथ ही इसमें फसल चक्र का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है। सरल शब्दों में कहें तो जैविक कृषि एक ऐसी तकनीक है, जिसमें मिट्टी के प्राकृतिक गुणों को बरकरार रखते हुए बेहतर फसल ली जाती है।

     

     

    जैविक कृषि का उद्देश्य (Objectives of Organic Farming):

     

    •  पोषक तत्वों से भरे खाद्यान्नों का उत्पादन।
    •  मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरता को बनाए रखना।
    •  जैव विविधता को बढ़ावा देना।
    •  प्राकृतिक तरीके से कीटों की रोकथाम करना। 
    •  गलत कृषि पद्धतियों से पर्यावरण को होने वाले नुकसान को रोकना।
    •  बेहतर उत्पादों के ज़रिए किसानों की आय में वृद्धि करना।
    •  किसानों की स्थिति में सुधार कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना।

     

    भारत में जैविक कृषि की स्थिति (Current scenario of organic farming in India):

     

    जैविक कृषि (organic farming) से भारत का नाता सदियों पुराना है। हालांकि कई अनचाही परिस्थितियों और आवश्यकताओं के चलते बीते कुछ दशकों में हमारी सरकारों और किसानों को इस प्राचीन पद्धति से थोड़ी दूरी बनानी पड़ी है। लेकिन आज यही जैविक कृषि भारत की प्राथमिकता बन चुकी है।

     

    एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान समय में विश्व के 30 प्रतिशत जैविक कृषि (organic farming) के उत्पादक भारत से ही हैं। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि भारत करीब 20 से भी अधिक श्रेणियों में 300 से ज़्यादा जैविक उत्पाद निर्यात (export) करता है। हालांकि, यदि हम क्षेत्रफल के लिहाज़ से जैविक कृषि की स्थिति पर गौर करें, तो यह आंकड़ा महज़ 2.59 प्रतिशत ही है। लेकिन अच्छी बात ये है कि जैविक उत्पादों के क्षेत्र में हम साल दर साल बढ़त हासिल कर रहे हैं, जो कि सराहनीय है।

     

    सिक्किम को है जैविक कृषि (organic farming) में बादशाहत:

     

    भले ही देश के कई हिस्सों में जैविक कृषि की जाती हो, मगर सिक्किम को इसमें बादशाहत हासिल है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि सिक्किम देश का पहला ऐसा राज्य है जहां 100 प्रतिशत जैविक खेती की जाती है। इस उपलब्धि के लिए सिक्किम को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया है।

     

    यह सबकुछ सुनकर गर्व का एहसास हो रहा है ना? होना भी चाहिए। लेकिन इस दौरान हमें यह भी ध्यान रखना है कि जैविक कृषि के क्षेत्र में हमारी ये उपलब्धि महज़ किसी एक राज्य तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। यदि हमें एक स्वस्थ और समृद्ध भारत का निर्माण करना है, तो देश के हर राज्य में किसानों को जैविक कृषि को अपनाना होगा।  

     

    उम्मीद है कि आपको हमारा यह ब्लॉग पसंद आया होगा। यदि आप जैविक कृषि के बारे में और अधिक जानना चाहते हैं, तो हमारे ब्लॉग जानें, जैविक कृषि के विभिन्न तरीकों के बारे मेंअवश्य पढ़ें। 

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