मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना से बढ़ेगी सौर ऊर्जा (solar power)

मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना से बढ़ेगी सौर ऊर्जा (solar power)

सिंचाई (Irrigation) की कमी को दूर करने और सौर ऊर्जा (Solar power) को बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में मुख्यमंत्री सोलर पम्प योजना शुरू की गई।


हमारे देश में कई ऐसी योजनाएं हैं, जिन्हें किसानों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसी कड़ी में एक योजना मध्यप्रदेश में लागू की गई मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना भी है। किसानों की सिंचाई (Irrigation) संबंधी मुश्किलों को दूर करने के लिए इस योजना को लागू किया गया है। आज हम अपने ब्लॉग में इसी योजना पर प्रकाश डालेंगे और हमारे किसान भाइयों को ये भी बताएंगे कि यह योजना उनके कैसे काम आ सकती है। तो चलिए, आगे बढ़ते हैं और योजना को समझते हैं। 

 

क्या है मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना:

 

राज्य में सिंचाई संबंधी परेशानियों को दूर करने के लिए तथा सोलर पावर (Solar power) के उपयोग को गति देने के लिए प्रदेश में मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना की शुरुआत की गई है। इसके तहत किसानों को सरकारी सब्सिडी (Government subsidies) पर सोलर पंप (Solar pump) दिए जा रहे हैं। अच्छी बात ये है कि किसानों को यह पंप बहुत ही सस्ते दामों में उपलब्ध होंगे और सरकार उन्हें आर्थिक मदद भी प्रदान करेगी। आगामी 5 वर्षों में तकरीबन 2 लाख सोलर पंप लगाने का लक्ष्य रखा गया है। आपको बता दें कि अब तक हज़ारों किसान इस योजना (Scheme) का लाभ ले चुके हैं।

 

 

कैसे आएगी यह योजना किसानों के काम:

 

इस योजना (Scheme) के तहत किसानों की ज़मीन पर सोलर पंप (Solar pump) लगाए जाएंगे। साथ ही सोलर पैनल भी लगेंगे, ताकि उनसे बिजली पैदा की जा सके। चूंकि सोलर पैनल से ही बिजली का उत्पादन होगा, किसानों को अलग से कोई बिजली का कनेक्शन नहीं लेना पड़ेगा। इस योजना के ज़रिए किसान खुद ही अपने खेतों के लिए बिजली उत्पन्न कर सकेंगे और वे बड़ी आसानी से खेतों की सिंचाई (Irrigation) को अंजाम दे पाएंगे।  

 

क्या है इस योजना का उद्देश्य:

 

किसानों की परेशानियों को दूर करने के अलावा यह योजना (Scheme) उनकी आमदनी भी बढ़ा रही है। जो किसान इस योजना का लाभ ले रहे हैं उन्हें बिजली के भारी-भरकम बिलों से भी छुटकारा मिल रहा है। साथ ही यह योजना राज्य में अक्षय ऊर्जा (Renewable energy) को बढ़ावा देने में भी मदद कर रही है।

 

किसानों को होने वाले फायदे:

 

इस योजना से किसानों को बहुत सारे फायदे मिलेंगे, जो न सिर्फ उनकी वर्तमान स्थिति को सुधारने में मददगार साबित होंगे बल्कि उनके लिए एक बेहतर कल की नींव भी रखेंगे। इस योजना से होने वाले फायदों को कुछ इस तरह से समझा जा सकता है-

 

  •   सोलर पंपों के लगने से भू-जल संरक्षण में मदद मिलेगी।
  •   कम पानी में बेहतर उपज हासिल की जा सकेगी।
  •   उत्पादन क्षमता को बढ़ाया जा सकेगा।
  •   डीज़ल पम्पों के चलन में कमी आएगी।
  •   पर्यावरण संरक्षण (Environment protection) भी संभव होगा।
  •   हमारे किसान भाइयों को बिजली के बिल नहीं भरने होंगे।
  •   वहीं, बिजली चोरी को भी रोका जा सकेगा।
  •   बागवानी (Gardening) को बढ़ावा मिलेगा।
  •   बंजर भूमि पर भी लहलहाती फसलें देखी जा सकेंगी।
  •   इससे सिंचाई (Irrigation) क्षेत्र का दायरा बढ़ाया जा सकेगा।

 

 किन किसानों को मिलेगा इस योजना का लाभ:

 

  •   इसका लाभ उन किसानों को मिलेगा जिनके पास खेती के लिए अपनी ख़ुद की ज़मीन होगी।
  •   उनके पास सिंचाई के लिए एक स्थाई स्रोत भी होना चाहिए।
  •   साथ ही उनके लिए मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) का स्थाई निवासी होना भी अनिवार्य होगा।

 

योजना से जुड़ी अन्य ज़रूरी बातें:

 

  •   सोलर पंप (Solar pump) लगाने के लिए मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड से सहमति लेनी पड़ेगी।
  •   आपको ये भी बता दें कि योजना के तहत मिलने वाले लाभ को आप किसी दूसरे व्यक्ति को ट्रांस्फर नहीं कर सकते हैं।
  •   सोलर पम्प निश्चित जगह पर ही लगाए जा सकेंगे।  
  •   वहीं, आप इस पम्प को किसी अन्य व्यक्ति को बेच भी नहीं सकते हैं।
  •   इस पम्प का उपयोग सिर्फ़ और सिर्फ़ सिंचाई (Irrigation) के लिए किया जा सकता है।    

 

उम्मीद है कि आपको यह ब्लॉग पसंद आया होगा और आप इस योजना (Scheme) को समझ भी पाए होंगे। यदि आप इस योजना पर और अधिक जानकारी चाहते हैं और सोलर पम्पों की क्षमता आदि को समझना चाहते हैं, तो आप हमारा अगला मध्यप्रदेश की सोलर पंप योजना के लिए ऐसे करें आवेदन ज़रूर पढ़ें।  



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